Monday, 3 July 2017

रायपुर : सचिव ने किया संस्कृति एवं पुरातत्व संचालनालय का निरीक्षण

रायपुर, 03 जुलाई 2017


राज्य शासन के पर्यटन, संस्कृति और पुरात्व विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने आज यहां संस्कृति एवं पुरातत्व संचालनालय का निरीक्षण किया। उन्होंने संचालनालय परिसर में स्थित महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय, गढ़ कलेवा, गढ़ हटरी और संचालनालय की शाखाओं में पहुंचकर वहां पर कामकाज की जानकारी ली। इस अवसर पर संचालनालय के अधिकारी मौजूद थे। 
सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने निरीक्षण के दौरान महंत घासीदास संग्रहालय में रखी गई महत्वपूर्ण पुरातत्वीय महत्व की मूर्तियों, कला कृतियों और महत्वपूर्ण चीजों के बारे में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। श्रीमती सिंह ने संग्रहालय की साफ-सफाई तथा अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसी प्रकार से संग्रहालय परिसर में संचालित छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के बिक्री केन्द्र गढ़कलेवा का भी निरीक्षण किया। गढ़कलेवा संचालित करने वाली मोनिषा महिला स्व सहायता समूह की संचालिका श्रीमती सरिता शर्मा से जानकारी ली। श्रीमती सिंह ने संस्कृति विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गढ़कलेवा में पॉलीथिन का उपयोग नहीं किया जाए। उन्होंने वहां पर बैठने के लिए बांस से बनी कुर्सियां की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। गढ़कलेवा में साफ-सफाई रखने पर विशेष जोर दिया। परिसर में स्थित गढ़ हटरी में निरीक्षण के दौरान पर्यटन विभाग के सूचना केन्द्र का भी निरीक्षण किया। कला, पुरातत्व विक्रय केन्द्र का निरीक्षण करते हुए कला कृतियों के बिक्री की भी उन्होंने जानकारी ली। संस्कृति सचिव ने अधिकारियों से कहा कि राज्य की विभिन्न ऐतिहासिक एवं पुरातत्व के महत्व के स्थानों के बारे साहित्य तैयार करने में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग का भी सहयोग लिया जाए। संस्कृति सचिव ने हमर छत्तीसगढ़ योजना के अंतर्गत अध्ययन भ्रमण पर आने वाले पंचायत एवं सहकारिता के प्रतिनिधियों को संग्रहालय का अवलोकन कराने कहा और राज्य के विभिन्न पुरातात्विक एवं ऐतिहासिक महत्वपूर्ण स्थलों, कलाकृतियों की वीडियो क्लीपिंग तैयार कर हमर छत्तीसगढ़ परिसर में प्रतिनिधियों को दिखाने के भी निर्देश दिए। संचालनालय परिसर में स्कूली छात्र-छात्राओं का वर्कशॉप आयोजित कर पुरात्वत्व, संस्कृति का महत्वपूर्ण जानकारी देने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर संस्कृति संचालक श्री आशुतोष मिश्रा, उप संचालक राहुल सिंह, श्री प्रताप पारख सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। 

क्रमांक-1433/चौधरी

रायपुर : कार्यभारित और आकस्मिकता से वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 लागू : वित्त विभाग द्वारा परिपत्र जारी

रायपुर, 03 जुलाई 2017

राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ कार्यभारित तथा आकस्मिकता से वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए एक जनवरी 2016 से लागू वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 में नियत वेतन संरचना के अंतर्गत वेतन निर्धारण के संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए है। वित्त विभाग ने इस संबंध में विगत एक जुलाई को मंत्रालय (महानदी भवन) से अध्यक्ष राजस्व मण्डल बिलासपुर सहित सभी विभागाध्यक्षों, संभागीय कमिश्नरों और जिला कलेक्टरों को परिपत्र जारी कर दिया है। छत्तीसगढ़ कार्यभारित तथा आकस्मिकता से वेतन पाने वाले कर्मचारी वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के अंतर्गत नियमित वेतन का भुगतान माह जुलाई 2017 का वेतन (अगस्त 2017 को देय) से प्रारंभ किया जाएगा और एक जनवरी 2016 से 30 जून 2017 तक के बकाया वेतन के भुगतान के संबंध में पृथक से निर्णय लिया जाएगा। इस संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश वित्त विभाग की वेबसाइट www.cgfinance.nic.in (डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडाटसीजीफाइनेंशडाटएनआईसीडाटइन) पर अपलोड कर दिया गया है। 

क्रमांक-1434/काशी

Case of carrying school student's dead body on push cart : Chief Minister takes matter into serious consideration

Instructions to make necessary improvements in the system of hospital
Raipur, 3 July 2017
Chief Minister Dr Raman Singh has seriously considered the incident of father carrying his daughter's dead body on push cart to bus stand, as medical college hospital of Rajnandgaon fails to provide hearse. He directed the Rajnandgaon district administration to review the system of medical college hospital and make necessary improvements in the facilities. Dr Singh said that Dr Singh has initiated Muktanjali scheme, under which government hospitals have been allotted 60 hearse ambulances, so that the dead bodies can be respectfully transported to their houses free of cost. Besides, Jeevan Deep committees have also been engaged with public participation in government district hospitals and community health centres. Patients are provided basic facilities through these committees. Chief Minister has also directed all the district collectors to regularly review the work and management of government hospitals, and also to ensure that the meetings of jeevan deep committees are regularly organized. Taking the matter into serious consideration immediately, Collector of Rajnandgaon called meeting of the officials concerned. He ordered SDM to ensure detailed investigation of the matter and appointed a deputy collector to continuously monitor the quality of services provided at medical college 
hospital.
number-1431/Swarajya/Sana

34, 000 differently-abled students to benefit from enhanced scholarships : New slabs declared first time after formation of State

 Social Welfare Department issues new guidelines                            
Raipur, 03 July 2017

The State Social Welfare Department officials announced the new scholarships slabs for differently able students on the directives of Chief Minister Dr. Raman Singh. The new plan includes the State and Central Government scholarships. About 34 thousand students from Standard-1 to Standard -XII will benefit from the new scholarships. This is the first time after the formation of Chhattisgarh that new slabs of scholarships were declared.  The students of Pre-Matric scholarships will be allotted to students of 9-10 standard under the Central Government plan and the Post-Matric students scholarship will be given to the students of 11-12 Standard. The Post-Matric Scholarships will be awarded to students of I.T.Is, Polytechnic college students of Diploma courses, medical colleges students, Technical education, graduation students of Arts, commerce and Science.
Chief Minister Dr. Raman Singh expressed his satisfaction for the Department's efforts to streamline and announce the new slabs of scholarships for physically handicapped students. The Social Welfare Department officials had decided to implement the new scholarships rates immediately. Social Welfare Department Minister Mrs. Ramsheela Sahu instructed the officials to implement it as soon as possible. Secretary of the Department Mr. Sonmani Bora said that this is the first time that new scholarships were being introduced after the formation of State 16 years ago. The Central Government is also sensitive to the needs of the deprived sections of the society.
Mr. Bora said that circulars had been issued to all the Department officials, District Collectors, Chief Executive Officers of District Panchayats, District Education Officers, officials of Nagar panchayats for prompt implementation. The officials said that the Chhattisgarh students should have 40 per cent or more disability, those who have passed their previous examination will get scholarships. Secretary Mr. Bora said that Central scholarships will be given for the entire duration of their courses. The students should apply Online. The website (www.sw.cg.gov.in). The student will get an ID which will be valid till the entire duration of their study.

1430/Swarajya/Pradeep

रायपुर : ग्रामीण क्षेत्रों की बैंक शाखाओं के लिए पर्याप्त नगदी उपलब्ध कराने के निर्देश

मुख्य सचिव द्वारा सभी कलेक्टरों और क्षेत्रीय बैंक प्रमुखों को परिपत्र जारी

रायपुर, 03 जुलाई 2017
मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड ने राज्य के सभी कलेक्टरों और सभी बैंकों के क्षेत्रीय प्रमुखों को परिपत्र जारी कर ग्रामीण क्षेत्रों की बैंक शाखाओं के लिए पर्याप्त मात्रा में नगदी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। परिपत्र में कहा है कि सभी कलेक्टर नियमित रूप से समीक्षा कर यह सुनिश्चित करें कि करेंसी चेस्टों में आवश्यकतानुसार नगदी ग्रामीण क्षेत्रों की बैंक शाखाओं में वितरित हो। साथ ही सभी बैंकों को निर्देश दिए है कि वे निर्धारित प्रारूप में प्रतिदिन करेंसी उपलब्धता और वितरण की स्थिति कलेक्टरों और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति को उपलब्ध कराये, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में नगदी वितरण की समीक्षा की जा सके।
परिपत्र में कहा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तीन जनवरी 2017 को जारी परिपत्र के अनुसार न्यूनतम 40 प्रतिशत धन राशि करेंसी चेस्ट से ग्रामीण क्षेत्रों के बैंक शाखाओं विशेषकर क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक तथा शेड्यूल कामर्शियल बैंक को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। परिपत्र में कहा गया है कि पिछले महीने 29 तारीख को मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में बताया गया कि कुछ जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक शाखाओं मे नगदी की कमी के कारण शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में विलम्ब हो रहा है। इसके साथ ही लोगों को असुविधा होने की भी जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि राज्य स्तर पर करंेसी चेस्टों में नगदी की उपलब्धता संतोषप्रद है।

क्रमांक-1436/सुदेश

फोटो : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय मानव संसाधन राज्य विकास मंत्री श्री महेन्द्र पाण्डेय से सौजन्य मुलाकात की..

