Monday, 10 July 2017

रायपुर : पंचायत मंत्री श्री चन्द्राकर का दौरा कार्यक्रम

रायपुर, 10 जुलाई 2017

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चन्द्राकर मंगलवार 11 जुलाई को धमतरी जिले का दौरा करेंगे। श्री चन्द्राकर सवेरे 11 बजे रायपुर से मंत्रालय के लिए रवाना होंगे। वे मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में शामिल होने के बाद कुरूद जाएंगे और वहां आयोजित स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। श्री चन्द्राकर कार्यक्रम के बाद रायपुर लौट आएंगे।

क्रमांक-1522/ओम

रायपुर : हिन्द प्राथमिक शाला में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती मनाई गई

छ.ग. मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष श्री मिर्जा एजाज बेग ने किया निःशुल्क शिक्षण सामग्री का वितरण
   रायपुर, 10 जुलाई 2017


हिन्द प्राथमिक शाला आरडीए प्लाट संजय नगर रायपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छ.ग. मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष श्री मिर्जा एजाज बेग ने नर्सरी, पीपी-1 एवं पीपी-2 कक्षाओं के 55 छात्र-छात्राओं को शिक्षण सामग्री, पाठ्यपुस्तकें, कापी, पेन, सीस-पेंसिल निःशुल्क वितरित की। श्री बेग ने इस अवसर पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन वृतांत उनके योगदान एवं बलिदान के बारे में शाला के छात्र-छात्राओं को विस्तारपूर्वक जानकारी दी। कार्यक्रम में हिन्द प्राथमिक शाला की संचालक रेहाना बेगम ने बताया कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2017-18 से शाला का शुभारंभ किया गया है। इस अवसर पर शाला की शिक्षिकाओं, पालकगण, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
क्रमांक-1520/कोसरिया

Raipur : Dr. Shyama Prasad Mukherjee jayanti observed at Hind Primary School

Raipur, 10 July 2017 


Hind Primary School observed Dr. Shyama Prasad Mukherjee jayanti here. Chhattisgarh Madarsa Board chairman Mr. Mirza Ejaz Beg distributed text-books, copies, pens and pencils to 55 students. Mr. Beg hailed the contributions of Dr. Mukherjee throughout his life. Director of school Mrs. Rehana Begum , teachers, students and large number of prominent citizens were also present.
1520/Kosaria/Pradeep

रायपुर : आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना : विद्यार्थियों के चयन हेतु काउंसिलिंग 12 और 13 जुलाई को

   रायपुर, 10 जुलाई 2017

  आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजनांतर्गत वर्ष 2017-18 में विद्यार्थियों के चयन हेतु जिला स्तर पर प्रवेश परीक्षा की प्रवीण्यता के आधार पर कक्षा 6वीं एवं 9वीं में प्रवेश हेतु जिलेवार विद्यार्थियों की प्रावधिक मेरिट सूची जारी कर दी गई है। इस योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों की सूची विभागीय वेबसाईड (डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट ट्रायबल डॉट सीजी डॉट जीओवी डॉट इन) www.trbal.cg.gov.in   पर एवं संबंधित जिले के सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास के कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि रायपुर, गरियाबंद, बलौदाबाजार, महासमुंद, धमतरी, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, राजनांदगांव, कबीरधाम, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चाम्पा, कोरबा और रायगढ़ जिले के चयनित विद्यार्थियों की काउंसिलिंग 12 जुलाई को सवेरे 10.30 बजे से 5 बजे तक प्रयास आवासीय विद्यालय बालक गुढ़ियारी रायपुर में होगी। इसी प्रकार कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, जशपुर, सरगुजा, बलरामपुर, कोरिया और सूरजपुर जिले के चयनित विद्यार्थियों की काउंसिलिंग 13 जुलाई को प्रयास आवासीय विद्यालय गुढ़ियारी रायपुर में ही सम्पन्न होगी। चयनित विद्यार्थी जाति, निवास एवं आय प्रमाण पत्र तथा सहमति पत्र के मुल दस्तोवज साथ ही सत्यापित छायाप्रति के साथ निर्धारित, स्थान, तिथि एवं सयम पर उपस्थित होना सुनिश्चित करें। अधिकारियों ने बताया कि संस्था में प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए प्रवेश शुल्क, शिक्षण शुल्क, आवासीय सुविधा, मेस व्यय, गणवेश, पुस्तक, स्टेशनरी पर व्यय एवं अन्य आकस्मिक गतिविधियों पर व्यय संस्था द्वारा वहन किया जाता  है।
    राज्य शासन के आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत संचालित इस योजना के तहत अनुसूचित जाति/जनजाति के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने हेतु उत्कृष्ट निजी आवासीय शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश दिलाकर प्रतिस्पर्धात्मक बनाना इस योजना का उद्देश्य है।

