Sunday, 11 June 2017

‘ रमन चो गोठ’ : आकाषवाणी ले प्रसारित बिषेष कार्यक्रम : (दिनांक 11 जून 2017, समय रात्रि: 08 : 00 से 08.20 बजे)




महिला उद्घोषक बाटले
सुनतो लोग मन के जुहार!
·      आकाषवाणी चो बिषेष प्रसारणरमन चो गोठने आमी, सपाय सुनतो लोग मन चो हार्दिक स्वागत करूंसे, अभिनंदन करूंसे। कार्यक्रम चो बाइसवीकड़ी चो काजे आकाषवाणी चो स्टुडियों ने माननीय मुख्यमंत्री साहेब अमरलासोत।?
·      डॉक्टर साहेब जुहार, खुबे-खुबे स्वागत आय, आपन चो येई कार्यक्रम ने

मुख्यमंत्री जी
·      धन्यवाद आपनचो अउर आपलो रेडियों आरू टी.वी. चो पूरे बसुन मोके सुनतो लोग मन चो बले।
·      सपाय संगी-जहुरिया, सियान-जुवान, माय-बहिन मन के जय जुहार।

पुरूष उद्घोषक बाटले
·      डॉक्टर साहेब गेलो महिना आपन लोक सुराज अभियान चो बारे ने आपलो खुबे असन अनुभव सुनाउ रलास। अभियान सरलो पाटकुति कसन परकार चो तस्वीर बनली, एचो बारे ने आपलो बिचार सुनतो लोग मन संगे साझा करूक चाहासे काय?

मुख्यमंत्री साहेब
·      लोक सुराज अभियान 2017 के सबले बड़े सोषल आॅडिट चो रूप ने सुरता करा जायदे। 
·      कुल मिलाउन 26 फरवरी ले 20 मई तक ले एई अभियान 84 दिन, 2 हजार 16 घण्टा तक ले सरलगा चलते रली। एई भितरे कुल 28 लाख 54 हजार 360 आवेदन ईली, जेचो ले गांवली क्षेत्र ने 25 लाख 86 हजार 569, शहर क्षेत्र ने 2 लाख 59 हजार 594 आरू आॅनलाईन 8 हजार 197 आवेदन रली।
·      एई आवेदन मन चो निराकरण चो बले कीर्तिमान बनली। 93 प्रतिषत अनेकि 26 लाख 55 हजार 833 आवेदन मन चो निराकरण करा गेली।
·      अभियान ने एकाएक निरीक्षण/अवलोकन/समाधान षिविर मनचो मौका ने मै 10 हजार 757 किलो मीटर चो यात्रा पूरा करले।
·      मै खुदे 21 समाधान षिविर मन ने उपस्थित होले, 16 ठान मन ने एकाएक जांच करलें, 18 ठान मन ने समीक्षा बैठक  करले अउर 17 शहर मन ने विश्राम करले। जम्माय अभियान चो भीतरे मै 185 संगठन मन आरू 54 सौ जनप्रतिनिधि मन ले भेंट करले।
·      लोक सुराज अभियान ले एई पता चलली कि प्रदेष ने लोग मन के सबले जादा अपेक्षा कोन विभाग ले  आसे आरू कोन परकार चो समस्या मन आरू मांग मन उभरून ईलासोत।
·      सबले जादा आवेदन प्रधानमंत्री आवास योजना आरू प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना चो काजे मिरला सोत। एई योजना मन चो उपरे जबरदस्ता उत्साह आसे।
·      कोचिया बंदी के नेउन गांव मन ने खुबे सकरात्मक वातावरण आसे।
·      98 प्रतिषत गांव मन ने शराब चो दुकान मन नीआत।
·      नुआॅ शराब नीति चो कारण ने प्रदेष ने सड़क दुर्घटना मन चो संख्या ने 27 प्रतिषत तक ले गिरावट ईलीसे
·      बड़े संख्या ने राषन कार्ड बनाया गेली।
·      सपाय स्कूल पीला मन के जाति प्रमाण-पत्र बंटवारा करून दिया गेलिसे।
·      जिला मन ने अवलोकन चो भीतरे एई गोठ उभरू भाते ईली कि प्रदेष ने संस्थागत जचकि ने शानदार बाढ़ती दरज होलीसे।
·      लो सुराज अभियान चो चलते 187 घोषणा मन करा गेली आरू 243 निर्देष जारी करा गेली। मन ले 145 प्रकरर्णो उपरे अमल पूरा होउन गेली आरू 285 प्रकरण मन चो निराकरण चो कारवाही चले से।
·      हमन मन नंगत काम नी करतो बिता मन के सजा करलू से। आरू नंगत काम करतो बिता मन के सहरालु से। 300 लें आगर अधिकारी मन आरू कर्मचारी मन के नोटिस जारी करा गेलीसे। हुताय दुसर बाटे शहरी जनपद पंचायत चो प्रभारी मुख्य कार्य पालन अधिकारी के सेवानिवृत्ति चो पाटकुति 1 साल चो संविदा नियुक्ति दिया गेली।
·      एई अभियान ले जे डेटा बैंक बनलिसे, हुन एतो योजना मन बनातो चो काम एयदे। एक हार फेर येई साबित होली कि लोक सुराज अभियान, अच्छा शासन चो स्कूल आय।

महिला उद्घोषक
·      मुख्यमंत्री साहेब, गेलो महिना आपन 10वीं, 12वीं चो नंगत नतिजा मन चो चर्चा करून रलास आरू पीला मन के सम्बोधित बले करून रलास। हाल ने संघ लोक सेवा आयोग चो नतीजा मन ने छत्तीसगढ़ चो जुवान मन चो खुबे नंगत प्रदर्षन दखा दीलीसे। एई राज चो योजनाबद्ध कार्यप्रणाली चो परिणाम आय की जुवान मन चो आपलो मेहनत आरू प्रतिभा ?