रायपुर, 03 जुलाई 2017


 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन  सिंह ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय मानव संसाधन राज्य विकास मंत्री श्री महेन्द्र पाण्डेय से सौजन्य मुलाकात की।


मतदाता सूची के शुद्धिकरण एवं नये मतदाताओं के पंजीयन के लिए विशेष अभियान जारी : आगामी 31 जुलाई तक आयोजित अभियान में होगी कई गतिविधियां

रायपुर, 03 जुलाई 2017

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के शुद्धिकरण एवं पात्र नये मतदाताओं के पंजीयन के लिए विशेष अभियान चल रहा है। यह अभियान एक जुलाई से शुरू हो गया है और 31 जुलाई 2017 तक चलेगा। 
कार्यालय मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस अभियान के दौरान मतदाता सूची से संबंधित अनेक गतिविधियां चलायी जाएंगी। बूथ लेबल अधिकारियों द्वारा 31 जुलाई तक अपने मतदान क्षेत्रों में घर-घर सर्वे कर आवेदकों से फार्म-6 जमा किया जाएगा।  विशेष रूप से 18 से 19 वर्ष आयु समूह (21 वर्ष की आयु) तक के छूट गए मतदाताओं (अपंजीकृत) को प्राथमिकता देते हुए फार्म-6 प्राप्त किए जाएंगे। 
आयोग के निर्देशानुसार राज्य में 09 जुलाई और 23 जुलाई 2017 को सभी मतदान केन्द्र स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। बूथ लेबल अधिकारियों के पास विशेष शिविर के दिन अर्हता तिथि एक जनवरी 2017 के संदर्भ में प्रकाशित मूल मतदाता सूची, अनुपूरक सूची सहित सभी मतदान केन्द्रों पर उपलब्ध रहेगी, जिसका बूथ लेबल अधिकारियों द्वारा वाचन किया जाएगा। इसी प्रकार 08 जुलाई एवं 22 जुलाई को शासकीय, अशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं (स्कूल, कॉलेज, आई.टी.आई. बी.एड कॉलेज, नर्सिंग संस्थानों एवं पॉलीटेक्निक कॉलेजों) में शिविरों का आयोजन किया जाएगा। 
विशेष अभियान कार्यक्रम में मृत मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इस प्रक्रिया में सक्षम प्राधिकृत अधिकारियों द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण-पत्र या मृतक के संबंधियों/पड़ोसियों की ओर से भरे गए फार्म-7 के आधार पर बूथ लेबल अधिकारियों की रिपोर्ट तथा इसी क्षेत्र में रहने वाले दो गवाहों के प्रमाण के आधार पर प्रक्रिया का पालन करते हुए अशुद्ध नामों को मतदाता सूची से विलोपित किया जाएगा। 
अधिकारियों ने बताया कि मतदाता अपना नाम मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय छत्तीसगढ़ की वेबसाईट www.ceochhattisgarh.nic.in में खोज सकते हैं। इस संबंध में किसी भी प्रकार की अधिक जानकारी के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय रायपुर में स्थापित राज्य सम्पर्क केन्द्र के टोल फ्री नम्बर-1950 पर कार्यालयीन समय में सम्पर्क किया जा सकता है।

क्रमांक-1432/राजेश

Sunday, 2 July 2017

करीब 34 हजार दिव्यांग छात्र-छात्राओं को मिलेगा फायदा : दिव्यांग छात्रवृत्ति की नयी दरें घोषित

करीब 34 हजार दिव्यांग छात्र-छात्राओं को मिलेगा फायदा
दिव्यांग छात्रवृत्ति की नयी दरें घोषित
छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद पहली बार दिव्यांग बच्चों के लिए 
पहली बार तय की गई राज्य छात्रवृत्ति की नयी दरें
समाज कल्याण विभाग ने जारी किया आदेश 

रायपुर, 02 जुलाई 2017

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निर्देश पर राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग ने दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति योजना जारी कर दी है। इसमें राज्य और केन्द्र की छात्रवृत्ति की नयी दरें घोषित की गई हैं। प्रदेश के 34 हजार दिव्यांग विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। राज्य शासन द्वारा संचालित दिव्यांग
छात्रवृत्ति कक्षा पहली से बारहवीं तक के नियमित विद्यार्थियों को मिलेगी। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के लगभग सोलह वर्ष बाद पहली बार नयी दरों का निर्धारण हुआ है। केन्द्रीय दिव्यांगजन छात्रवृत्ति के अंतर्गत प्री मेट्रिक छात्रवृत्ति 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को दी जाएगी, जबकि पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति 11वीं और 12वीं कक्षा के दिव्यांग विद्यार्थियों को सभी पोस्ट मेट्रिक स्तर के पाठ्यक्रमों में मिलेगी। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) सहित पॉलिटेक्निक में तीन वर्ष के डिप्लोमा पाठ्यक्रम, चिकित्सा, तकनीकी शिक्षा के स्नातक पाठ्यक्रम, स्नातक स्तर के व्यासायिक पाठ्यक्रम, कला, वाणिज्य और विज्ञान के नियमित दिव्यांग विद्यार्थियों को भी पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति दी जाएगी। 
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति की नयी दरों के निर्धारण पर खुशी प्रकट है और उम्मीद जताई है कि अधिक से अधिक दिव्यांग विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. सिंह की  घोषणा के अनुरूप समाज कल्याण विभाग ने दिव्यांग छात्रवृत्ति की नयी दरों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया है। समाज कल्याण मंत्री श्रीमती रमशीला साहू ने विभागीय अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज यहां बताया कि नयी दरें राज्य निर्माण के बाद पहली बार निर्धारित की गई है। इसके अलावा केन्द्र सरकार ने भी दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण से छात्रवृत्ति की नयी दरें घोषित की है।
श्री बोरा ने बताया कि प्रदेश के समाज कल्याण विभाग द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को परिपत्र के रूप में आदेश जारी  कर दिया गया है। यह परिपत्र प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, समाज कल्याण विभाग के संयुक्त संचालकों और उप संचालकों, सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, आदिम जाति विकास विभाग के सहायक आयुक्तों और प्रदेश के सभी नगर निगमों के आयुक्तों और नगर पालिका तथा नगर पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को जारी किया गया है।
परिपत्र में दिए गए निर्देशों के अनुसार छत्तीसगढ़ निवासी 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले विद्यार्थी, जो विगत परीक्षा में उत्तीर्ण हो चुके हों, उन्हें इन छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ मिलेगा। प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदक के अभिभावक की अधिकतम वार्षिक आमदनी दो लाख रूपए और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदक के अभिभावक की अधिकतम वार्षिक आमदनी ढाई लाख रूपए होगी। पूर्व माध्यमिक स्तर की छात्रवृत्ति के लिए कोई आमदनी सीमा निर्धारित नहीं की गई है। राज्य शासन द्वारा अथवा केन्द्रीय योजनाओं के लिए केन्द्र सरकार द्वारा छात्रवृत्ति एवं भत्ते की दरें समय-समय पर प्रशासकीय आदेशों के द्वारा निर्धारित की जाएगी। वर्तमान में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए राज्य शासन द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजना में प्राथमिक स्तर पर कक्षा पहली से पांचवीं तक 100 रूपए छात्रवृत्ति और 50 रूपए संधारण भत्ता मिलाकर कुल 150 रूपए हर महीने दिए जाएंगे। पूर्व माध्यमिक स्तर पर कक्षा 6वीं से 8वीं तक 120 रूपए की छात्रवृत्ति और 50 रूपए संधारण भत्ता मिलाकर 170 रूपए मासिक दिए जाएंगे। केन्द्रीय दिव्यांगजन छात्रवृत्ति के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा विद्यार्थियों को सीधे प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से राशि उनके बैंक खातों में जमा की जाएगी। इसके अंतर्गत कक्षा 9वीं से 12वीं तक विद्यार्थियों को राज्य की दिव्यांगजन छात्रवृत्ति योजना से अतिरिक्त छात्रवृत्ति दी जाएगी, जो राज्य की दिव्यांगजन छात्रवृत्ति योजना के मद से जारी होगी। केन्द्रीय योजना के तहत प्री-मेट्रिक दिव्यांग छात्रवृत्ति के अंतर्गत प्रत्येक विद्यार्थी को हर महीने केन्द्रीय सहायता के रूप में 350 रूपए और राज्य योजना से 190 रूपए इस प्रकार 540 रूपए मिलेंगे। छात्रावास में रहने वाले अंतःवासी विद्यार्थी को केन्द्रीय सहायता मद से 600 रूपए और राज्य योजना से 190 रूपए, इस प्रकार 790 रूपए मासिक छात्रवृत्ति मिलेगी। पुस्तक और तदर्थ अनुदान 750 रूपए वार्षिक होगा। अंतःवासी विद्यार्थी को इस मद में एक हजार रूपए हर महीने दिए जाएंगे। दृष्टि बाधित विद्यार्थियों को केन्द्र से 160 रूपए और राज्य से 100 रूपए हर महीने वाचक भत्ता भी मिलेगा। ऐसे दिव्यांग विद्यार्थी जो छात्रावास में नहीं रहते, उन्हें 160 रूपए मासिक परिवहन भत्ता दिया जाएगा। गंभीर दिव्यांग अर्थात 80 प्रतिशत या उससे ज्यादा दिव्यांगता वाले दैनिक विद्यार्थियों को हर महीने 160 रूपए मासिक अनुरक्षक भत्ता दिया जाएगा। छात्रावासों में निवासरत, गंभीर अस्थि बाधित विद्यार्थियों को जिन्हें सहायता की जरूरत है, उनकों सहयोग प्रदान करने के लिए किसी सहायक को रखने पर 160 रूपए मासिक सहायक भत्ता दिया जाएगा। मानसिक रूप से अविकसित और मनोरोगी विद्यार्थियों को मासिक 240 रूपए का कोचिंग भत्ता भी मिलेगा। 
समाज कल्याण सचिव श्री बोरा ने बताया कि केन्द्रीय योजना के तहत पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति सम्पूर्ण पाठ्यक्रम अवधि में दी जाएगी। इसमें रखरखाव भत्ता, चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा के स्नातक पाठ्यक्रमों में अंतःवासी छात्रों के लिए 1200 रूपए और अन्य (दैनिक) के लिए 550 रूपए मासिक होगा। व्यवसायिक पाठ्यक्रमों के अंतर्गत स्नातक, डिप्लोमा सर्टिफिकेट, बीफार्मा, एलएलबी, बीएफएस, पैरा मेडिकल आदि पाठ्यक्रमों में दैनिक छात्रों के लिए हर महीने 530 रूपए और छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए हर महीने 820 रूपए रखरखाव भत्ता दिया जाएगा। पोस्ट मेट्रिक स्तर के पाठ्यक्रमों में, जिनमें प्रवेश के लिए न्यूनतम योग्यता हाई स्कूल पास निर्धारित है, जैसे आईटीआई पॉलिटेक्निक आदि, उनमें दिव्यांग विद्यार्थियों को छात्रावास में रहने पर 380 रूपए और गैर छात्रावासी होने पर 230 रूपए का मासिक रखरखाव भत्ता मिलेगा। यह भत्ता 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को छात्रावासी होने पर 190 रूपए और गैर छात्रावासी होने पर भी 190 रूपए राज्य योजना से हर महीने दिया जाएगा। पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति योजना में दृष्टि बाधित विद्यार्थियों को मासिक 240 रूपए का वाचक भत्ता सभी पाठ्यक्रमों के लिए मिलेगा। गैर छात्रावासी दिव्यांग छात्र-छात्राओं को हर महीने 160 रूपए का परिवहन भत्ता दिया जाएगा। समाज कल्याण विभाग के 19 जून के इस परिपत्र में छात्रवृत्ति और भत्तों के दरों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। इसमें यह भी बताया गया है कि छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाईन आवेदन करना होगा। केन्द्रीय छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाईन आवेदन का प्रारूप नेशनल ई-स्कॉलरशिप पोर्टल में और राज्य छात्रवृत्ति के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटएसडब्ल्यूडॉटसीजीडॉटजीओवीडॉटइन (www.sw.cg.gov.in) पर उपलब्ध है। इसमें विद्यार्थियों को एक आईडी मिलेगी, जो सम्पूर्ण शैक्षणिक अवधि के लिए मान्य होगी। आवेदन का हर साल नवीनिकरण किया जाएगा। कक्षा 9वीं और उससे उपर की कक्षाओं के विद्यार्थियों को राज्य की अतिरिक्त सहायता के लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। केन्द्रीय छात्रवृत्ति के आवेदन पत्र पर ही इसे स्वतः आवेदित माना जाएगा। ऑनलाईन आवेदन नहीं कर पाने की स्थिति में आवश्यक अभिलेखों के साथ दिव्यांग विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक संस्था में ऑफ लाईन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। संस्था प्रमुख प्रधान अध्यापक अथवा प्राचार्य का यह दायित्व होगा कि वे उनके ऑफ लाईन आवेदनों पर ऑनलाईन प्रविष्टि करें। 