क्रमांक-1521/कोसरिया

रायपुर : विधि विभाग के अतिरिक्त सचिव को भावभीनी बिदाई

रायपुर, 10 जुलाई 2017



विधि और विधायी कार्य विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री ए.के. सिंघल का स्थानांतरण होने पर विभागीय अधिकारियों ने उन्हें भावभीनी बिदाई दी। श्री सिंघल जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर पदोन्नत होकर बेमेतरा स्थानांतरित हुए हैं। मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित विदाई समारोह में विभाग के प्रमुख सचिव श्री रविशंकर शर्मा ने उन्हें शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर उनका स्वागत किया। श्री शर्मा ने कहा कि विधि-विधायी विभाग की कार्य संस्कृति अन्य विभागों से भिन्न  है, श्री सिंघल मंत्रालय में समृद्ध परम्परा छोड़कर जा रहे है। श्री सिंघल को नए जिले का दायित्व सौंपा गया है। श्री शर्मा ने उम्मीद जतायी कि न्यायिक सेवा के क्षेत्र में श्री सिंघल एक नई सोच के साथ काम करेंगे, इसका फायदा जनसामान्य को मिलेगा। श्री शर्मा ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर अतिरिक्त सचिव श्री विजय कुमार होता, अतिरिक्त सचिव श्री उमेश कुमार काटिया, उप सचिव श्री  टी.सी. त्रिपाठी एवं उप सचिव श्री पी.एन. त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में विधि-विधायी और संसदीय कार्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
 
क्रमांक-1519/काशी

Raipur : Law Department Additional Secretary A. K. Singhal given warm farewell

Raipur  , 10 July 2017

 
Law Department Additional Secretary Mr. A. K . Singhal today was accorded a warm send-off on being transferred to Bemetara. Mr. Singhal has been promoted- transferred to Bemetara as District and Sessions Judge. In a farewell function accorded to him at Mantralaya (Mahanadi Bhawan) Department's Principal Secretary Mr. Ravishankar Sharma presented him a shawl, coconut and a memento. He said Mr. Singhal had left behind an enduring legacy which should be emulated by all concerned. He was given the responsibility of new district. Mr. Sharma added that Mr. Singhal will work with new ideas and help the common masses. He wished him a bright future.    

1519/Kashi/ Pradeep

                                                                        

पर्यटन स्थल ’जतमई’ के पास विकसित होगा औषधीय पौध संरक्षण क्षेत्र : गुरू पूर्णिमा के अवसर पर हुआ शुभारंभ: लगभग 500 एकड़ में लगाए जाएंगे औषधीय पौधे

रायपुर, 10 जुलाई 2017

राजधानी रायपुर के नजदीक गरियाबंद जिले में स्थित प्रसिद्ध प्राकृतिक एवं धार्मिक पर्यटन स्थल ’जतमई’ के आसपास का लगभग 200 हेक्टेयर (500 एकड़) रकबा औषधीय पौध संरक्षण क्षेत्र के रूप में विकसित होगा। छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री राम सिंह ने कल गुरू पूर्णिमा के पावन अवसर पर जतमई में आयोजित कार्यक्रम में औषधीय प्रजाति का पौधा लगाकर इस परियोजना का शुभारंभ किया।
बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. जे.पी. शर्मा ने शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता की। महासमुन्द लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री चंदूलाल साहू और छत्तीसगढ़ वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास मद्दी समारोह में विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर जतमई में पारम्परिक हर्बल उत्पाद केन्द्र का शुभारंभ भी किया गया।     छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह ने अपने उदबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ के हर जिले में औषधीय पौध संरक्षण क्षेत्र (एमपीसीए) विकसित किया जाना चाहिए। इन क्षेत्रों में औषधीय पौधे लगने से पर्यावरण संरक्षण तथा पारम्परिक औषधीय ज्ञान को बढ़ावा मिलेगा। डॉ. जी.पी. शर्मा ने औषधीय पौधों के संरक्षण में विनाश विहीन विदोहन पद्धति का उपयोग करने पर जोर दिया, ताकि भावी पीढ़ियों के लिए औषधीय पौधों के भण्डार सुरक्षित रहे। लोकसभा सांसद श्री चंदूलाल साहू ने जतमई का औषधीय पौध संरक्षण क्षेत्र विकसित करने के लिए चयन होने पर स्थानीय लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी और कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से इलाज करने वाले क्षेत्र के पारम्परिक वैद्यों को इसका लाभ मिलेगा। औषधीय पादप बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शिरीषचंद्र अग्रवाल ने कहा कि औषधीय पौधे के संरक्षण में रूचि रखने वाले ग्रामीणों, वनवासियों और पारम्परिक वैद्यों को वन समितियों के माध्यम से इस कार्य से जोड़ा जाएगा।
    राज्य औषधीय पादप बोर्ड के अधिकारियों ने इस अवसर पर बताया कि औषधीय पौधा संरक्षण क्षेत्र के लिए ऐसे क्षेत्रों का चयन किया जाता है, जहां विलुप्त प्रजाति के औषधीय पौधे हैं। इन क्षेत्रों में परम्परागत चिकित्सा की पद्धति का चलन पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित हो रही है। उन्होंने बताया कि जतमई क्षेत्र में जलप्रपात होने के कारण जलीय व पथरीली औषधीय प्रजातियों को पौधे पाए जाते हैं। इस क्षेत्र में मिश्रित वन के साथ-साथ वृक्ष प्रजातियों की संख्या भी अधिक है। यहां औषधीय पौधा, लाल शीशम, कुल्लू, भेलवा, डिकामाली, बेल, कोरिया, आंवला, मरोड़फल्ली आदि के लिए प्रसिद्ध है। जतमई क्षेत्रों के गांवों में अनेक पारंपरिक वैद्य निवास करते हैं, जो पीलिया, पेट दर्द, बुखार, दस्त, सिर दर्द, हड्डी जोड़, सूजन, कमजोरी, गठियावात, कटने, जलने, मिर्गी आदि बीमारियों का उपचार करते हैं। उन्होंने बताया कि औषधीय पौध संरक्षण क्षेत्र विकसित होने से यहां पर कुछ वर्षों बाद औषधीय पौधों की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय लोगों की आमदनी भी बढ़ेगी।  
क्रमांक-1528/राजेश