मुख्यमंत्री साहेब
·      निष्चित तौर ने संघ लोक सेवा आयोग आनेकि यु.पी.एस.सी. चो परीक्षा खुबे प्रतिष्ठाबिती होउआय। एई परीक्षा ले देष के प्रषासनिक नेता मिरूआत। एता ले भारतीय प्रषासनिक सेवा चो अनेक बड़े पद मन चो काजे चयन होउआय।
·      सबले पहिल तो मै हुन सपाय दर्जन भर प्रतिभाषाली जुवान मन के बधाई देयेंसे, जोन मन मेरिट ने आपलो जगा बनालासोत। मोचो शुभकामना मन आसोत कि यु.पी.एस.सी. ने चयनित सपाय जुवान मन के आपलो केरियर ने बले शानदार सफलता मिरो। हुन मन जहॉ बले काम करोत, छत्तीसगढ़ चो नाव रोषन करोत।
·      मै आजि विषेष तौर ले दक्षिण बस्तर चो दूरिया जिला दन्तेवाड़ा चो गीदम ने पललो-बाड़लो बेटी नम्रता जैन चो अभिनंदन करूक चाहेंसे, जे की छत्तीसगढ़ ने सबले खुबे नम्बर पावलासोत आरू चयन सूची ने पहिल सैकड़ा ने शामिल आसोत।
·      नम्रता बेटी आपलो लगन, मेहनत, प्रतिभा ले एई मुकाम हासिल करली से आरू आमन मन चो खुबे बढ़े सपना पूरा करली सेे। दक्षिण बस्तर के नेउन खुबे चर्चा मनचो मंजारे नम्रता एई साबित करलीसे कि दक्षिण बस्तर चो बेटी आई..एस. होएक सकुआय, कलेक्टर बनुक सकुआय।  अउर हुन गोटोक अदभुत चेतना चो संचार बस्तर चो संगे-संगे गुलाय प्रदेष ने करली से।
·      नम्रता चो आया-बाबा आरू हुनचो परिवार बधई चो पात्र आत, जोन मन हुन के नंगत संस्कार आरू आत्मविष्वास दिला। दन्तेवाड़ा चो स्कूलनिर्मल निकेतनके बले साधुवाद, कि हुन बले आपलो गोटोक छात्रा के आसन परकार ले तियार करली, कि हुन अखिल भारतीय प्रतियोगिता ने मुकाबला करूक सको।
·      नम्रता एई साबित करलीसे कि जहॉ चाह आसे, हुता राह निकरूआय।
·      आमी अक्सर बलुआंव कि अबुझमाड़ हो की सुकमा, बीजापुर हो की दन्तेवाड़ा नहाले नारायणपुर, असन दुरिहा, दुर्गम अंचल मन ले पीला मन आई.आई.टी., एन.आई.टी. ने जासोत। आमचो गोठ के नम्रता आगे बढ़ालीसे।

·      बस्तर ने आमचो संस्था मन कसन परकार खुबे नंगत काम करसोत, मोचो बले गोटोक उदाहरण एई मंजारले निकरून ईली। नम्रता जे मे साक्षात्कार चो तयारी चो काजे दिल्ली चो गोटोक संस्था अमरली तो हुनके हुता संगला कि दन्तेवाड़ा ने रहुन बले आपन , जिला प्रषासन चो पहल ले चलतो बिति संस्थालक्ष्यचो मदद लेउक सकुआत। आरू हुनचो कहना मानुन नम्रता दन्तेवाड़ा ने रहुन भाति साक्षात्कार चो तयारी करली।
·      एचोई काजे मैलक्ष्यसंस्था आरू दन्तेवाड़ा जिला चो अधिकारी मन के बले बधई देयेंसे कि हुन मन बले आपलो योगदान दीला आरू नम्रता चो तयारी कराला।
·      असने परकार नम्रता आजी गोटोकरोेल मॉडलबनुन गेली से, जे चो ले प्रदेष चो दुसर बेटी मन के, दुरिहा गांव मन आरू कठिन परिस्थति मन ले रहतो बिता पीला मन के प्रेरणा मिरेदे।

पुरूष उद्घोषक
·      माननीय मुख्यमंत्री साहेब, यु.पी.एस.सी. ने चयनित जुवान मन के राज्य चो दुसर संस्था मन ले बले कोनी मदद मिरली से काय? काय काजे कि नम्रता चो अलावा बले 11  जुवान मन चो चयन होलीसे।




मुख्यमंत्री साहेब
·      ये खुबे गौरव चो बिषय आय कि ये हार आमचो जुवान मन खुबे संख्या ने सफलता पावलासोत। डॉ. दीपक शुक्ला , अभिषेक अग्रवाल, अरिहन्त सिंगी, शषांक शेखर, चन्द्रकांत वर्मा, अजय अग्रवाल, नवीन सोनी, डॉ. गगनगिरि गोस्वामी, लालदास, आदिती पटेल, डॉ. पियुष लहरे ये जमाय छत्तीसगढ़ चो नुंआ सितारा मन आत। ये मन सपाय आपलो परिस्थिति मन ले संघर्ष कराला सोत आरू  गोटोक मुकाम हासिल करलासोत। मै ये मन सपाय जुवान मन चो अभिनंदन करेंसे।
·      आपन के एई जानुन भांति हरिक होयेदे कि यु.पी.एस.सी. ने सफल होतो बिता जुवान मन नेछत्तीसगढ़ ट्रायवल युथ हॉस्टलनई दिल्ली ने रहुन पढ़तो बिता लालदास असल ने ग्राम परसाही, खैरागढ़ चो रहतो बिता आत, मानतर हुनचो बाबा श्री गणपत दास भिलाई स्टील प्लांट ने ठेका श्रमिक रला। लालदास नायाब तहसीलदार रते-रते परीक्षा चो तयारी करला। जेबे हुन नौकरी शुरूकरला तेबे आपलो बाबा के आपलो संगे नेउन ईला आरू एबे आया-बाबा चो संगेच रहसोत।
·      डॉ. पीयुष लहरे डोगरगढ़ चो निवासी आत। हुनचो बाबा श्री पुरूषोत्तम दास बले ीिालाई स्अील प्लांट ने आॅपरेटर रला। पीयुष सामुदायिक स्वाास्थ्य केन्द्र , छुईखदान ने नौकरी करते-करते परीक्षा चो तयारी करला। आरू साक्षात्कार चो तयारी चो समयाने दिल्ली चो यूथ हॉस्टल ने रला।     
·      गगन गिरि गोस्वामी बले गंवली ठान आरू खेतिहर परिवार ले आत। हुनचो बाबा श्री नरेन्द्र गिरि गोस्वामी मुगेली जिला चो लोरमी निवासी आत।
·      एचो अलावा दिल्ली ने ट्रायवल यूथ हॉस्टल ने रउनभांति तयारी करतो बिता 30 जुवान राज्य प्रषासनिक सेवा ने सफल होलासोत।
·      उसन तो प्रतिभा कोनी सहारा चो मोहताज नी होय, मानतर आमचो प्रदेष चो जोन पीला मन चो आर्थिक स्थिति मजबुत नी आय उन मन नंगत प्रषिक्षण आरू सुविधा मन चो कमी चो कारण ने पिछड़ुन निजाओत, एकाजे आमी दिल्ली नेउत्कर्षचो नाव ले एक ट्रायवल हास्टल चलाउं से, जेथा प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा आरू साक्षात्कार चो कोचिंग दिया जाउआय। जेथा कोचिंग, आवास, भोजन, जैसन सपाय सुविधा मन निःषुल्क दिया जाउआय।
·      मोके एई सांगते खुबे हरिक होयसे कि जुवान मन आमचो सोच के सही साबित करून दखलासोत।