   क्रमांक-1430/स्वराज्य

छत्तीसगढ़ में उद्यानिकी फसलों की खेती के लिए 815 करोड़ से ज्यादा की पंचवर्षीय कार्य योजना : किसानों की आमदनी दोगुनी करने कई आकर्षक प्रावधान

मिल्क-रूट की तरह साग-सब्जी रूट भी विकसित किए जाएंगे
राज्य में उद्यानिकी फसलों का रकबा 7.47 लाख हेक्टेयर से
लगभग 12 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य
प्रदेश भर में खोले जाएंगे एक हजार कृषि यंत्र केन्द्र    
रायपुर, 02 जुलाई 2017
 उद्यानिकी फसलों की खेती को बढ़ावा देने और इन फसलों की खेती से जुड़े किसानों को बेहतर बाजार दिलाकर उनकी आमदनी दोगुनी करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने पंचवर्षीय कार्य योजना तैयार कर उस पर अमल भी शुरू कर दिया है। चालू वित्त्तीय वर्ष 2017-18 से वर्ष 2021-22 तक कार्य योजना के विभिन्न घटकों में लक्ष्यों को पूर्ण करने के लिए 815 करोड़ 59 लाख रूपए के प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। इसमें मिल्क-रूट की तरह साग-सब्जी रूट बनाने का भी प्रस्ताव है। रोड मैप के रूप में यह कार्य योजना वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए तैयार की गई है। कार्य योजना में कई आकर्षक प्रावधान किए गए हैं। इसमें ग्राम समूहों (क्लस्टरों) समूहों का चयन कर साग-सब्जी रूट तैयार करने का भी लक्ष्य है। मिल्क-रूट में जिस प्रकार दूध उत्पादक किसानों से दूध संकलित किया जाता है, प्रत्येक साग-सब्जी रूट के गांवों के किसानों से भी उसी तर्ज पर उनकी उपज का संकलन कर बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर भारत में वर्ष 2022 में आजादी की 75वीं वर्षगांठ भी मनाई जाएगी। प्रधानमंत्री ने इस ऐतिहासिक अवसर को ध्यान में रखकर सभी राज्यों को वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी डबल करने का लक्ष्य दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने इसके लिए रोड मैप तैयार कर उस पर अमल भी शुरू कर दिया है। डॉ. रमन सिंह ने आज कहा कि वर्ष 2022 तक प्रदेश के किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए जो कुछ भी करना पड़ेगा हम करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस रोड मैप में बस्तर और सरगुजा संभाग को जैविक खेती के प्रमुख केन्द्र के रूप में विकसित करने का भी लक्ष्य घोषित किया है। उन्होंने कहा है कि राज्य के किसान खेती के लिए आधुनिक कृषि उपकरणों का इस्तेमाल कर सकें इस उद्देश्य से कृषि यांत्रिकीकरण को बढ़ावा देने एक हजार कृषि यंत्र सेवा केन्द्र भी स्थापित किए जाएंगे।
 कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल इस पंचवर्षीय रोड मैप में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मछलीपालन और सम्बद्ध विभागों को दिए गए विभागवार लक्ष्यों के अनुरूप प्रदेश में चल रही गतिविधियों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। इसी कड़ी में विभागीय अधिकारियों ने आज बताया कि राज्य में वर्ष 2004-05 से 2016-17 तक तेरह वर्षो में उद्यानिकी फसलों का रकबा 2.71 गुना बढ़कर सात लाख 41 हजार हेक्टेयर तक पहुंच गया है। कार्य योजना में इसे वर्ष 2021-22 तक ग्यारह लाख 93 हजार हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। वर्तमान में प्रदेश में दो लाख 25 हजार हेक्टेयर में फलों की खेती हो रही है, इसे वर्ष 2022 तक छह लाख 62 हजार हेक्टेयर तक पहुंचाया जाएगा। इस दौरान राज्य में सब्जियों की खेती के रकबे को चार लाख 14 हजार हेक्टेयर से बढ़ाकर छह लाख 67 हजार हेक्टेयर तक, मसालों की खेती को 91 हजार हेक्टेयर से बढ़ाकर एक लाख 46 हजार हेक्टेयर और फूलों की खेती को 11 हजार हेक्टेयर से बढ़ाकर 18 हजार हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है।
राज्य में आज की स्थिति में उद्यानिकी फसलों की पैदावार लगभग 86 लाख मीटरिक टन है। इसे पांच वर्ष के भीतर और भी अधिक बढ़ाया जाएगा। रोड मैप में उद्यानिकी विभाग द्वारा  इसके अंतर्गत कई कार्य लिए जाएंगे। जलवायु परिवर्तन की चुनौती को ध्यान में रखकर प्रदेश में ग्रीन अथवा शेड नेट हाऊस के क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, खरीफ मौसम की प्याज की खेती को रबी मौसम में भी बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि प्याज की कीमतों में संतुलन के साथ-साथ किसानों को उसका उचित मूल्य मिल सके। साग-सब्जियों और अन्य उद्यानिकी फसलों की तोड़ाई के बाद उनके समुचित रख-रखाव के लिए कोल्ड स्टोरेज, प्याज भण्डार गृह, पैक हाउस आदि का निर्माण भी क्लस्टर पद्धति से किया जाएगा। उद्यानिकी फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। आम, अमरूद, नीबू, बेर, अनार, प्याज, टमाटर और आलू आदि के प्रसंस्करण और पैकेजिंग के लिए लघु और मध्यम प्रसंस्करण उद्योगों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि प्रदेश के उद्यानिकी किसान अपनी इन फसलों को प्रसंस्करण उद्योगों में भी उचित मूल्य पर बेच सकें। फलों और सब्जियों के प्रसंस्करण के तहत जेम, जेली, अचार, मुरब्बा, शरबत आदि बनाने के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था के साथ लोगों को इनके प्रसंस्करण उद्योगों से भी जोड़ा जाएगा। कार्य योजना में हर साल 20 रोपणियों के आधुनिकीकरण का भी लक्ष्य है, ताकि किसानों को अच्छी क्वालिटी के पौधे मिल सके। लक्ष्य पूर्ति के लिए चल रहे प्रयासों के साथ-साथ किसानों और उद्यानिकी कर्मचारियों के कौशल उन्नयन की दृष्टि से उनके प्रशिक्षण का प्रावधान भी कार्य योजना में किया गया है। 
क्रमांक-1429/स्वराज्य

राज्य में पांच शहरों की 484 राशन दुकानों में कोर-पीडीएस लागू : दो दिन में बीस हजार से अधिक कार्ड धारकों ने लिया राशन