रायपुर : छत्तीसगढ़ में किसानों को एक हजार 882 करोड़ अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित

रायपुर, 10 जुलाई 2017

छत्तीसगढ़ में प्राथमिक कृषि सहकारी साख समितियों के माध्यम से किसानों को खरीफ फसलों के लिए बिना ब्याज के अल्पकालीन कृषि ऋण बांटने का काम तेजी से चल रहा है। विगत 07 जुलाई तक प्रदेश के पांच लाख 43 हजार 93 किसानों को लगभग एक हजार 882 करोड़ 99 लाख रूपए के अल्पकालीन कृषि ऋण का वितरण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 59 प्रतिशत है। राज्य सरकार ने इस खरीफ मौसम में किसानों को तीन हजार 200 करोड़ रूपए का ऋण खेती-किसानी के लिए बांटने का लक्ष्य रखा है। समितियों से किसानों को खरीफ फसलों के लिए एक अप्रैल 2017 से ऋण वितरण किया जा रहा है।
अपैक्स बैंक के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि रायपुर जिले के किसानों को 86 करोड़ 72 लाख रूपए, गरियाबंद जिले के किसानों को 38 करोड़ 28 लाख रूपए, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के किसानों को 133 करोड़ 29 लाख रूपए, महामसुंद जिले के किसानों को 96 करोड़ 17 लाख रूपए, धमतरी जिले के किसानों को 49 करोड़ 12 लाख रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किया जा चुका है। दुर्ग जिले के किसानों ने 143 करोड़ 13 लाख रूपए, बलोद जिले के किसानों के 188 करोड़ रूपए, बेमेतरा जिले के किसानों ने 181 करोड़ 19 लाख रूपए, राजनांदगांव के किसानों ने 204 करोड़ 78 लाख रूपए, कबीरधाम जिले के किसानों ने 173 करोड़ रूपए का ़ऋण अभी तक ले लिया है। 
बिलासपुर जिले के किसानों को 85 करोड़ रूपए, मुंगेली जिले के किसानों को 60 करोड़ रूपए, जांजगीर-चाम्पा जिले के किसानों को 140 करोड़ 64 लाख रूपए, कोरबा जिले के किसानों को 26 करोड़ 53 लाख रूपए का कृषि ऋण प्राथमिक सहकारी कृषि साख समितियों के माध्यम से वितरित कर लिया गया है। इसी प्रकार जगदलपुर जिले के किसानों को 69 करोड़ 55 लाख रूपए, कोण्डागांव जिले के किसानों को 31 करोड़ 80 लाख रूपए, नारायणपुर जिले के किसानों को 40 करोड़ रूपए, कांकेर जिले के किसानों को 61 करोड़ रूपए, बीजापुर जिले के किसानों को 14 करोड़ 42 लाख रूपए, दंतेवाड़ा जिले के किसानों को दो करोड़ 25 लाख रूपए तथा सुकमा जिले के किसानों को चार करोड़ 86 लाख रूपए का ऋण खरीफ फसलों के लिए वितरित हो चुका है। 
सरगुजा जिले के किसानों को 23 करोड़ 36 लाख रूपए, बलरामपुर जिले के किसानों को 14 करोड़ 39 लाख रूपए, सूरजपुर जिले के किसानों को 16 करोड़ 86 लाख रूपए तथा कोरिया जिले के किसानों को छह करोड़ 94 लाख रूपए का कृषि ऋण वितरित कर दिया गया है। रायगढ़ जिले के किसानों ने 24 करोड़ 56 लाख रूपए तथा जशपुर जिले के किसानों ने चार करोड़ 22 लाख रूपए का ऋण प्राप्त कर लिया है।  


क्रमांक-1518/राजेश

Raipur : One thousand 882 crore short term loans distributed to farmers in Chhattisgarh