महिला उद्घोषक
·      माननीय मुख्यमंत्री साहेब, 21 जून फेर एयेंसे। आमचो प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी साहेब चो प्रयास मन ले आमी योग के विष्व मंच उपरे प्रतिष्ठा दियातोने सफल होलुंसे। एई बरख तीसर अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस आय। एई मौका उपरे आपन आपलो सुनलो लोग मन के काय सांगुक चाहसे।


मुख्यमंत्री साहेब
·      मै एई कार्यक्रम चो माध्यम ले माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी साहेब के एकहार फेर साधुवाद देयेंसे कि हुन मन आमचो योग के अन्तर्राष्ट्रीय गौरव चो बिषय बनाउन दिला।
·      एई बरख आमी तीसर अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाउंसे, जेके नेउंन माननीय मोदी साहेब एई आव्हान करला सोत कि एई तिसर विष्व योग दिवस के यादगार बनातो काजे गोटकि परिवार चो तीन पुरखा गोटकि संगे योग करोत।
·      दादा-आई नाहले आजा-दीदी चो संगे आया-बाबा आरू पीला मन मिलुन भांति योग करोत तेबे असल ने तीन पुरखा गोटकि संग जुहदे।
·      असन परकार आमी योग के सेहत चो संगे रिस्ता मन चो माध्यम बले बनाउंक सकुआंव।
·      योग असल ने सुस्था रतो चो कला आय। योग खुदे के तरो ताजा आरू हरिक मन बनाउ राखतो चो जरिया आय। एचो ले आमी आपलो देह आरू मन के मन चो संगे विचार मन के बले जोडु आंव। आरू असने परकार आत्मा चो भीतर चो शुिद्ध बले करते जाउं आंव।
·      सोचा कि नियम चो रूप ले योग करलो ले आपन चो परिवार, पीला मन तेजस्वी बनदे तेबे एचो कितलो फायदा होयदे।
·      प्रिवेंटिव हेल्थ केयर ले गोटोक बाटे जहॉ आमी  दवई मन चो उपरे होतो बिति खर्चा ले बाचु आंव। हुताय बीमारी ले होतो बिति सौ-सौ प्रकार चो नुकसान ले बले बाचुआंव।


·      मोके हरित होय से कि  छत्तीसगढ़ ने आमन मन स्कूल स्तर ले योग षिक्षा देतो चो व्यवस्था करलू से। योग के पाठ्यक्रम ने सामिल करलू से। योग के नेउन हरेक उमर, हरेक वर्ग चो लोग मन के जागरूक करा जायेसे। अउर शासकीय, अर्धषासकीय, स्वयंसेवी संगठन मन के अमन मन योग चो काजे काम करतो काजे प्रेरित करलूसे।
·      21 जून के अमचो राज ने योग चो बड़े भारी उत्साहजनक वातावरण दखादेयदें। मै अपन सपाय ले आपील करेंसे कि आपन जहॉ काहीं बले आसस योग जरूर करा। अउर  21 जून चो योग दिवस के शानदार सफलता दियावा।
·      माननीय मोदी साहेब बलला सोद कि जीन पुरखा योग करते-करते आपनो फोटो छंतमदकतं डवकप।चच ने डलळवअ ने पठावा।

पुरूष उद्घोषक
·      डॉ. साहेब, एई बरख नंगत मानसून चो भविष्यवाणी करा देलिसे। असल ने अच्छा मानसून किसान भाई-बहिन मन आरू हुन मन चो परिवार लोग मन चो काजे गोटोक वरदान चो असन चे आय। चमास चो मौसम उम्मीद मन चो मौसम होउ आय। हरिक चो बीजा रोपतो चो मौसम होउआय। काय तयारी आसे सरकार चो ?



माननीय मुख्यमंत्री साहेब
·      माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी साहेब राष्ट्रीय स्तर उपरे पहिल हार गोटोक निर्धारित समया-सीमा ने किसान मन चो आमदनी दुईगुना करतो चो आव्हान करला सोत, जे चो तहत् छत्तीसगढ़ शासन बाटले गोटोक व्यापक कार्ययोजना बनाया गेलिसे अउर खेती चो तगति कम करतो, खेती चो उपज बढ़ातो चो खुबे केषिष करा जाय सोत। 
·      आमचो प्रदेष ने खरीफ मौसम ने चे सबले आगर खेती होउआय। नंगत मानसुन ले धान चो उपजन सबले आगर होउआय। परम्परागत रूपे ले खुबे करून किसान भाई धान चो उपज लेउआत।
·      एई बरख खरीफ 2017 ने 48 लाख हेक्टेयर रकबा ने बुनता चो लक्ष्य रखा गेलिसे, जे चो ले 36 लाख 50 हजार हेक्टेयर ने धान बुना जायदे।
·      लगभग 4 लाख हेक्टेयर ने दारबिति, 3 लाख हेक्टेयर ले आगर ने तेलबिति आरू लगभग  डेढ़ लाख हेक्टेयर ने सागपान, डांडा असन आउर बले लगातो चो कार्यक्रम बनाया गेलिसे।
·      असने परकार एई बरख अनाज दालबिति, तेलबिति, सागपान, मिलाउन 91 लाख 76 हजार मैट्रिक टन फसल चो उपजन अनुमानित आसे।
·      मै अन्नदाता मन ले एई बलुक चाहेंसे कि आपन आपलो काम बिना कोनी चिंता चो करा। हमन मन हुन मन काजे सपाय व्यवस्था करून पकालू से।
·      किसान मन चो मदद चो काजे 7 लाख 45 हजार क्विंटल बीज मन चो भण्डारण करा गेलिसे। असने परकार 10 लाख 65 हजार मैट्रिक टन खत चो इंतजाम बले करा देलिसे, ताकि किसान मन के खत आरू बीज समया ने मिरूक सको।
·      आमी किसान मन के बिन ब्याज चो कम समया चो खेती कर्जा देउंसे। खरिफ मौसम चो काजे 3 हजार 200 करोड़ रू. चो कम समया चो खेती कर्जा बंटवारा करतो चो लक्ष्य रखा गेलिसे। असने परकार नंगत आरू खेती करतो सामान चो सहज व्यवस्था बले करा गेलिसे।
·      एचो तहत् क्षेत्रवार माटी आरू जलवायु चो अनुरूप विषेष फसल के प्रोत्साहित करा जायसे।
·      उदाहरण काजे सरगुजा संभाग ने जवाफुल, विष्णुभोग, लक्ष्मीभोग, टाऊ, रामतिल, कोदो, बस्तर संभाग ने बादषाह भोग, रेड राईस, छोटेधान चो फसल मन रामतिल आरू कुल्थी आरू मैदानी भाग ने दुबराज, विष्णुभोग, तुलसी मंजरी, लाल झुनगा आरू कुल्थी के प्रोत्साहित करा जायसे, ताकी नंगत किसम चो उपज होवो, जेके बजार ने आगर दाम मिरो।
·      एई परकार माटी आरू जलवायु चो अनुसार जिलावार, क्षेत्रवार कार्य योजना बनाया गेलिसे।
·      माटी चो जांच चो काजे अमन मनमिटटी स्वास्थ्य प्रबंधन योजनाचलालूसे। जेचो तहत् पहिल चरण में 40 लाख किसान मन चो खेती चो जमीन चो जांच करूनमिटटी स्वास्थ्य पत्रदेउन दिया गेलिसे।
·      मै किसान भाई मन ले अपिल करेंसे कि हरे दुई बरख ने आपलो बेड़ा मन चो माटी चो जांच कराओत अउर स्वास्थ्य पत्रक ने करालो अनुसंषा चो आधार उपरे खत आरू सुक्ष्म पोषक तत्व डारोत।
·      भारत सरकार बाट ले जारी करा गेलो निर्देष चो अनुसार मिटटी स्वास्थ्य प्रबंधन योजना चो फायदा नेतो चो काजे आधार कार्ड के जरूरी करा देलिसे। एई काजे जोन किसान भाई मन  एबे तक ले आपलो आधार कार्ड नी बनाला सोत, उन मन बनाउन पकाओत।