राशन कार्ड धारकों को अपनी पसंद की दुकान से राशन लेने की सुविधा

    रायपुर, 02 जुलाई 2017
 सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राज्य के पांच शहरों - रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर और धमतरी की 484 राशन दुकानों में कल एक जुलाई से कोर-पीडीएस लागू की गई है। इस योजना से राशन कार्ड धारकों को अपनी पंसद की दुकान से राशन लेने के लिए दुकान चयन करने का अधिकार दिया गया है। इन शहरों के राशन कार्ड धारक जो अपना आधार नम्बर अपने राशन कार्ड में जुड़वा चुके हैं, उन्हें यह सुविधा उपलब्ध है। इस व्यवस्था से केवल ऑनलाईन राशन सामग्री का वितरण किया जा रहा है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि पिछले दो दिनों में 20 हजार 168 राशन कार्ड धारकों द्वारा कोर-पीडीएस से राशन सामग्री पाप्त की जा चुकी है। इन पांच शहरों में संचालित 484 शासकीय राशन दुकानों से दो लाख 85 हजार राशन कार्ड धारक जुड़े हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि दुर्ग शहर में तीन हजार 923, धमतरी में 785, बिलासपुर में दो हजार 433, भिलाई में छह हजार 828 और रायपुर शहर में छह हजार 199 राशन कार्ड धारकों द्वारा राशन सामग्री प्राप्त की गई है। राशन कार्ड धारकों द्वारा इस सुविधा को बहुत पसंद किया जा रहा है। खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा लगातार कोर-पीडीएस दुकानों का निरीक्षण कर कनेक्टिविटी या अन्य किसी भी समस्या का समाधान किया जा रहा है।  

क्रमांक-1428/काशी

Saturday, 1 July 2017

‘हमर छत्तीसगढ़’ भौगोलिक और भावनात्मक जुड़ाव की योजना: डॉ. रमन सिंह : मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री षामिल हुए योजना की प्रथम वर्षगांठ के समारोह में

केन्द्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश का अग्रणी राज्य: श्री गेहलोत
रायपुर, 01 जुलाई 2017

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज रात नया रायपुर में ‘हमर छत्तीसगढ़ योजना’ की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गेहलोत ने की। प्रदेश के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चन्द्राकर, सहकारिता, पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री दयालदास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू और अन्य अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न जिलों से आए पंचायत प्रतिनिधि कार्यक्रम में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इस योजना को छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के भौगोलिक और भावनात्मक जुड़ाव की योजना बताया।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा पंचायत राज संस्थाओं और सहकारिता क्षेत्र के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को इस योजना के तहत रायपुर और नया रायपुर आमंत्रित कर विकास गतिविधियों का अवलोकन करवाया जा रहा है। अब तक पौने दो लाख से ज्यादा प्रतिनिधियों में से 75 हजार से ज्यादा प्रतिनिधि यहां आकर विधानसभा, कृषि विश्वविद्यालय, मंत्रालय, विज्ञान केन्द्र आदि संस्थाओं का अध्ययन-भ्रमण कर चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने योजना का पहला साल सफलतापूर्ण होने पर सभी सहयोगियों को बधाई दी। डॉ. सिंह ने कहा - यह योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से शुरू की गई है। ग्रामीण जनप्रतिनिधियों को राज्य के विकास के लिए संचालित गतिविधियों और राजधानी में स्थापित अधोसंरचनाओं को दिखाकर विकास के प्रति उनमें एक नया दृष्टिकोण विकसित करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने एक जुलाई 2016 को इस योजना का शुभारंभ किया था। मुख्यमंत्री ने आज इस योजना के एक वर्ष पूर्ण होने पर नया रायपुर के उपरवारा स्थित होटल प्रबंधन संस्थान में आयोजित समारोह में अध्ययन भ्रमण पर आए सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर और रायगढ़ जिले के पंच-सरपंचों को संबोधित किया। डॉ. सिंह ने योजना से जुड़े सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों तथा कर्मचारियों कोे बधाई दी।     मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि आगामी जून माह तक पंचायत एवं सहकारिता क्षेत्र के दो लाख जनप्रतिनिधियोें को राजधानी रायपुर का भ्रमण कराया जाएगा। उन्होने जनप्रतिनिधियों को कहा कि हमर छत्तीसगढ़ योजना जनप्रतिनिधियों को उनकी जानकारी का विस्तार करने का अवसर देती है। उन्होने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि अच्छा काम करते रहेंगे तो वे निरंतर आगे बढ़ेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं  अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गहलोत ने कहा - छत्तीसगढ केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में देश का अग्रणी राज्य है। उन्होने हमर छत्तीसगढ़ योजना की तारीफ करते हुए कहा कि इससे एक क्षेत्र के लोगों को दूसरे क्षेत्र के लोगों और उनकी संस्कृति को जानने-समझने का अवसर मिलता है। इससे लोगों के बीच भाईचारा और अपनापन बढ़ता है साथ ही विकास के प्रति नया नजरिया विकसित होता है। प्रदेश के पंचायत प्रतिनिधियों ने गांवों को खुले में शौचमुक्त करने के लिये अच्छा कार्य किया है। कई विकसित राज्यों में भी कई गांव खुले में शौचमुक्त नही हो पाए हैं। उन्होने कहा  कि गंावों में निर्माण कार्याें के साथ बच्चों की शिक्षा और सुपोषण की जिम्मेदारी भी सरपंचों की है।
 राज्य शासन की ‘हमर छत्तीसगढ़ योजना‘ के तहत पहले साल प्रदेश के करीब 78 हजार निर्वाचित जनप्रतिनिधि रायपुर और नया रायपुर के अध्ययन भ्रमण पर आ चुके हैं। केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गहलोत, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चन्द्राकर, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री दयालदास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमषीला साहू विषेष अतिथि के रूप में समारोह में उपस्थित थी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘हमर छत्तीसगढ़ योजना‘ पर केन्द्रित कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। उन्होंने परिसर में महिला समूह द्वारा संचालित ‘बिहान बाजार‘ का शुभारंभ किया।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री  अजय चन्द्राकर ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि ‘हमर छत्तीसगढ़ योजना‘ एवं भावनात्मक योजना है। जो छत्तीसगढ़ वासियों को अपनी समृद्ध विरासत, परम्परा, विकास के साथ जोड़ती है। इस योजना में पहली बार राजधानी आए जनप्रतिनिधियों में से अनेक ने पहली बार हवाई जहाज और रेल देखी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटलबिहारी वाजपेयी जी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने बिना किसी आन्दोलन के प्रदेष वासियों को छत्तीसगढ़ के रूप में नये राज्य की सौगात दी। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री दयालदास बघेल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। देश भर में चर्चित ‘हमर छत्तीसगढ़ योजना‘ को देखने-समझने कई राज्यों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी आ चुके हैं। इनमें बिहार के तत्कालीन राज्यपाल श्री रामनाथ कोविंद और झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष सहित राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, उत्तरप्रदेश और हरियाणा के मंत्री शामिल हैं। विगत 01 नवम्बर को राज्योत्सव 2016 का शुभारंभ करने आए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उस दौरान अध्ययन भ्रमण पर आए पंचायत प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। उन्होंने योजना को काफी सराहा भी था। भारत सरकार के पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय सहित अनेक मंत्रालयों के अधिकारी भी योजना को जानने-समझने आवासीय परिसर पहुंचे हैं।
गांवों और कस्बों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अध्ययन, शिक्षण-प्रशिक्षण और उनका अनुभव संसार समृद्ध करने के उद्देश्य से इस अनूठी योजना की शुरूआत पिछले वर्ष 01 जुलाई को की गई थी। योजना के अंतर्गत पंचायत प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ में पिछले डेढ़ दशक में हुए विकास कार्यों, कृषि और विज्ञान के क्षेत्र में हो रही नित नई प्रगति एवं प्रदेश की संस्कृति व कला सहित शासकीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाती है। विगत एक वर्ष में छत्तीसगढ़ के सभी 27 जिलों और 146 विकासखंडों के पंचायत प्रतिनिधि दो दिनों के अध्ययन भ्रमण पर राजधानी रायपुर आए। इनमें हजारों की संख्या में बस्तर और सरगुजा जैसे सुदूर वनांचलों के जनप्रतिनिधि शामिल थे, जिन्हें इस योजना की बदौलत पहली बार राजधानी देखने का मौका मिला। यह सिलसिला आगामी एक वर्ष यानि 30 जून 2018 तक और तक जारी रहेगा। सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी 02 अक्टूबर 2016 से इस योजना से जोड़ा गया है।
अध्ययन भ्रमण पर आने वाले पंचायत प्रतिनिधि अपने गांव की मिट्टी, पानी और वहां पाए जाने वाले विशेष प्रजाति का पौधा लेकर आते हैं। इसे वे नया रायपुर में लगाते हैं। इस तरह राजधानी नया रायपुर से प्रदेश का हर गांव जुड़ रहा है। दो दिनों के अध्ययन प्रवास के दौरान पंच-सरपंचों को जंगल सफारी, मंत्रालय, विधानसभा, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, साइंस सेंटर, ऊर्जा पार्क, शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, फाइव-डी इमर्सिव डोम, माना विमानतल एवं पुरखौती मुक्तांगन का भ्रमण कराया जाता है। पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो के जरिए उन्हें छत्तीसगढ़ से जुड़े पौराणिक आख्यानों, इतिहास, पुरातत्व, संस्कृति, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने की कहानी के साथ ही प्रदेश की उपलब्धियों एवं योजनाओं की जानकारी दी जाती है।
भ्रमण के साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों के लिए आवासीय परिसर में प्रशिक्षण एवं सामूहिक चर्चा का आयोजन किया जाता है। इसमें वे विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन संबंधी अपने अनुभव साझा करते हैं। स्वच्छता एवं विधिक संबंधी जागरूकता के लिए भी यहां नियमित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। भ्रमण पर आने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को योगाभ्यास भी कराया जाता है। योग प्रशिक्षक की देखरेख में वे विभिन्न आसनों का अभ्यास करते हैं। साथ ही उन्हें स्वस्थ और प्रसन्न रहने के गुर भी बताए जाते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘हमर छत्तीसगढ़ योजना‘ में उल्लेखनीय कार्य करने वाले सर्वश्री सुभाष मिश्रा, दिनेष अग्रवाल, आनंद रघुवंषी, सुश्री अभिलाषा आनंद और सुश्री राधिका श्रीवास्तव को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एम. के. राऊत ने योजना के स्वरूप पर विस्तार से प्रकाष डाला। समारोह में पंचायत एवं ग्रामीण विभाग के सचिव श्री पी.सी. मिश्रा, पर्यटन विभाग के सचिव सुश्री निहारिका बारिक सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी समारोह में उपस्थित थे।
क्रमांक-1427/हीरा देवांगन