Raipur, 10 July 2017
Distribution of interest-free short-term agriculture loans for kharif crops through agriculture cooperative credit societies is underway in Chhattisgarh at an accelerated pace. Till July 7, 2017, short term loans worth nearly Rs one thousand 882 crore 99 lakh have been distributed to five lakh 43 thousand 93 farmers of state, which is around 59 per cent of the given target. State Government has set the target of distributing agriculture loans worth nearly Rs three thousand 200  crore to farmers in this kharif season. Cooperative societies are distributing the loans for kharif season since April 1, 2017.
Apex Bank Officials informed today that loans worth nearly Rs 86 crore 72 lakh have been distributed to farmers of Raipur district, loans worth Rs 38 crore 28 lakh to farmers of Gariaband district, Rs 133 crore 29 lakh to farmers of Balodabazar-Bhatapara district, 96 crore 17 lakh to farmers of Mahasamund district, Rs 49 crore 12 lakh to farmers of Dhamtari district, Rs 143 crore 13 lakh to farmers of Durg district, Rs 188 crore to farmers of Balod district, Rs 181 crore 19 lakh to Bemetara district, Rs 204 crore 78 lakh to farmers of Rajnandgaon district, loans worth Rs 173 crore distributed to farmers of Kabeerdham district. Short term agriculture loans worth nearly Rs 85 crores have been distributed to farmers of Bilaspur district, Rs 60 crore to farmers of Mungeli district, Rs 140 crore 64 lakh to farmers of Janjgir-Champa district, Rs 26 crore 53 lakh to farmers of Korba district, Rs 69 crore 55 lakh to farmers of Jagdalpur district, Rs 31 crore 80 lakh to farmers of Kondagaon district, Rs 40 crore to farmers of Narayanpur district, Rs 61 crore to farmers of Kanker district, Rs 14 crore 42 lakh to farmers of Bijapur district, Rs 2 crore 25 lakh to Dantewada district, Rs 4 crore 86 lakh to farmers of Sukma district, loans worth Rs 23 crore 36 lakh to farmers of Sarguja district, Rs 14 crore 39 lakh to the farmers of Balrampur district, Rs 16 crore 86 lakh to the farmers of Surajpur district, Rs 6 crore 94 lakh to farmers of Koriya district, short-term agriculture loans worth nearly Rs 24 crore 56 lakh have been distributed to farmers of Raigarh district and those worth Rs four crore 22 lakh have been distributed to farmers of Jashpur district.

number-1518/Rajesh/Sana

रायपुर : श्री अमर अग्रवाल की अध्यक्षता में 11 और 12 जुलाई को नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक

रायपुर 10 जुलाई 2017

नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अमर अग्रवाल की अध्यक्षता में 11 और 12 जुलाई को नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक न्यू सर्किट हाउस में आयिजत की गई है। 11 जुलाई को राज्य के सभी नगर निगमों के कामकाज की समीक्षा दोपहर 2 बजे से की जाएगी। इसके बाद अपराह्न साढ़े 4 बजे से साढ़े 7 बजे तक बस्तर, अंबिकापुर और बिलासपुर संभाग की कुल 26 नगर पालिकाओं की समीक्षा की जाएगी। 12 जुलाई को सुबह 10 से 12 बजे तक दुर्ग और रायपुर संभाग की नगर पालिकाओं और दोपहर 12 से 1 बजे तक बस्तर संभाग की नगर पंचायतों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई है। इसी दिन दोपहर 2 से 3 बजे तक अंबिकापुर संभाग की नगर पंचायत, दोपहर 3 से साढ़े 4 बजे तक रायपुर संभाग की नगर पंचायत, साढ़े चार बजे से साढ़े छह बजे तक बिलासपुर संभाग की नगर पंचायत और साढ़े छह से आठ बजे तक दुर्ग संभाग की नगर पंचायतों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई है।
                                      क्रमांक- 1514/ नितिन

​रायपुर : नहर मरम्मत और लाईनिंग के लिए 13.17 करोड़ से ज्यादा राशि मंजूर

रायपुर, 10 जुलाई 2017

राज्य शासन द्वारा बालोद जिले के गुण्डरदेही और दुर्ग जिले के दुर्ग विकासखण्ड में खरखरा व्यपवर्तन योजना के दायीं तट नहर की मरम्मत, लाईनिंग और पक्के संरचनाओं के निर्माण के लिए 13 करोड़ 17 लाख 51 हजार रूपए मंजूर किये गए है। जल संसाधन विभाग ने इसकी प्रशासकीय स्वीकृति के आदेश यहां मंत्रालय (महानदी भवन) से जारी कर दिये हैं। मरम्मत और लाईनिंग के बाद इस योजना से एक सौ हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा बढ़कर 1170 हेक्टेयर क्षेत्र हो जाएगा। 

क्रमांक-1516/काशी

रायपुर : ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण के लिए 30.45 करोड़ रूपए मंजूर : बिलासपुर जिले में ग्रामीण सड़कों का बढ़ेगा नेटवर्क