महिला उद्घोषक
·      माननीय मुख्यमंत्री साहेब, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चो फायदा लेतो चो काजे बले काय एबे ले तयारी शुरू करून देतोर चाइये? चमास चो संगे संक्रमण आरू बीमारी मन चो गोटोक बेरा बले एउआय। असन ले लोग मन के काय सावधानी राखतोर चाइये? अउर सरकार काय इंतजाम करलीसे?

माननीय मुख्यमंत्री साहेब
·      माननीय प्रधानमंत्री श्री नेरन्द मोदी साहेब किसान मन चो काजे जे फसल बीमा योजना लागू करलासोत, हुन सिरफ पानी नी मारतो चो संबंध ने नू आय, हुन चो खुबे बड़े दायरा आसे। बेड़ा मन उपरे उबा रलो नाहले कोठार मन ने संगालो फसल के आईग, पानी आरू दुसर परकार ले सुरक्षा देतो चो काजे बले एई योजना गोटोक वरदान आय।
·      एई योजना ने नाममात्र चो दर 2 प्रतिषत प्रिमियम देउन चे पूरा फसल चो बीमा करा जाउआय।
·      प्रदेष ने धान सिंर्चाइ बिति, धान बिन सिंचाई बिति, जोंदरा, सोयाबिन, मूंगफली, कांदुल, मूंग, उड़ीद, बगिचा बिति फसल के बीमा चो दायरा ने आनलोर होलीसे।
·      कर्जा नेतो बिता किसान मन चो अलावा बिन कर्जा बिता किसान आनेकि जे किसान कर्जा नी नेउआत अउर जेचो ने भूंई-धारक आरू बटईबिता बले सामिल आसोत, सपाय के प्रधानमंत्री फसल बीमा चो फायदा दिया जायसे।
·      गेलो बरख खरिफ आरू रवि फसल के मिलाउन भाति राज ने 16 लाख ने आगर किसान मन के एई योजना चो फायदा मिरली, जेचो काजे कुल 340 करोड़ रू. चो रकम प्रीमियम चो रूप ने सरकार बाटले दिया गेलि, जे ने केन्द्र आरू राज्य सरकार चो 50-50 प्रतिषत चो भागीदारी होउआय।
·       एई बरख बले फसल बीमा योजना चो फायदा किसान मन के दियातो चो पूरा तयारी करा गेलिसे।
·      कर्जा बिता किसान मन चो बीमा तो संबंधित बैंक ले होन जाउआय, मान्तर बिना कर्जा बिता किसान मन के आवेदन करूक पड़ुकआय। एई काजे बिना कर्जा बिता किसान भाई सावधानी राखते, समया ने आवेदन करूनदेओत।
·      पूर असन कोनी बले परिस्थिति ले निपटतो चो काजे समुचित व्यवस्था करा गेलिसे। राज्य आपदा प्रबंधन बल के सतर्क करून दिया गेलिसे। भिन-भिन जिला मन ने 72 डोंगा (बोट) दिसा गेलिसे। सपाय संभागीय मुख्यालय मन नेआपदा प्रबंधन बलचो तैनाति करा गेलिसे, जे कोनी बले स्थिति ले निपटतो चो काजे जिला मन ने रलो अमला मन चो संगे समन्वय करदे। सपाय जिला मुख्यालय मन चो संगे चे राज्य स्तर ने नियंत्रण कक्ष बले सतर्क रहेदे।
·      चमास चो मौसम ने होतो बिति संक्रमण ले बाचतो चो काजे स्वास्थ्य विभाग बाटले तयारी करा गेलिसे। एचो चलते पीउतो काजे उखरलो नाले दुसर तरीका ले साफ करलो पानी पीउतोर चाईये।
·      आखि-पाखि चो ठान मन ले सफई राखतोरचे चाईय संगे-संगे आपलो देह उपरे बले धियान देतोर चईये। कोनी बले परकार ले असुस्ता होलो ले चांडे डॉक्टर मन चो सलाह नेतोर चाईये। 
·       प्रदेष चो सपाय सरकारी अस्पताल मन ने विषेष निर्देष दिया गेलिसे काय काजे की काहांय बले संक्रमक बीमारी फेलुक निसको।
·      जहॉबले रेनवाटर हार्वेसिंग (बरसलो पानी जमा करतो चो उपाय) चो प्रणाली नी लगलिसे हुथा चांडे लगातो चईये आरू जहॉ लगलिसे, हुथा पहिल बारिष चो पानी ले छानी के घोलो चो पाठकुती एचो उपयोग सुनिष्चित कराजातो चाईये।  