हमर छत्तीसगढ़ का पहला साल पूर्ण : मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री ने दी बधाई

   रायपुर, 01 जुलाई 2017

राज्य सरकार द्वारा दो साल के लिए संचालित ‘हमर छत्तीसगढ़ योजना’ का पहला साल आज पूरा हो गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गेहलोत ने सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने रात्रि नया रायपुर स्थित हमर छत्तीसगढ़ परिसर में आयोजित समारोह में इस योजना पर आधारित एक कॉफी टेबल पुस्तिका का विमोचन किया। समारोह में प्रदेश के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चन्द्राकर, सहकारिता, पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री दयाल दास बघेल, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती रमशीला साहू और संसदीय सचिव श्री लखन लाल साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह और केन्द्रीय मंत्री श्री गेहलोत ने हमर छत्तीसगढ़ योजना के प्रथम वर्ष पूर्ण होने और द्वितीय वर्ष में प्रवेश पर सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उल्लेखनीय है कि इस योजना के तहत प्रदेश के पौने दो लाख से ज्यादा पंचायत प्रतिनिधियों और सहकारिता क्षेत्र के प्रतिनिधियों को अलग-अलग समूहों में आमंत्रित कर रायपुर और नया रायपुर का अध्ययन दौरा करवाया जा रहा है। इनमें से अब तक 75 हजार से ज्यादा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने यह अध्ययन दौरा पूर्ण कर लिया है। उन्हें छत्तीसगढ़ विधानसभा, मंत्रालय, कृषि विश्वविद्यालय सहित रायपुर और नया रायपुर में विकसित अधोसंरचनाओं और प्रतिष्ठानों को दिखाया जा रहा है।
क्रमांक-1426/स्वराज्य

द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट और संस्था का स्थापना दिवस : अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में चार्ट की महत्वपूर्ण भूमिका: गहलोत

जीएसटी एक ऐतिहासिक कदम: डॉ. रमन सिंह 
 
रायपुर, 01 जुलाई 2017

 राजधानी रायपुर में आज द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट और संस्था के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय सामाजिक अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गेहलोत, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू सहित अनेक वरिष्ठ जन शामिल हुए। श्री गेहलोत ने कहा - जीएसटी लागू होने पर  हमारे देश की अर्थव्यवस्था में एक नई शुरूआत हुई। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने व्यापक जनहित और राष्ट्रहित में यह कदम उठाया है। इससे देश में व्यापार-व्यवसाय के लिए बेहतर वातावरण बनेगा। श्री गेहलोत ने कहा -  देश की अर्थव्यवस्था को और भी अधिक बेहतर बनाने में  इसमें चार्टर्ड एकाउंटेंटों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने और मुख्यमंत्री ने चार्टर्ड एकाउंटेंट की संस्था के स्थापना दिवस पर चार्टर्ड एकाउंटेंटों को बधाई और शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री श्री गेहलोत और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने संस्था की स्मारिका का विमोचन भी किया। 
मुख्यमंत्री ने कहा - जीएसटी देश में कर सुधारों के सरलीकरण की प्रक्रिया है। इससे देश के सभी राज्यों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 में केलकर समिति ने जीएसटी लागू करने का सुझाव दिया था तब से लागू करने का प्रयास किया जाता रहा। पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दृढ़ इच्छा शक्ति और साहस दिखाकर इसे लागू किया। अब 16 प्रकार के कर के सरलीकरण होगा और सूचना तकनीक का प्रयोग होगा। नई व्यवस्था लागू होगी। एक देश, एक टैक्स और एक बाजार की व्यवस्था लागू होगी। डॉ. रमन सिंह ने कहा - आजादी के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देशी रियासतों का एकीकरण करते हुए भारत संघ का निर्माण किया था। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जीएसटी के माध्यम से देश के राज्यों को जोड़ने का काम किया है। यह एक ऐतिहासिक कदम हैं। इससेे छत्तीसगढ़ भी आर्थिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।  
इस अवसर पर मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री सहित सभी उपस्थित जनों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट के स्थापना दिवस पर आज नई दिल्ली में दिए गए भाषण को टेलीविजन पर सुना।
 
क्रमांक-1425/सचिन

मुख्यमंत्री आज नई दिल्ली जाएंगे

    रायपुर, 01 जुलाई 2017
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह कल दो जुलाई से नई दिल्ली-हिमाचल प्रदेश के दौरे पर रहेंगे। डॉ. सिंह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रायपुर से अपरान्ह 3.05 बजे नियमित विमान द्वारा रवाना होकर 4.50 बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे और वहां रात्रि विश्राम करेंगे। मुख्यमंत्री अगले दिन तीन जुलाई को वहां स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। डॉ. सिंह रात्रि विश्राम नई दिल्ली में करेंगे। मुख्यमंत्री चार जुलाई को नई दिल्ली से पूर्वान्ह 11.15 बजे नियमित विमान द्वारा रवाना होकर 12.05 बजे चंडीगढ़ पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री वहां से कार द्वारा 1.15 बजे हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला स्थित सुन्दर नगर आएंगे और वहां राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। डॉ. सिंह इस कार्यक्रम के बाद चंडीगढ़ होते हुए शाम 5.15 बजे नई दिल्ली लौट आएंगे।

क्रमांक-1424/सोलंकी

मुख्यमंत्री ने किया ‘खगोल विज्ञान: जिज्ञासा और समाधान’ का विमोचन

    रायपुर, 01 जुलाई 2017

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में ‘खगोल विज्ञान: जिज्ञासा और समाधान’ पुस्तक का विमोचन किया। विख्यात खगोलशास्त्री, गणितज्ञ और दुनिया को गुरूत्वाकर्षण पर केंद्रित  ‘हॉयल-नार्लीकर सिद्धांत’ देने वाले वैज्ञानिक पदमविभूषण श्री जयंत विष्णु नार्लीकर इस पुस्तक के लेखक हैं। छत्तीसगढ़ हिन्दी ग्रंथ अकादमी द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक अंतरिक्ष, पृथ्वी और जीवन से जुड़े उन तमाम प्रश्नों का उत्तर है, जो बच्चों और आमजनों के मन में जब तक उठते रहते हैं। पुस्तक में विद्यार्थियों द्वारा डॉ. नार्लीकर से पूछे गए प्रश्नों और समाधानों को संग्रहित किया गया है। इस अवसर पर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. एस.के. पाण्डेय, छत्तीसगढ़ हिन्दी ग्रंथ अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा सहित सर्वश्री शाश्वत शुक्ला और अशेषवर वर्मा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने पुस्तक के प्रकाशन पर बधाई और शुभकामनाएं दी।

   क्रमांक-1417/सोलंकी

मुख्यमंत्री से रामपुर के ग्रामीणों की मुलाकात

    रायपुर, 01 जुलाई 2017
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में कबीरधाम जिले के लोहारा विकासखंड स्थित ग्राम रामपुर (ठाठापुर) से आए ग्रामीणों के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने गांव में विभिन्न आंतरिक सड़कों के निर्माण, मुक्तिधाम शेड निर्माण, हाईस्कूल में अतिरिक्त कमरे के निर्माण और कुंदरबाड़ी के पास पुलिया निर्माण के संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने उनके ज्ञापन पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रतिनिधि मंडल में सर्वश्री मालू साहू, विष्णु, नेतराम, गौकरण, युगेन्द्र और गौतम शामिल थे।  
   क्रमांक-1418/सोलंकी

मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ आम शिक्षक संवर्ग कर्मचारी एकता मंच के प्रतिनिधि मंडल की मुलाकात

    रायपुर, 01 जुलाई 2017

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ आम शिक्षक (पंचायत/ नगरीय) संवर्ग कर्मचारी एकता मंच के प्रतिनिधि मंडल ने डॉ. शिवनारायण द्विवेदी के नेतृत्व में मुलाकात की। उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने ज्ञापन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधि मंडल में छत्तीसगढ़ आम शिक्षक (पंचायत/ नगरीय) संवर्ग कर्मचारी एकता मंच के प्रदेशाध्यक्ष श्री कमलेश्वर सिंह, शिक्षा कर्मी महासंघ एवं संचालक आम शिक्षक (पंचायत/ नगर निगम) एकता मंच के प्रदेशाध्यक्ष श्री राजनारायण द्विवेदी सहित मंच के अनेक पदाधिकारी और सदस्य शामिल थे।
   क्रमांक-1419/सोलंकी

मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के प्रतिनिधि मंडल की मुलाकात