रायपुर, 10 जुलाई 2017

राज्य शासन द्वारा बिलासपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आवागमन के लिए चालू वर्ष 2017-18 के अन्तर्गत 17 ग्रामीण सड़कों के निर्माण की मंजूरी प्रदान की गयी है। इन सड़कों का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा स्वीकृत तीस करोड़ 45 लाख रूपए की राशि से किया जाएगा। 
लोक निर्माण मंत्री श्री राजेश मूणत ने आज यहां बताया कि इनके निर्माण से बिलासपुर जिले में ग्रामीण सड़कों का नेटवर्क बढ़ेगा। इन सड़क मार्गों में सराईपतेरा से हरदीबांध होते हुए उरई कछार मार्ग तक साढ़े तीन किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए एक करोड़ 50 लाख रूपए मंजूर किए गए हैं। उसी तरह चेचानडीह कोदवा से कंचनपुर मार्ग तक दो किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए एक करोड़ 20 लाख और तुरवारी से मोहतरा कुर्मी मार्ग तक ढाई किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए एक करोड़ 50 लाख रूपए स्वीकृत है। बिलासपुर के मेनरोड में पटारी कांपा मार्ग निर्माण के लिए एक करोड़ रूपए, बांधा से देवरहटा तक दो किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए दो करोड़ रूपए और देवरहटा से औंवराबांधा तक दो किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए एक करोड़ 20 लाख रूपए मंजूर किए गए हैं।
पेन्ड्री तालाब से रतियापारा होते हुए धोधापारा तक साढ़े चार किलोमीटर सड़क का निर्माण एक करोड़ 50 लाख रूपए, रपटी से गुनापुर तक दो किलोमीटर लम्बाई के मार्ग का निर्माण एक करोड़ 20 लाख रूपए और जोरापारा से अरईबंध तक तीन किलोमीटर लम्बाई के सड़क मार्ग का निर्माण एक करोड़ 80 लाख रूपए से किया जाएगा। जरौंधा से नयापारा तक दो किलोमीटर मार्ग का निर्माण एक करोड़ 20 लाख रूपए, बिरघौना से आवास पारा तक एक किलोमीटर लम्बाई के सड़क का निर्माण एक करोड़ पांच लाख रूपए और पोंगरिहा पहुंच मार्ग का निर्माण एक करोड़ पांच लाख रूपए की राशि से किया जाएगा। इसके अलावा चार किलोमीटर लम्बाई के बैतलपुर मदकु मार्ग का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण चार करोड़ रूपए और दो किलोमीटर लम्बाई के चन्द्रखुरी बस्ती पहुंच मार्ग का निर्माण एक करोड़ 20 लाख रूपए की राशि से किया जाएगा। 

क्रमांक-1515/प्रेमलाल

Raipur : Rs. 30.45 crore sanctioned for laying of rural roads : Network of rural roads will increase in Bilaspur

Raipur, 10 July 2017
 
The State Public Works Department recently sanctioned laying of 17 rural roads at a cost of Rs Thirty crore 45 lakh in the fiscal 2017-2018 in Bilaspur district. Public Works Department Minister Mr. Rajesh Munat today said that the rural regions will get better network of roads in Bilaspur district. A road linking Saraipatera-Hardibandh - Urai Kachar (3.5 kilometre) will be laid at a cost of Rs One crore 50 lakh. Similarly, road linking Chechandih-Kodwa-Kanchanpur (2 Km) at a cost of Rs One crore 20 lakh and Turwari-Mohatara-Kurmi (2.5 km) will be laid at a cost of Rs One crore 50 lakh.
The PWD also will lay Bilaspur Mainroad-Patari Kampa road at a cost of One crore, Bandha -Dewarhata (2 kilometer) will be laid at a cost of Rs Two crore and Dewarhata-Aunwrabandha (2 kilometre) at a cost of Rs One crore 20 lakh.
Roads will be laid linking Pendri Talab-Ratipayara-Dhodhapara, Rapti-Gunapur, Jorapara- Araibandh, Jaroundha-Nayapara, Birgouna-Awaaspara, Baithalpur Madhku road expansion and upgradation.

1515/Premlal/Pradeep

जीएसटी पर आज रायपुर में विचार-विमर्श कार्यक्रम : केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री अहलुवालिया और प्रदेश के वाणिज्यिक-कर मंत्री श्री अमर अग्रवाल होंगे शामिल

रायपुर, 10 जुलाई 2017
केन्द्रीय कृषि, कृषक कल्याण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री श्री एस.एस. अहलुवालिया कल 11 जुलाई को राजधानी रायपुर में जीएसटी कानून पर केन्द्रित विचार विमर्श के कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम यहां समता कॉलोनी स्थित महाराजा अग्रसेन अंतर्राष्ट्रीय कॉलेज के सभागृह में सवेरे 9.45 बजे शुरू होगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार के वाणिज्यिक-कर मंत्री श्री अमर अग्रवाल, रायपुर के लोक सभा सांसद श्री रमेश बैस, केन्द्रीय उत्पाद शुल्क और जीएसटी विभाग के आयुक्त श्री विनोद कुमार सक्सेना, छत्तीसगढ़ सरकार के वाणिज्यिक-कर और जीएसटी विभाग की आयुक्त श्रीमती संगीता पी. तथा केन्द्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधि तथा अन्य स्टेक होल्डर्स शामिल होंगे। कार्यक्रम का आयोजन केन्द्रीय वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) आयुक्त कार्यालय रायपुर द्वारा किया जा रहा है।
 क्रमांक-1533/स्वराज्य