पुरूष उद्घोषक
·      सुनतो लोग मन! आपन मन चो प्रतिक्रिया मन आमके आपलो चिठ्ठी, सोषल मिडिया-फेसबुक, ट्विटर चो संगे ैडै ले बले खुबे संख्या ने मिरसोत। येचो काजे आपन सपाय के खुबे-खुबे धन्यवाद।
·      आगे बले आपन आपलो मोबाईल चो मेसेस बॉक्स ने  त्ज्ञळ चो पाटकुति स्पेष नेउन आपलो बिचार लिखुन 7668-500-500 नम्बर ले पठाते रहा अउर संदेष चो आखिर ने आपलो नाव आरू पता लिखतो के नी भुलका।

माननीय मुख्यमंत्री साहेब
·      सोषल मिडिया आरू चिठठी मन चो माध्यम ले खुबे असन सुनतो लोग मन आपलो प्रतिक्रिया दिलासोत अउर शादी-ब्याह उपरे होतो बिति खर्चा उपरे अंकुस लगातो चो समर्थन करला सोत।
·      श्री सुरेष चंद्राकर लिखला सोत कि समृद्ध (धनी) आरू समर्थ (सकतो) लोग मन दिखावा बंद कर दे एबे समाज ने झटके असर होयदे।
·      श्री खुबचंद पारख, डॉ. आसुतोष तिवारी, श्री महेन्द्र सिंह, डॉ. खेमराज सोनवानी ने जुवान मन के पूरे बढ़ुन शादी-ब्याह आरू  दुसर सामाजिक - मांगलिक कार्यक्रम मन के सादा तरीका ले करतो चो गोठ सांगला सोत। 
·      श्री अवधेष दुबे भुंई चो जल स्तर कम होतो के थेबातो चो काजे रेनवाटर हार्वेटिंग चो काजे सरकार संगे समाज चो दुसर लो मन ले खुब्बे प्रयास करतो चो बिनती करलासोत।
·      मै सपाय ले अपील करेंसे कि पानी आरू हरियाली चो काजे हरेक परकार ले होतो असन मदद करोत। चमास चो मौसम चो भरपुर उपयोग जल संवर्धन आरू रूख-राई लगातो ने करोत।
·      मै आपन सपाय के सुरता दियातोर चाहेंदे कि जुलाई ले गुलाय छत्तीसगढ़ ने वृक्षारोपण चो गोटोक माह अभियान आमी चालातो बिता आवं। जहॉ गांव -गांव ने स्कूल मन ने आंगनबाड़ी मन ने खुला ठान मन ने मैदान मन ने आरू सपाय 27 जिला मन ने एई अभियान चलेदेे।
·      जेने आमचो लक्ष्य आसे एई हार 8 करोड़ ले आगर बुता लगातो चो, आपन सपाय एचो काजे तियार रूहा। आमचो कोषिष आसे कि छत्तीसगढ़ के हरियर बनातो काजे आपन सपाय चो योगदान होवो। समूह ने जे वृक्षारोपण चो कार्यक्रम ने सम्मिलित होउआय, हुन सपाय के आगे ले चे हुनचो जानकारी जिला कलेक्टर के देतोर चाईये।
·      एई अभियान के आमी 1 जुलाई ले चालु करून अगस्त चो दूसर हपता तक ले चलाउन दे। आपन सपाय चो सहयोग ले छत्तीसगढ़ चो आरू देया चो सबले बड़े वृक्षारोपण अभियान सफल होय दे। आमी 8 करोड़ बुटा लगातो चो लक्ष्य पूरा करूंदे आरू आपन सपाय चो सहयोग ले छत्तीसगढ़ के हरियर बनातो ले आमी सफल होउंदे।
·     आपन सपाय के धन्यवाद।
महिला उद्घोषक बाटले
·      अउर सुनतो लोग मन, येदाय बारी आय क्विज चो।
तेरा नम्बर चो क्विज चो सवाल रली-
·      बरख 2017 के पं. दीनदयाल उपाध्याय साहेब चो कोन बिति बरख मनाया जायसे?
·      येचो सही जवाब आय () शताब्दी बरख
·      सबले झटके जोन 5 सुनतो लोग मन सही जवाब पठालासोत, हुन मन चो नाव आय-
01-       श्री अंकित जासवाल, सहसपुर लोहारा, जिला कबीरधाम
02-       श्री प्रीतमदास, पंचषील नगर, रायपुर
03-       श्री अजय प्रधान, सरायपल्ली, जिला गरियाबंद
04-       श्री यषवंत जायसवाल, सीपत, जिला बिलासपुर
05-       कुमरी गरिमा, पुरानीबस्ती, रायपुर




पुरूष उद्घोषक द्वारा
·      अउर सुनतो लोग मन येदाय समया आय चाउदा नम्बर चो क्विज चो, जेचो सवाल आय-
·      पहिल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस केबे मनाया गेली?
·      येचो सही जवाब () सन् 2015
                  () सन् 2016
    ये मन ले कोनी गोटोक आय।
·      आपलो जवाब देतो चो काजे, आपलो मोबाईल चो मेसेस बॉक्स ने फ। लिखा आरू स्पेष देउंन नहाले जे बले आपन के नंगद लागेदे, हुन गोटोक अक्षर लिखुन 7668-500-500 नम्बर ले पठाउंन दिया। संगने आपलो नॉव आरू पता जरूर लिखा।
·      आपन सपाय रमन चो गोठ सुनते रहा अउर आपलो प्रतिक्रिया मन ले आमके जनाते रहा। येचोय संगे आज चो गोठ के आमी येताय सारूंसे। येतो गोठ ने 9 जुलाई के होयदे आपन ले फेर भेटघाट। तेबे-तक चो काजे आमके दिया इजाजत। जुहार।
-0000-

मुख्यमंत्री ने हरियाणा के राज्यपाल से सौजन्य मुलाकात की

रायपुर,11 जून 2017

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां राजभवन में हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री बलराम जी दास टण्डन भी उपस्थित थे। 
क्रमांक-1086/सोलंकी

संत कबीर दुनिया के सबसे बड़े संचारक : प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी

संत कबीर सामाजिक समरसता के प्रबल पक्षधर थे: डॉ. रमन सिंह
‘कबीर साहित्य में समरसता और संचार’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन
रायपुर, 11 जून 2017


 हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने आज यहां कबीर जयंती के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा - संत कबीर दुनिया के सबसे बड़े संचारक थे। उन्होंने अपने विचारों और वाणी से तत्कालीन समाज में समरसता, वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना और मानवतावाद का संचार करने का प्रयास किया। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय तथा कबीर विचार विकास एवं अध्ययन केन्द्र द्वारा ‘कबीर साहित्य में समरसता और संचार’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में महंत श्री मंगलम दास विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की पत्रिका ‘केटीयू न्यूज’ का राज्यपाल प्रोफेसर सोलंकी ने विमोचन किया। कार्यक्रम का आयोजन कबीर जयंती के उपलक्ष्य में किया गया। स्थानीय नवीन विश्राम भवन के सभाकक्ष में आयोजित संगोष्ठी में प्रोफेसर सोलंकी ने कहा कि संत कबीर ने समाज में अव्यवस्था, पाखण्ड और कुरीतियों को देखकर जो कहा वह समाज के लिए हमेशा आवश्यक था और आगे भी आवश्यक रहेगा। उन्होंने कहा कि विश्व शांति के लिए हमें संतों की वाणी की ओर जाना होगा। हमें संत कबीर के दर्शन पर विचार करना होगा। उन्होंने शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी को समता, समरसता, कर्मठता जैसे गुणों के साथ संस्कारित करने की आवश्यकता बताई। प्रोफेसर सोलंकी ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय की स्थापना करने के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकारिता स्वस्थ, सकारात्मक और समाज को सही दिशा देने वाली नहीं हुई, तो लोकतंत्र सफल नहीं हो सकता, सुशासन नहीं आ सकता। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के माध्यम से युवाओं को पत्रकारिता का अच्छा प्रशिक्षण मिल सकेगा। उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से योग्य, सच्ची और लोक कल्याणकारी बातों का संचार करने का आग्रह किया। प्रोफेसर सोलंकी ने एकात्म मानववाद के प्रवर्तक पं. दीनदयाल उपाध्याय और वरिष्ठ नेता और समाज सेवक श्री कुशाभाऊ ठाकरे को याद करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि गुरूदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर और महात्मा गांधी संत कबीर के विचारों से अनुप्राणित थे।
अध्यक्षीय आसंदी से कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा - संत कबीर मानवता के हित में सभी धर्मों के बीच परस्पर समन्वय और सामाजिक समरसता के प्रबल पक्षधर थे। उन्होंने हमेशा सामाजिक विसंगतियों और पाखण्ड पर प्रहार किया और अपने विचारों को दृढ़ इच्छाशक्ति और साहस के साथ अभिव्यक्ति प्रदान की। समरसता का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है कि संत कबीर के निधन के बाद हिन्दू और मुसलमान अपनी-अपनी परम्पराओं के साथ उनका अंतिम संस्कार करना चाहते थे। उनके विचार आज और भी ज्यादा प्रासंगिक होते जा रहे हैं। उन्होंने कालजयी साहित्य की रचना की।
डॉ. सिंह ने कहा - संत कबीर के जीवन दर्शन और उनकी रचनाओं का अध्ययन विश्वविद्यालयों में होना चाहिए। इससे युवाओं के विचारों को सही दिशा मिलेगी और एक सक्षम तथा विचारवान पीढ़ी के निर्माण में सहायता मिलेगी। उन्होंने स्वर्गीय श्री कुशाभाऊ ठाकरे को याद करते हुए कहा कि उन्होंने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को आगे बढ़ाने और मां भारती की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आज पूरी दुनिया एक वैश्विक गांव में परिवर्तित हो गई है तो संत कबीर से बड़ा इसका कोई दूसरा ब्राण्ड एम्बेसडर नहीं हो सकता।  संगोष्ठी में महंत श्री मंगलम दास ने कहा कि संत महापुरूषों के दर्शन और विचारों को शैक्षणिक संस्थाओं के अध्ययन में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम संत कबीर को समाज सुधारक और क्रांतिकारी विचारक के रूप में जानते हैं। अनेक महान व्यक्ति उनके दर्शन से प्रभावित रहे हैं। उन्होंने संत कबीर के बारे में गुरूदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर और पंडित सुंदरलाल शर्मा के विचारों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज संत कबीर के पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. मानसिंह परमार ने कार्यक्रम की रूपरेखा और संगोष्ठी की विषयवस्तु पर विस्तार से प्रकाश डाला। आभार प्रदर्शन विश्वविद्यालय के कुल सचिव श्री गिरीशचंद्र पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साधु-संत और प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कबीरपंथ के अनुयायी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 
 क्रमांक 1087/सोलंकी

Sant Kabir greatest gobal communicator: Professor Captain Singh Solanki

Sant Kabir preached harmony among all religions: Dr. Raman Singh        
                          Seminar on 'Harmony -Communication in Kabir literature'     
                                         
 Raipur, 11 June 2017

Haryana Governor Professor Captain Singh Solanki today said that Sant Kabir was the greatest global communicator. He was addressing a seminar held on the occasion of Kabir Jayanti . He preached brotherhood among all religions, treated entire world as one family and humanism as a virtue. Kushabhau Takre Journalism and  Mass Communication University and Kabir Development and Study Centre jointly organized the Kabir Sahitya Mein Samarasta Aur Sanchar' seminar. Mahant Sri Mangalam Das was the special guest. Governor Professor Solanki launched University magazine 'KTU News'.
Professor Solanki said that what Sant Kabir preached is still relevant today. He spoke against superstitions and disorder in the society. Global peace will prevail if the society heeds to sane words of sages. He said youth should inculcate brotherhood and moral values through education. Mr. Solanki appreciated the establishment of Journalism University in Raipur and said that journalism should be free, fearless otherwise democracy and good governance will not succeed. The students will get sound foundation in this university. He added Gurudev Rabindranath Tagore and Mahatma Gandhi were greatly influenced by Sant Kabir's teachings.
Chief Minister Dr. Raman Singh said Sant Kabir always stood by humanity and tried to unify all religions. He believed in universal brotherhood. He fought against blind faiths and launched a tirade against superstitions. Hindus and Muslims wanted to perform the last rites of Sant Kabir on his demise. People loved him irrespective of religions. His thoughts are respected and followed even in modern times. His literature is immemorial and timeless.
Dr. Raman Singh said that Sant Kabir's books should be taught in universities where fissiparous tendencies are prevailing. The youth will be guided in the righteous path. Recalling the services rendered by Mr. Kushabhau Thakre, Dr. Raman Singh said he spread  cultural nationalism across the country. He dedicated his entire life in the service of Motherland. Chief Minister said entire globe had become a village and Sant Kabir is the biggest brand ambassador of it.
Mahant Mangalam Das said that the teachings of saints should be included in the curriculum of educational institutes. Citizens know that Kabir was a revolutionary and social reformer. Many leaders had been influenced by his preaching. Kushabhau Thakre Journalism and Mass Communication University Vice-Chancellor Professor Dr. Mansingh Parmar also spoke. Large number of religious leaders and devotees of Kabir Panth were also present .   
1087/Solanki/Pradeep