    रायपुर, 01 जुलाई 2017

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के प्रतिनिधि मंडल ने हज कमेटी के अध्यक्ष श्री सैय्यद सैफुद्दीन के नेतृत्व में सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री को उन्होंने हज की तैयारियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ के हाजी अगले माह की 9 से 11 तारीख के बीच नागपुर रवाना होंगे। हज यात्रियों के प्रशिक्षण के लिए तैयार हज गाइड मोबाइल एप का प्रस्तुतिकरण मुख्यमंत्री के समक्ष दिया गया। यह एप प्रत्येक हज यात्री के मोबाइल पर उपलब्ध कराया जाएगा। इस माह हज यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण किया जाएगा। हज यात्रा पर जाने वाले हाजियों को वितरित किए जाने वाले हज प्रशिक्षण किट, हज किट और फर्स्टएड किट भी मुख्यमंत्री को प्रतिनिधि मंडल ने दिखाया। मुख्यमंत्री ने हज कमेटी द्वारा की जा रही तैयारियों की प्रशंसा की। उन्होंने प्रदेश के हाजियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रतिनिधि मंडल में हज कमेटी के सदस्य सर्वश्री अकबर अली (बब्बु भाई), मौलाना रिफअत अली, मो. सलीम खान, श्रीमती ताहिरा बानो अली और सचिव श्री साजिद मेनन शामिल थे।  

   क्रमांक-1420/सोलंकी

आषाढ़ पर्व 2017 का तीन दिवसीय आयोजन आज से

    रायपुर, 01 जुलाई 2017
राज्य शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आषाढ़ पर्व 2017 का तीन दिवसीय आयोजन यहां महंत घासीदास संग्रहालय परिसर स्थित मुक्ताकाश मंच पर कल दो जुलाई को शाम 6.30 बजे से शुरू होगा और चार जुलाई तक चलेगा।
    संस्कृति विभाग के संचालक श्री आशुतोष मिश्रा ने आज यहां बताया कि आषाढ़ पर्व के अवसर पर दो जुलाई को सुश्री भारती राजपुत का लोक गायन होगा। श्री के.के. पाटिल द्वारा सुगम गायन और रजी मोहम्मद द्वारा तरूणाई (पियानो वादन) की प्रस्तुती दी जाएगी। तीन जुलाई को सुश्री पलक तिवारी द्वारा कथक नृत्य, ममता आहार द्वारा समूह नृत्य की प्रस्तुती होगी। सुश्री रमादत्त जोशी द्वारा नृत्य नाटिका और नवागढ़ आकार 2017 के कलाकारों द्वारा नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी जाएगी। इसी तरह से चार जुलाई को श्री दयालुराम यादव द्वारा बांस गीत, डॉ. राजश्री नामदेव श्रीराम संगीत महाविद्यालय रायपुर द्वारा कालीदास द्वारा रचित मेघदूत की प्रस्तुति दी जाएगी और श्री रिखी क्षत्रिय द्वारा ‘ताल छत्तीसगढ़’ की शानदार प्रस्तुति होगी।

   क्रमांक-1422/चौधरी






मुख्यमंत्री ने मोबाइल नेत्र क्लिनिक को दिखायी हरी झण्डी

मोबाइल क्लिनिक दूरदराज के हाट-बाजारों, स्कूलों और झुिग्गयों में करेगी निःशुल्क नेत्र जांच: मुख्यमंत्री ने करायी नेत्र जांच
रायपुर एक जुलाई 2017

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज सवेरे यहां अपने निवास से मोबाइल नेत्र क्लिनिक को हरी झण्डी दिखकर रवाना किया। यह मोबाइल क्लिनिक रायपुर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों सहित बस्तर और सरगुजा संभाग के दूरस्थ अंचलों का दौरा करेगी और वहां हाट-बाजारों में ग्रामीणों की आंखों की निःशुल्क जांच कर उन्हें इलाज के लिए आवश्यक सलाह प्रदान करेगी। इस मोबाइल आई क्लिनिक में आंखों की संपूर्ण जांच, मोतियाबिंद, डायबिटिक रेटमापैथी, ग्लाकोमा, और चश्मे की जांच की सुविधा है। मोबाइल क्लिनिक स्कूलों में बच्चों और झुग्गी बस्तियों में भी जाकर लोगों की आंखों की जांच भी करेगी।
मुख्यमंत्री ने मोबाइल नेत्र क्लिनिक को रवाना करने के पूर्व अपनी आंखों की जांच भी करायी। यह मोबाइल आई क्लिनिक बजरंग पावर एवं इस्पात लिमिटेड कंपनी द्वारा राजधानी रायपुर के एम.जी.एम. नेत्र संस्थान को सौंपी गयी है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह सामाजिक सरोकार से जुड़ जनहित का अच्छा काम है, इसके माध्यम से दूरस्थ अंचल के ग्रामीण, बुजुर्ग जो आंखों की जांच के लिए शहर नहीं पाते उन्हें लाभ होगा। एक ही स्थान पर आंखों के सारे टेस्ट हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इस पहल के लिए बजरंग पावर एवं इस्पात लिमिटेड कंपनी और एम.जी.एम. नेत्र संस्थान को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर बजरंग पावर एवं इस्पात लिमिटेड कंपनी के संचालक श्री राजेंद्र गोयल, एम.जी.एम. नेत्र संस्थान की संचालक डॉ. दीपशिखा अग्रवाल, आई.बी.सी.24 चैनल के प्रमुख श्री सुरेश गोयल सहित नेत्र संस्थान के अनेक चिकित्सक भी उपस्थित थे। एम.जी.एम. नेत्र संस्थान की संचालक डॉ. दीपशिखा अग्रवाल ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री को बताया कि यह मोबाइल आई क्लिनिक विश्वस्तरीय जांच उपकरणों से सुसज्जित है। इसमें स्लिट लैंप, फंडस कैमरा, आटोरिफरेक्टोमीटर और  ए.स्कैन मशीनें हैं। इस मोबाइल आई क्लिनिक में दूरस्थ इलाकों से ग्रामीणों की आंखों की जांच रिपोर्ट इंटरनेट के माध्यम से नेत्र संस्थान के डॉक्टरों को भेजने की सुविधा है। 

क्रमांक-1408/ सोलंकी

फोटो : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास पर छत्तीसगढ़ राज्य सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की छठवीं बैठक आयोजित की गई..

रायपुर, 01 जुलाई 2017


मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास पर छत्तीसगढ़ राज्य सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की छठवीं बैठक आयोजित की गई। लोक निर्माण मंत्री श्री राजेश मूणत भी इस अवसर पर उपस्थित थे। 

रायपुर : मदरसा भवन का उद्घाटन एवं ईद मिलन समारोह : मदरसों में पढ़ने वाले विद्यार्थी अब शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं: मिर्जा एजाज बेग

रायपुर 01 जुलाई 2017


छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मिर्जा एजाज बेग ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि अब मदरसों में पढ़ने वाले विद्यार्थी शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। श्री बेग ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी मदरसों के विकास के लिए विशेष ध्यान दे रहे हैं। श्री बेग ने बताया कि मदरसों में लाइब्रेरी हेतु पुस्तकें श्री प्रदान की गयी है तथा पूर्व माध्यमिक मदरसों को इसी सत्र से छात्र-छात्राओं हेतु फर्नीचर प्रदान किए जाने की योजना है। 
मुख्य अतिथि के रूप में शामिल महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री चन्द्रलाल साहू ने मदरसा जाकिरिया अमीरूल उलूम, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक बानवकेरा के नवनिर्मित मदरसा भवन के उदघाटन एवं ईद मिलन समारोह में उपस्थितजनों की ईद की शुभकामनाएं दी और कहा कि देश में सुख-समृद्धि आए और ईद की खुशी हर समाज के लिए हो। 
इस अवसर पर कवि सम्मेलन और मुशायरा का भी आयोजन किया गया, जिसमें मौलाना याकब कैसर सिनगवी, मौलाना डॉ. जहीरूद्दीन रहबर रायपुरी, सुखनवर हुसैन तथा टेकराम सेन ने देशभक्ति एवं शिक्षाप्रद कलाम पेश किया। समारोह में महासमुंद के विधायक डॉ. विमल चोपड़ा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद थे।

 क्रमांक-1415/कोसरिया

रायपुर : किसानों को धान की कतार बोनी करने की सलाह: बियासी की जरूरत नहीं होती

रायपुर, 01 जुलाई 2017

कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों ने धान बोने वाले किसानों को शीघ्र और मध्यम अवधि की किस्मों की कतार बोनी करने की सलाह दी है। कृषि वैज्ञानिकों ने समायिक कृषि सलाह में बताया है कि कतार बोनी वाले धान में बियासी की जरूरत नहीं होती और धान 10-15 दिन पहले पक जाता है। कतार बोनी धान में बोआई के तीन दिन के अन्दर बीजों के अंकुरण पूर्व निधारित मात्रा में निंदानाशक छिड़कना चाहिए। कृषि वैज्ञानिकों ने रोपा की नर्सरी के लिए मोटा धान  50 किलो और पतला धान 40 किलो प्रति हेक्टेयर के मान से बीज डालने का सुझाव दिया है। उन्होंने बताया है कि स्वचलित धान रोपाई मशीन से रोपाई करने करने के लिए मैट टाईप नर्सरी डालनी चाहिए। 

क्रमांक-1412/राजेश

रायपुर : राष्ट्रहित में एन.सी.सी. का सराहनीय योगदान : राज्यपाल : एन.सी.सी. के महानिदेशक ने की सौजन्य भेंट