कृषि मंत्री ने अऋणी किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल होने की अपील की : लगभग तीन लाख अऋणी किसानों को योजना के दायरे में लाने का लक्ष्य

रायपुर, 10 जुलाई 2017
कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने अऋणी किसानों से खरीफ मौसम 2017 के लिए लागू प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने आज यहां जारी अपील में कहा है कि बीमा योजना के तहत अधिसूचित फसल लेने वाले सभी गैर ऋणी किसान स्वैच्छिक आधार पर अनिवार्य दस्तावेज प्रस्तूत कर योजना में शामिल हो सकते हैं।
श्री अग्रवाल ने कहा है कि केन्द्र सरकार के अनुमोदन के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ मौसम 2017 के लिए प्रदेश के सभी जिलों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू कर दी है। उन्होंने बताया कि खरीफ फसलों के लिए कृषि ऋण लेने वाले किसान स्वाभाविक रूप से इस योजना के दायरे में आ जाते हैं। प्रदेश सरकार ने इस साल भी अधिक से अधिक गैर ऋणी किसानों को बीमा योजना में शामिल करने के लिए कार्यक्रम बनाया है। इस बार लगभग खेती-किसानी के लिए ऋण नहीं लेने वाले लगभग तीन लाख किसानों को बीमा दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विभाग के हर एक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को एक सौ गैर ऋणी किसानों को बीमा योजना से जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है। प्रदेश में तीन हजार ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी कार्यरत हैं।
    श्री अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत मुख्य फसल में धान सिंचित और धान असिंचित को अधिसूचित किया गया है। अन्य फसलों में मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, अरहर, मूंग और उड़द को बीमा दायरे में लाया गया है। बीमा योजना के लिए ग्राम पंचायतों को इकाई बनाया गया है। इस योजना में ऋणी और अऋणी किसानों जिनमें भू-धारक व बटाईदार शामिल हैं भाग ले सकते हैं। ऐसे सभी किसान, जो अधिसूचित फसल उगा रहे हैं और वित्तीय संस्थानों से जिनकी मौसमी कृषि ऋणी की सीमा खरीफ 2017 के लिए एक अप्रैल 2017 से 31 जुलाई 2017 तक स्वीकृत या नवीनीकृत की गयी है, अनिवार्य रूप से शामिल रहेंगे। एक ही अधिसूचित क्षेत्र एवं अधिसूचित फसल के लिए अलग-अलग वित्तीय संस्थानों से कृषि ऋणी स्वीकृत होने की स्थिति में किसानों को एक ही वित्तीय संस्थान से बीमा करवाना होगा। अधिसूचित फसल लेने वाले सभी गैर ऋणी किसान, जो इस योजना में शामिल होने इच्छुक हैं, वे स्वैच्छिक आधार पर अनिवार्य दस्तावेज प्रस्तूत कर योजना में शामिल हो सकते हैं।
    उन्होंने बताया कि खरीफ 2016 की निविदा की दरों पर ही खरीफ वर्ष 2017 में अधिसूचित क्षेत्रों में फसल बीमा कार्य किया जाएगा। नारायणपुर, कांकेर, कबीरधाम, रायगढ़, दुर्ग, कोण्डागांव, बिलासपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, बलरामपुर, कोरिया, बीजापुर, महासमुंद, धमतरी, जशपुर, रायपुर, बस्तर, जांजगीर-चाम्पा, दंतेवाड़ा, राजनांदगांव और सरगुजा जिले के लिए इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कम्पनी को योजना के लिए बीमा एजेंसी नियुक्त किया गया है। इसी तरह सुकमा, मुंगेली, बालोद, बेमेतरा, सूरजपुर और कोरबा जिले के लिए रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कम्पनी को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए बीमा एजेंसी बनाय गया है।
    कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों द्वारा अधिकतम देय प्रीमियम बीमित राशि का दो प्रतिशत अथवा वास्तविक प्रीमियम जो भी कम हो देय होगा। शेष प्रीमियम राशि 50-50 प्रतिशत के मान से केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से अनुदान के रूप में दिया जाएगा। अधिसूचना के अनुसार अधिसूचित फसलों की बोआई नहीं होने, बीज निष्फल होने, सही रोपा नहीं लगने, मौसमी प्रतिकूलताओं के कारण अधिसूचित फसलों की बोआई से कटाई की समयावधि में नुकसान होने, स्थानीय आपदाओं, फसल कटाई के उपरांत खेती मंे सुखाने के लिए रखी गयी फसल को नुकसान होने की स्थिति में बीमा दावा का भुगतान नियमानुसार किया जाएगा।
क्रमांक-.1523/राजेश

Agriculture Minister appeals farmers, who are not a beneficiary of loan scheme, to avail Prime Minister Crop Insurance Scheme : Nearly three lakh such farmers to be included under the scheme