रायपुर : हरियाणा के राज्यपाल का राजभवन में हुआ सम्मान

रायपुर, 11 जून 2017


हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी को राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन ने आज यहां राजभवन में शाल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

क्रमांक:-1089/हर्षा

रायपुर : हरियाणा के राज्यपाल का राजभवन में आत्मीय स्वागत

रायपुर, 11 जून 2017


हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी के राजभवन पहुंचने पर राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन ने आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी राजभवन पहुंचकर प्रो. सोलंकी से भेंट की और छत्तीसगढ़ राज्य आगमन पर उनका हार्दिक स्वागत किया।

क्रमांक-1088/हर्षा

आकाशवाणी से ‘रमन के गोठ’ की 22वीं कड़ी : किसानों की आमदनी दोगुनी करने व्यापक कार्ययोजना : डॉ. रमन सिंह

इस बार किसानों को 3200 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण
विशेष फसलों को बढ़ावा देने जिलेवार और क्षेत्रवार योजना तैयार
अन्नदाता बिना किसी चिंता के करें काम: उनके लिए सारी व्यवस्थाएं 
रायपुर, 11 जून 2017

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना बनाई है। इसके अंतर्गत खेती की लागत कम करने और पैदावार बढ़ाने के अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। डॉ. सिंह ने आज सवेरे आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ‘रमन के गोठ’ की 22वीं कड़ी में यह जानकारी दी। उन्होंने मानसून को ध्यान में रखते हुए इस बार की अपनी रेडियो वार्ता को खेती-किसानी और आपदा प्रबंधन पर विशेष रूप से केन्द्रित रखा। राज्य में स्थित आकाशवाणी के सभी केन्द्रों और कई टेलीविजन समाचार चैनलों से मुख्यमंत्री की रेडियो वार्ता का प्रसारण किया गया। किसानों, श्रमिकों और आम नागरिकों ने विभिन्न स्थानों पर सामूहिक रूप से मुख्यमंत्री के रेडियो प्रसारण को सुनकर अपनी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया दी।
मुख्यमंत्री ने ‘ रमन के गोठ’ में किसानों से कहा-मैं अन्नदाताओं से यह कहना चाहता हूं कि आप बिना किसी चिन्ता के अपना काम करें। हमनें आपके लिए सारी व्यवस्थाएं कर ली हैं। उन्होंने कहा - प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय स्तर पर पहली बार एक निर्धारित समय सीमा में किसानों की आमदनी दोगुनी करने का आव्हान किया है। उनके आव्हान के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने कार्ययोजना बनाई है।
मुख्यमंत्री ने बताया - राज्य के किसानों को खेती के लिए बिना ब्याज का अल्पकालीन ऋण दिया जा रहा है। इस खरीफ मौसम में उन्हें तीन हजार 200 करोड़ रूपए का ब्याज मुक्त ऋण देने का लक्ष्य है। नगद और कृषि आदान सामग्री की सुगम व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने जहां संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रतिष्ठापूर्ण परीक्षा में सफल होकर अखिल भारतीय सेवाओं के लिए चयनित छत्तीसगढ़ के एक दर्जन युवाओं को बधाई दी वहीं 21 जून को छत्तीसगढ़ सहित देशभर में आयोजित किए जा रहे तीसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का उल्लेख करते हुए सभी लोगों से इसमें भागीदारी का आव्हान किया।
हर दो साल में किसान करवाएं खेत की मिट्टी की जांच
डॉ. रमन सिंह ने रेडियो वार्ता में किसानों से कहा - कृषि उत्पादन की दृष्टि से राज्य की मिट्टी और जलवायु के अनुसार विशेष फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए जिलेवार और क्षेत्रवार कार्ययोजना बनाई गई है। डॉ. सिंह ने उदाहरण देते हुए बताया कि सरगुजा संभाग में जवाफूल, विष्णुभोग और लक्ष्मीभोग चावल, टाउ, रामतिल और कोदो, बस्तर संभाग में बादशाह भोग तथा रेड राईस चावल और रामतिल और कुल्थी जैसी लघु धान्य फसलों तथा मैदानी क्षेत्रों में दूबराज, विष्णुभोग, तुलसीमंजरी, लाल झुनगा और कुल्थी की खेती को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, ताकि किसानों को इन फसलों का बाजार में ऊंचा दाम मिल सके। उन्होंने किसानों को बताया- राज्य में मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन योजना संचालित की जा रही है। इसके प्रथम चरण में किसानों को उनके खेतों की जमीन की जांच करके 40 लाख मिट्टी स्वास्थ्य पत्रक दिए जा चुके हैं। उन्होंने किसानों से हर दो साल में खेतों की मिट्टी जांच करवाने और स्वास्थ्य पत्रक में की गई अनुशंसा के अनुसार खाद और सूक्ष्म पोषक तत्व डालने की अपील की।
राज्य के 16 लाख परिवारों को मिला
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का फायदा