रायपुर, 01 जुलाई 2017


राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन से आज यहां राजभवन में एन.सी.सी. के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल श्री विनोद वशिष्ठ ने सौजन्य भेंट की। श्री टंडन ने एन.सी.सी. द्वारा विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण एवं राष्ट्र हित के लिए किये जा रहे प्रयासों की सराहना की।  उन्होंने कहा कि एन.सी.सी. केडेट्स को आवश्यकता पड़ने पर देश के लिए अपना सब कुछ बलिदान करने हेतु तैयार रहना चाहिए। श्री वशिष्ठ ने छत्तीसगढ़ के केडेट्स की सराहना करते हुए एन.सी.सी. संबंधी गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। श्री वशिष्ठ ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह प्रदान किया। इस अवसर पर मेजर जनरल श्री ए. के. सप्रा, ब्रिगेडियर आई. जे. एस. चौहान उपस्थित थे।

क्रमांक:- 1407 /हर्षा

रायपुर : छत्तीसगढ़ में खरीफ फसलों की बोआई जोर-शोर से जारी : अभी तक तीन लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बोनी पूर्ण

रायपुर, 01 जुलाई 2017

मानसून की अच्छी बारिश के बाद छत्तीसगढ़ में खरीफ फसलों की बोआई जोर-शोर से चल रही है। किसानों ने अभी तक लगभग तीन लाख हेक्टेयर में अनाज, दलहनी, तिलहनी फसलों तथा साग-सब्जी की बोनी पूरी कर ली है। राज्य शासन के कृषि विभाग द्वारा इस साल 48 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसल बोने का कार्यक्रम बनाया गया है। 
     कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज यहां बताया कि वर्तमान में लगभग दो लाख 50 हजार हेक्टेयर में अनाज फसलों की बोनी हो चुकी है। छत्तीसगढ़ में खरीफ मौसम में अनाज फसल में धान, मक्का ज्वार,कोदो-कुटकी की खेती होती है। अनाज फसलों के लिए खरीफ 2017 में 39 लाख 60 हजार हेक्टेयर रकबा निर्धारित किया गया है। राज्य के किसान तिवरा, अरहर, मूंग, उड़द जैसी दलहनी फसल लेते हैं। मूंगफल्ली, सोयाबीन और सूरजमुखी प्रदेश की प्रमुख तिलहनी फसलें हैं। उन्होंने बताया कि इस खरीफ मौसम में  तीन लाख 83 हजार हेक्टेयर में दलहनी और तीन लाख 12 हजार हेक्टेयर में तिलहनी फसल बोने की तैयारी विभाग की ओर से की गई है। 
        श्री अग्रवाल ने बताया कि किसानों के लिए प्रमाणित बीज और खादों की समुचित व्यवस्था कर ली गई है। प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के माध्यम से खादों और बीजों का वितरण चल रहा है। उन्होंने बताया कि अभी तक पांच लाख 13 हजार क्ंिवटल बीज किसानों को बांटे जा चुके हैं। इसी प्रकार तीन लाख 62 हजार 865 मीटरिक टन यूरिया, सुपर फास्फेट, पोटाश, डीएपी और एनपीके खाद किसानों को वितरित की जा चुकी है।  
 
क्रमांक-1411/राजेश

रायपुर : उच्च शिक्षा मंत्री श्री पाण्डेय का दौरा कार्यक्रम

रायपुर 01 जुलाई 2017

उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय दो और तीन जुलाई को मध्यप्रदेश के दो दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार श्री पाण्डेय दो जुलाई को सवेरे 11 बजे भिलाई से कार द्वारा प्रस्थान कर व्हाया राजनांदगांव, गोंदिया, बालाघाट, सिवनी होते हुए जबलपुर शाम छह बजे पहुंचेंगे। वे रात्रि विश्राम जबलपुर में ही करेंगे। श्री पाण्डेय अगले दिन तीन जुलाई को सवेरे 11 बजे जबलपुर से कार द्वारा प्रस्थान कर शाम छह बजे भिलाई पहुंचेंगे।

 क्रमांक-1406/प्रेमलाल/

रायपुर : चार लाइवलीहुड कॉलेजों में बालिका छात्रावास का होगा निर्माण

रायपुर, 01 जुलाई 2017

राज्य शासन द्वारा प्रदेश के चार लाइवलीहुड कॉलेजों धमतरी, रायगढ़, रायपुर और सूरजपुर में 50-50 सीटर बालिका छात्रावास और अधीक्षिका सह कार्यालय निर्माण की मंजूरी दी गई है। इनके निर्माण के लिए चालू वर्ष 2017-18 के बजट में सात करोड़ नौ लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।
 
   क्रमांक-1404/प्रेमलाल


रायपुर : अंतागढ़ के कोयलीबेड़ा से प्रतापपुर मार्ग में तीन पुलों के लिए 25 करोड़ रूपए मंजूर

रायपुर, 01 जुलाई 2017

राज्य शासन द्वारा उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले के अंतर्गत अंतागढ़ के कोयलीबेड़ा से प्रतापपुर मार्ग में तीन वृहद पुल के निर्माण के लिए मंजूरी प्रदान की गई है। इनके निर्माण के लिए चालू वर्ष 2017-18 के बजट में 25 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। इनमें इनमें अंतागढ़ के कोयलीबेड़ा से प्रतापपुर मार्ग पर मेढ़की नदी में पुल निर्माण के लिए आठ करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत है। इसी तरह कोयलीबेड़ा से प्रतापुर मार्ग में ही बालेर नदी पर नौ करोड़ रूपए और मोहाला नाले पर आठ करोड़ रूपए की लागत से पुल का निर्माण किया जाएगा। 

   क्रमांक-1405/प्रेमलाल

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू ने किया मानसिक बीमार महिलाओं के आश्रय गृह का निरीक्षण

    रायपुर, 01 जुलाई 2017

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू ने आज महिला एवं बाल विकास से अनुदान प्राप्त ‘लार्ड बुद्धा एजुकेशन सोसायटी’ द्वारा नवागांव गोढ़ी में संचालित मानसिक बीमार महिलाओं के आश्रय गृह का निरीक्षण किया। श्रीमती साहू ने आश्रय गृह में चिकित्सा लाभ ले रही महिलाओं से उनका हाल-चाल पूछा तथा व्यवस्था की जानकारी भी ली।
    उल्लेखनीय है कि उक्त आश्रय गृह में अभी 73 महिलाएं चिकित्सा का लाभ ले रही है।
क्रमांक-1423/चित्ररेखा

रायपुर : महतारी जतन की थाली अब और आकर्षक होगी : महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू ने किया ‘आकर्षक थाली’ योजना का शुभारंभ

गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केन्द्रों में अब दाल-चावल के साथ रोटी,
दो सब्जी, गुड़, अचार, पापड़ और फल भी मुफ्त दिए जाएंगे
    रायपुर, 01 जुलाई 2017



राज्य सरकार ने गर्भवती माताओं को कुपोषण से बचाने आंगनबाड़ी केन्द्रों में संचालित महतारी जतन योजना के तहत ‘आकर्षक थाली’ की भी शुरूआत कर दी है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू ने आज रायपुर जिले के ग्राम सोनपैरी (विकासखंड आरंग) में इस योजना का शुभारंभ किया। ज्ञातव्य है कि लोक सुराज अभियान 2016 के तहत मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पिछले वर्ष तीन मई को कोरिया जिले के ग्राम ग्राम सलगंवाकला (विकासखंड सोनहत)में महतारी जतन योजना का शुभारंभ किया था। इस योजना में अब तक महिलाओं को हर हफ्ते में छह दिन पौष्टिक आहार देने के लिए दाल, चावल और एक सब्जी निःशुल्क दी जा रही थी।
    योजना को और भी अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब इसमें रोटी, अचार, पापड़ और एक सब्जी के स्थान पर दो सब्जी, फल और गुड़ को भी शामिल किया गया है। आकर्षक थाली का भोजन मुफ्त रहेगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू ने आकर्षक थाली योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि माताएं सुपोषित होंगी तो बच्चे भी सुपोषित होंगे। बच्चे स्वस्थ हो, उन्हें उचित पोषण मिले तो स्वस्थ समाज का विकास होगा तथा पूर्ण कुपोषण मुक्त राज्य का निर्माण होगा। इसके लिए उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं का ध्यान रखना परिवार का भी दायित्व है। महतारी जतन योजना के तहत आकर्षक थाली योजना का शुभारंभ करते हुए श्रीमती साहू ने गर्भवती महिलाओं को स्वयं अपने हाथ से भोजन भी परोसा।
    श्रीमती साहू ने इस अवसर पर पांच शिशुओं का अन्नप्राशन उन्हें खीर खिलाकर कराया। उन्होंने पांच गर्भवती महिलाओं को गोद भरायी की रस्म भी निभायी। श्रीमती रमशीला साहू ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्र सोनपैरी का निरीक्षण भी श्रीमती साहू ने किया। आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्र सोनपैरी में तथा पेयजल की व्यवस्था है। इस संस्ािा में एल.ई.डी. टी.व्ही. के माध्यम के बच्चों को कविता सुनाया जाता है। व कार्टून दिखाए जाते हैं। संस्था की छोटी बच्ची भारती ने मंत्री श्रीमती साहू को आज मंगलवार है कविता गा कर भी सुनाया। श्रीमती साहू द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र मंे मुनगा का पेड़ लगाकर तथा विभाग की सचिव डॉ. एम.गीता द्वारा पीपल का पेड़ लगाकर वृक्षारोपण किया गया।
    महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव डॉ. एम. गीता ने कार्यक्रम में बताया कि प्रदेश की लगभग ढाई लाख महिलाओं को महतारी जतन योजना का लाभ दिलाने का लक्ष्य है। विभाग द्वारा कराए गए सर्वेक्षण के दौरान कई महिलाओं ने अपनी राय रखी थी कि यदि आंगनबाड़ी केन्द्र में मिलने वाला भोजन कुछ अलग हो तो योजना के प्रति आकर्षण बढ़ेगा। इस पर विचार  करते हुए महतारी जतन योजना की थाली को आकर्षक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस उददेश्य से थाली में दाल-चावल के साथ अब एक सब्जी के स्थान पर दो सब्जी तथा पौष्टिकता बढ़ाने के लिए रोटी, गुड़, पापड़, अचार और फल भी शामिल किया गया है। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सोनपैरी की सरपंच श्रीमती संतोषी साहू और पंचों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