Raipur, 10 July 2017
 Agriculture Minister Mr. Brijmohan Agrawal has appealed farmers, who are not the beneficiaries of loan scheme, to avail Prime Minister Crop Insurance Scheme. He said in the appeal he issued today that non-indebted farmers, taking the scheduled crops, may voluntarily avail this insurance scheme by producing necessary documents.
Mr. Agrawal said that after getting approval from Central Government, Chhattisgarh Government has started the implementation of Prime Minister Crop Insurance Scheme in all the districts of state from kharif season 2017. He told that the farmers availing agricultural loan scheme get automatically enrolled for this scheme. This year, State Government has set the target of including nearly three lakh non-indebted under this insurance scheme. For this, each rural agriculture expansion officer has been given the target of associating minimum 100 non-indebted farmers the scheme. There are total three thousand rural agriculture expansion officers are working in the state.
Mr. Agrawal informed that paddy (irrigated) and paddy (non-irrigated) have been enlisted under the scheme as main crop, while other crops such as corn, soyabean, peanut, lentils, moong and urad have also been included under the insurance cover. Gram Panchayats have been made the unit for this insurance scheme, which can be availed by indebted, non-indebted, land-owner other farmers. Non-indebted farmers, who are producing the enlisted crop, may voluntarily also avail this scheme if interested by producing the mandatory documents.
number-1523/Rajesh/Sana

प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के असरकारक अमल के लिए छत्तीसगढ़ को मिली सराहना, अन्य राज्य भी करेंगे अनुसरण

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मुख्य सचिवों की बैठक में मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड ने जिला खनिज न्यास पर दिया प्रस्तुतिकरण
रायपुर,  10 जुलाई 2017
 
 प्रधानमंत्री खनिज कल्याण योजना के तहत खनन क्षेत्र के सर्वागीण विकास के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अमल में लायी जा रही बहुआयामी कार्ययोजना को आज नई दिल्ली में आयोजित मुख्य सचिवों की बैठक में अन्य राज्यों की सराहना मिली । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में राज्य के मुख्य सचिव ने छत्तीसगढ़ में लागू जिला खनिज संस्थान न्यास के माध्यम से किये जा रहे विकास कार्यक्रमों पर व्यापक प्रस्तुतिकरण दिया। देश के अन्य राज्य भी अब अपने यहा छत्तीसगढ़ की तर्ज पर इसे अमल में लायेंगे।
    प्रस्तुतिकरण के दौरान मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड ने बताया कि जिला खनिज संस्थान न्यास योजना के तहत राशि का लगभग 60 प्रतिशत इन पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छतता, कृषि, पर्यावरण संरक्षण, महिला एवं बाल विकास तथा कौशल विकास  पर व्यय किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अधिकांश खनन क्षेत्र अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों में है और खनिज न्यास की राशि से हो रहे विकास ने यहा के परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव लाया है । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं दंतेवाड़ा में भ्रमण के दौरान इसका  अवलोकन कर चुके है और अब राज्य सरकार ने इसे पूरे राज्य में लागू कर दिया । उन्होंने बताया कि डीएमएफ मद में अभी तक 1854 करोड़ रूपये की राशि जमा की गयी है।इसमें से 1752 करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत कर संचालित किये जा रहे है ।ं
    मुख्य सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत अन्य विशेष कार्ययोजनाओं को भी शामिल किया गया है । इनमें खनन से प्रभावित क्षेत्र के ग्रामों में महिलाओं को उज्जवला योजना के अंतर्गत शत-प्रतिशत रसोई गैस कनेक्शन , गैस चूल्हा तथा सिलेण्डर निशुल्क प्रदान किया जा रहा है । इसी प्रकार इन क्षेत्रों के विस्थापित परिवारों के बच्चों को मेडिकल , इंजीनियरिंग, लॉ, मैनेजमेंट और अन्य परीक्षाओं की तैयारियों के लिए पूरी मदद की जा रही है। कार्ययोजना के तहत खनन से प्रभावित क्षेत्रों में शत प्रतिशत विद्युतीकरण का कार्य भी शामिल किया गया है । 
क्रमांक-1530/सीआईसी

हमर छत्तीसगढ़ योजना : वन मंत्री से मिले बीजापुर के पंच-सरपंच

रायपुर. 10 जुलाई 2017

 राज्य शासन के हमर छत्तीसगढ़ योजना में अध्ययन भ्रमण पर आए बीजापुर के पंचायत प्रतिनिधियों ने आज यहां मंत्रालय में वन एवं विधि और विधायी कार्य मंत्री श्री महेश गागड़ा से मुलाकात की। पंच-सरपंचों ने मंत्रालय भ्रमण के दौरान सचिव ब्लॉक, प्रशासनिक ब्लॉक और एंसीलरी ब्लॉक के भ्रमण के बाद मंत्री ब्लॉक में स्थित वन मंत्री के कार्यालय पहुंचकर उनसे सौजन्य मुलाकात की। श्री गागड़ा ने पंचायत प्रतिनिधियों का हाल-चाल जानने के बाद गांवों में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में भी पंच-सरपंचों से पूछा। वन मंत्री ने उनसे आग्रह किया कि वे क्षेत्र की जरूरतों और लोगों की मांगों से नियमित रूप से उन्हें अवगत कराएं।
      मंत्रालय के रजिस्ट्रार श्री बी.एस. कुशवाहा ने बीजापुर के जनप्रतिनिधियों को समिति कक्ष, व्यायाम कक्ष, झूला घर, ग्रंथालय दिखाते हुए उन्हें विभिन्न व्यवस्थाओं से अवगत कराया और वहां होने वाले प्रशासनिक काम-काज की जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि हमर छत्तीसगढ़ योजना के अंतर्गत बीजापुर के भैरमगढ़ विकासखंड के लगभग 100 पंचायत प्रतिनिधि रायपुर और नया रायपुर के दो दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए हुए हैं। इनमें मंगलनार, कोसलनार, बंगलूर, जांगला, माटवाड़ा, कोंड्रोजी, पोटेनार एवं कोडोली सहित अनेक पंचायतों के पंच-सरपंच शामिल हैं।
 क्रमांक-1531/कमलेश

प्रो. रोहिनी सरगुजा विश्वविद्यालय के कुलपति नियुक्त : राजभवन सचिवालय से आदेश जारी

रायपुर, 10 जुलाई 2017
 राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री बलरामजी दास टंडन द्वारा प्रोफेसर रोहिनी प्रसाद को सरगुजा विश्वविद्यालय, अंबिकापुर का कुलपति नियुक्त किया गया है। राज्यपाल के सचिव श्री अशोक अग्रवाल द्वारा आज यह आदेश जारी किया गया। यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 (क्रमांक 22, 1973) की धारा 13 की उपधारा (1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है।
प्रोफेसर रोहिनी प्रसाद वर्तमान में अर्थशास्त्र अध्ययनशाला में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में कार्यरत हैं। 
क्रमांक-1527/हर्षा

हमर छत्तीसगढ़ योजना : बस्तर के 600 पंचायत प्रतिनिधि राजधानी रायपुर के अध्ययन भ्रमण पर

अध्ययन प्रवास के पहले दिन देखा मंत्रालय, कृषि विश्वविद्यालय,
क्रिकेट स्टेडियम, इमर्सिव डोम और पुरखौती मुक्तांगन

रायपुर. 10 जुलाई 2017

 हमर छत्तीसगढ़ योजना के तहत अध्ययन भ्रमण के लिए बस्तर संभाग के चार जिलों के 600 पंचायत प्रतिनिधि आज अलसुबह रायपुर पहुंचे। इनमें बस्तर जिले के 235, कोंडागांव के 148, कांकेर के 115 और बीजापुर जिले के 104 पंच-सरपंच शामिल हैं। अध्ययन भ्रमण के पहले दिन आज पंचायत प्रतिनिधियों ने नया रायपुर में मंत्रालय, शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, फाइव-डी इमर्सिव डोम और पुरखौती मुक्तांगन देखा। पंचायत प्रतिनिधियों ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का भ्रमण कर वहां खेती की आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी ली। मंत्रालय भ्रमण के दौरान रजिस्ट्रार श्री बी.एस. कुशवाहा ने पंच-सरपंचों को वहां होने वाले कार्यों और प्रक्रियाओं के बारे में बताया। यहां उन्होंने मंत्री ब्लॉक, सचिव ब्लॉक, प्रशासनिक ब्लॉक और एंसीलरी ब्लॉक सहित मुख्यमंत्री कक्ष का अवलोकन किया।

      पंचायत प्रतिनिधि अध्ययन यात्रा के दूसरे दिन कल 11 जुलाई को छत्तीसगढ़ विधानसभा, साइंस सेंटर, स्वामी विवेकानंद विमानतल और जंगल सफारी का भ्रमण करेंगे। दो दिनों के अध्ययन भ्रमण के दौरान पंच-सरपंचों को न केवल छत्तीसगढ़ में तेजी से हो रहे विकास कार्यों को नजदीक से देखने का मौका मिलेगा, बल्कि वे प्रदेश की कला, संस्कृति, शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों से भी रू-ब-रू होंगे। हमर छत्तीसगढ़ योजना के आवासीय परिसर नया रायपुर के उपरवारा स्थित होटल प्रबंधन संस्थान में अनेक प्रशिक्षण सत्रों और समूह चर्चाओं के जरिए पंचायत प्रतिनिधि एक-दूसरे की पंचायतों द्वारा किए जा रहे कार्यों और सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन के अनुभव साझा करेंगे। विभागीय अधिकारी एवं विषय विशेषज्ञ उन्हें विभिन्न योजनाओं की बारीकियां बताने के साथ ही उनके प्रभावी क्रियान्वयन के तरीके भी बताएंगे।
क्रमांक-..1524./कमलेश

प्रदेश को ग्यारह नवोदय विद्यालयों की नई सौगात : मुख्यमंत्री आज करेंगे आधा दर्जन नवोदय विद्यालयों का शुभारंभ

रायपुर, 13 जुलाई 2017 प्रदेश को ग्यारह नवोदय विद्यालयों की नई सौगात मिली है।  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह कल 14 जुलाई को बालोद जिले के प्...