क्रमांक-1421/चित्ररेखा

रायपुर : सेवानिवृत्त होने पर मंत्रालय के चार अधिकारियों को भावभीनी बिदाई


रायपुर, 01 जुलाई 2017


मंत्रालय में पदस्थ चार अधिकारियों द्वारा कल 30 जून को अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर सरकारी सेवा से निवृत्त होने पर उन्हें आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में भावभीनी बिदाई दी गई। मंत्रालयीन कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित विदाई समारोह में खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने सेवानिवृत्त मुख्य सुरक्षा अधिकारी श्री के.एस चौधरी, मुख्य सचिव के निज सचिव श्री डी.एस. वर्मा, खाद्य विभाग के अवर सचिव श्री अरूण कुमार सिंह और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अनुभाग अधिकारी श्री सी.एल. पवार को शाल और श्रीफल देकर उनका सम्मान किया। उन्होंने सेवानिवृत्त सभी अधिकारियों के उज्जवल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर रजिस्ट्रार श्री बी.एस. कुशवाहा, भारतीय स्टेट बैंक मंत्रालय शाखा के शाखा प्रबंधक श्री सुनील कुमार धगट, मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री कीर्तिवर्धन उपाध्याय सहित संघ के सभी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में मंत्रालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

क्रमांक-1410 काशी

बालोद, गरियाबंद और बलरामपुर जिला अस्पताल में जल्द खुलेंगे ब्लड बैंक

   मुंबई से खाद्य एवं औषधि प्रषासन की टीम ने किया निरीक्षण

    रायपुर, 01 जुलाई 2017

जिला अस्पताल बालोद, गरियाबंद और बलरामपुर में जल्द ही जरूरतमंदों के लिए ब्लड बैंक उपलब्ध हो जाएगें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन जिलों में ब्लक्ड बैंक खोलने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई हैं। मुंबई से खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण कर ब्लड बैंक खोलने के  लिए सहमति प्रदान कर दी गई है। इन अधिकारियों में श्री अमोल दांडेकर और  उनकी टीम शामिल है।
        स्वास्थ विभाग के आयुक्त श्री आर. प्रसन्ना ने आज यहां बताया कि निरीक्षण टीम के द्वारा बालोद और गरियाबंद जिला अस्पताल में अधोसंरचना सहित  अन्य मशीनरी उपकरण, ब्लड स्टोरेज आदि का निरीक्षण कर संतुष्टि जाहिर किए है। निरीक्षण टीम द्वारा जिला अस्पताल बलरामपुर में नये ब्लड बैंक खोलने संबंधी आवश्यक उपकरण आदि की व्यवस्था का निरीक्षण किया जाएगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग मुंबई द्वारा जिला अस्पताल मुंगेली, रायपुर-जिला अस्पताल, कोंडागांव तथा नारायणपुर में जिला अस्पतालों का निरीक्षण पहले ही किए जा चुके है, इसमें केवल लाईसेंस मिलना बाकी है। इन चार जिलों में जल्द ही ब्लड बैंक खुल जायेंगे। साथ ही प्रदेश के दो जिले रायपुर और बिलासपुर में दो-दो ब्लड बैंक हो जायेंगे। वर्ष 2017-18 में प्रदेश के सभी जिलों में ब्लड बैंक खोलने की तैयारी की जा रही है। ब्लड बैंक खुलने से जिलों में ही रक्त की आपूर्ति हो सकेगी। श्री प्रसन्ना ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय प्रदेश में सात शासकीय ब्लड बैंक स्थापित थे, जो वर्ष 2016-17 में बढ़कर 23 हो गए हैं। वर्ष 2017-18 में सभी जिलों में ब्लड बैंक की स्थापना से ब्लड बैंकों की संख्या 29 हो जायेगी। प्रदेश में 55 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में ब्लड स्टोरेज सेंटर की भी स्थापना किया गया है।

क्रमांक-1409/ओम

रायपुर : प्रयास आवासीय विद्यालयों में प्रवेश हेतु तृतीय काउंसिलिंग 10 जुलाई को

रायपुर 01 जुलाई 2017

प्रयास आवासीय विद्यालयों में शैक्षनिक सत्र 2017-18 में प्रवेश हेतु तृतीय काउंसिलिंग 10 जुलाई को 10 बजे से संबंधित प्रयास आवासीय विद्यालय, जहां सीट रिक्त है, में आयोजित होगी। इस काउंसिलिंग में पूर्व में हुए काउंसिलिंग में अनुपस्थित रहे विद्यार्थियों को पहले एवं इसके बाद प्रतीक्षा सूची वाले विद्यार्थियों को अवसर दिया जाएगा। रिक्त सीटों की जानकारी विभागीय वेबसाइट www.tribal.cg.gov.in पर उपलब्ध है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रयास आवासीय विद्यालयों में वर्ष 2017-18 में प्रवेश के लिए 05, 06 एवं 07 जून को प्रथम काउंसलिंग तथा 27 जून 2017 को द्वितीय काउंसलिंग प्रयास आवासीय विद्यालय गुढ़ियारी रायपुर में आयोजित की गयी थी।
अधिकारियों ने बताया कि अभ्यर्थियों को अपने साथ दो पासपोर्ट फोटो, कक्षा 10 वीं बोर्ड परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने की अंकसूची, छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवास प्रमाण-पत्र तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा जारी स्थायी प्रमाण-पत्र लाना अनिवार्य है। अभ्यर्थी को नक्सल प्रभावित जिले का निवासी एवं नक्सल प्रभावित जिले के स्कूल से कक्षा 10 वीं उत्तीर्ण होना चाहिए। विस्तृत जानकारी हेतु पात्र अभ्यर्थी संबंधित जिले के सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग से भी सम्पर्क कर सकते हैं।
 क्रमांक-1413/कोसरिया

रायपुर : ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी भर्ती परीक्षा 2017 के नतीजे घोषित

रायपुर 01 जुलाई 2017

व्यावसायिक परीक्षा मंडल छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी भर्ती परीक्षा 2017 के नतीजे घोषित कर दिए गए है। कृषि संचालनालय छत्तीसगढ़ रायपुर के अन्तर्गत ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी भर्ती परीक्षा 2017, छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर द्वारा 09 अप्रैल 2017 रविवार की आयोजित की गयी थी।। मंडल के अधिकारियों ने बताया कि उक्त परीक्षा के मॉडल उत्तर व्यापम के वेबसाइड cgvyapam.chaice.gov.in पर 03 मई को प्रदर्शित किया गया था तथा 08 मई को सायं 5.30 बजे तक सप्रमाण दावा/आपत्ति  प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गयी थी। प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण विषय-विशेषज्ञों द्वारा कराया जाकर परीक्षा के अंतिम उत्तर तथा परीक्षा परिणाम 30 जून को घोषित कर दिया गया है अभ्यर्थी घोषित परीक्षा परिणाम व्यापक के वेबसाइट cgvyapam.choice.gov.in पर अवलोकन कर सकते हैं।
 
 क्रमांक-1414/कोसरिया

छत्तीसगढ़ के श्रमायुक्त कार्यालयों में शिकायतों का ऑनलाइन पंजीयन और निराकरण शुरू : निराकरण की जानकारी भी मिलेगी ऑनलाइन

रायपुर एक जुलाई 2017

राज्य सरकार ने औद्योगिक संस्थानों, कारखानों और उनमें नियोजित श्रमिकों सहित आम जनों को श्रम विभाग में अर्जी देने के लिए ऑनलाइन सुविधा प्रदान की है। छत्तीसगढ़ स्थित श्रमायुक्त संगठन के अधीन सभी कार्यालयों में शिकायतों का ऑनलाइन पंजीयन और निराकरण शुरू हो गया है। कोई भी व्यक्ति या संस्था श्रम विभाग से संबंधित अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए विभाग द्वारा ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली विकसित किया गया है। इस प्रणाली में विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली लिंक उपलब्ध कराया गया है, जिसमें ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। 
श्रम विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि शिकायतकर्ता आवेदक विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली को क्लिक करने पर उसमें दिखाई देने वाले फार्म में जानकारी भरकर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत दर्ज हो जाने पर आवेदक के ई-मेल या मोबाइल पर शिकायत पंजीकृत होने की जानकारी मिलेगी। शिकायत कर्ता इस नम्बर का उपयोग शिकायत की स्थिति जानने के लिए कर सकते हैं। विभाग द्वारा शिकायत निवारण की सूचना आवेदक के ई-मेल पर दी जाएगी। ई-मेल आई ड.ी नहीं होने पर डाक द्वारा जानकारी दी जाएगी। यदि कोई आवेदक अपनी शिकायत संबंधित जिला कार्यालय में हार्ड कापी जमा करातें हैं, तो उसे तत्काल पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। इसी प्रकार श्रमायुक्त कार्यालय में प्राप्त शिकायतों को भी तत्काल प्रणाली में दर्ज करके निराकरण किया जाएगा।

                                        क्रमांक 1403/ सी.एल.

प्रदेश को ग्यारह नवोदय विद्यालयों की नई सौगात : मुख्यमंत्री आज करेंगे आधा दर्जन नवोदय विद्यालयों का शुभारंभ

रायपुर, 13 जुलाई 2017 प्रदेश को ग्यारह नवोदय विद्यालयों की नई सौगात मिली है।  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह कल 14 जुलाई को बालोद जिले के प्...