मुख्यमंत्री ने रेडियोवार्ता में किसानों को यह भी बताया कि केन्द्र सरकार के निर्देशों के अनुसार मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य किया गया है। इसलिए जिन किसानों ने अभी तक आधार कार्ड नहीं बनवाया है, वे जल्द बनवा लें। मुख्यमंत्री ने किसानो को बताया कि पिछले वर्ष खरीफ तथा रबी फसलों को मिलाकर छत्तीसगढ़ के सोलह लाख से ज्यादा किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ मिला। उन्हें कुल 340 करोड़ रूपए की प्रीमियम राशि राज्य सरकार द्वारा दी गई। इसमें राज्य और केन्द्र की 50-50 प्रतिशत की भागीदारी होती है। डॉ. सिंह ने कहा- इस वर्ष भी किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलाने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
डॉ. सिंह ने कहा-प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसानों के लिए लागू की गई यह बीमा योजना सिर्फ बारिश नहीं होने से संबंधित नहीं है, बल्कि इसका दायरा बहुत व्यापक है। खेतों में खड़ी या खलिहानों में रखी फसल को आग से पानी से और अन्य कारकों से सुरक्षा देने के लिए भी यह योजना एक वरदान है। इसमें नाम मात्र का दो प्रतिशत प्रीमियम लेकर पूरी फसल का बीमा कराया जाता है। छत्तीसगढ़ में सिंचित और असिंचित धान सहित मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, अरहर, मूंग, उड़द और उद्यानिकी फसलों को इस बीमा योजना के दायरे में लाया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने बताया - ऋणी किसानों का बीमा तो संबंधित बैंकों से हो जाता है, लेकिन गैर-ऋणी किसानों को आवेदन करना पड़ता है। उन्हें पूर्ण सावधानी के साथ समय पर आवेदन कर देना चाहिए।
इस बार 48 लाख हेक्टेयर में होगी खरीफ की खेती
उन्होंने बताया - प्रदेश में खरीफ मौसम में ही सबसे ज्यादा खेती होती है। अच्छे मानसून में धान की पैदावार सबसे ज्यादा होती है। इस वर्ष खरीफ के दौरान राज्य में 48 लाख हेक्टेयर के रकबे में बोनी का लक्ष्य है। इसमें से 36 लाख 50 हजार हेक्टेयर में धान बोया जाएगा। लगभग चार लाख हेक्टेयर में दलहन, तीन लाख हेक्टेयर से अधिक रकबे में तिलहन और लगभग डेढ़ लाख हेक्टेयर में साग-सब्जी, गन्ना आदि लगाने का कार्यक्रम बनाया गया है। इस तरह इस वर्ष अनाज दलहन-तिलहन और साग-सब्जी को मिलाकर 91 लाख 76 हजार मीटरिक टन फसल उत्पादन का अनुमान है। डॉ. सिंह ने अपने रेडियो प्रसारण में बताया - किसानों की मदद के लिए इस बार सहकारी समितियों में सात लाख 45 हजार क्विंटल बीजों का भण्डारण किया गया है। इसी तरह दस लाख 65 हजार मीटरिक टन खाद का भी इंतजाम किया गया, ताकि किसानों को खाद और बीज समय पर मिल सके।
मानसून: आपदा प्रबंधन की समुचित व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने रेडियोवार्ता में बताया - मानसून के दौरान बाढ़ जैसी आपदा से निपटने के लिए समुचित व्यवस्था कर ली गई है। राज्य आपदा प्रबंधन बल को सतर्क कर दिया गया है। विभिन्न जिलों में प्रशासन को राहत और बचाव कार्यों के लिए 72 नौकाएं (बोट) दी गई है। समस्त संभागीय मुख्यालयों में आपदा प्रबंधन बल की तैनाती की गई है, जो किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जिलों में उपलब्ध अमले के साथ समन्वय करेंगे। सभी 27 जिला मुख्यालयों के साथ ही राज्य स्तर पर भी बाढ़ नियंत्रण कक्ष सतर्क रहेगा।
संक्रामक बीमारियों से बचाव की तैयारी
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बारिश के मौसम में संभावित संक्रामक बीमारियों से लोगों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी कर ली है। उन्होंने लोगों से इस मौसम में उबला हुआ अथवा अन्य तरीकों से स्वच्छ किया हुआ पानी पीने, पास-पड़ोस की जगहों में सफाई रखने और अपने सेहत पर भी ध्यान देने की अपील की। डॉ. सिंह ने कहा - किसी भी तरह से अस्वस्थ होने पर जल्द से जल्द डॉक्टरों की सलाह लेनी चाहिए। प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों को खास तौर पर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कहीं भी संक्रामक बीमारियां न फैल पाएं। मुख्यमंत्री ने लोगों से बारिश के पानी को बचाने के लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली अपनाने का भी आव्हान किया।
नई शराब नीति से सड़क हादसों में 27 प्रतिशत कमी
मुख्यमंत्री ने आज के रेडियो प्रसारण में प्रदेशव्यापी लोक सुराज अभियान 2017 की उपलब्धियों के बारे में भी बताया। डॉ. सिंह ने कहा-इस अभियान को सबसे बड़े सोशल ऑडिट (सामाजिक अंकेक्षण) के रूप में भी याद किया जाएगा।  उन्होंने बताया-लोक सुराज अभियान से यह पता चला कि लोगों की सर्वाधिक उम्मीदें किस विभाग से हैं और किस तरह की समस्याएं और मांगें उभरकर सामने आयी है। सर्वाधिक आवेदन प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लिए मिलें हैं। दोनों योजनाओं के प्रति लोगों में जबरदस्त उत्साह है। कोचियाबंदी को लेकर गांवों में बहुत सकारात्मक वातावरण है। राज्य के 98 प्रतिशत गांवों में शराब की दुकानें नही है। हमारी नई शराब नीति के कारण प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में 27 प्रतिशत तक गिरावट आयी है।
सुशासन की पाठशाला साबित हुआ लोक सुराज अभियान
डॉ. सिंह ने कहा - एक बार फिर यह साबित हुआ है कि लोक सुराज अभियान सुशासन की पाठशाला है। इस अभियान में जो डेटा बैंक बना है, वह भावी योजनाओं के काम आएगा। मुख्यमंत्री ने श्रोताओं को बताया - विगत 26 फरवरी से 20 मई तक लोक सुराज अभियान 84 दिनों तक और 2016 घंटे तक लगातार चला। इस दौरान कुल 28 लाख 54 हजार 360 आवेदन आए। इनमें से 25 लाख 86 हजार 596 ग्रामीण क्षेत्रों के और 2 लाख 59 हजार 594 आवेदन शहरी क्षेत्रों के हैं, जबकि 8197 आवेदन ऑनलाईन प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने कहा-इन आवेदन पत्रों के निराकरण का भी कीर्तिमान बना। 26 लाख 55 हजार 833 अर्थात् 93 प्रतिशत आवेदनों का निराकरण किया गया। अभियान में आकस्मिक निरीक्षण, अवलोकन और समाधान शिविरों को मिलाकर मैंने 10 हजार 757 किलोमीटर की यात्रा की। मैं स्वयं 21 समाधान शिविरों में गया और 16 स्थानों पर आकस्मिक निरीक्षण किया, जबकि 18 स्थानों पर समीक्षा बैठकें ली और 17 शहरों में रात्रि विश्राम किया।  पूरे अभियान में मैंने 185 संगठनों और 5400 जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। डॉ. सिंह ने रेडियोवार्ता में बताया - अभियान के दौरान बड़ी संख्या में राशनकार्ड बनवाए गए। सभी स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया - अभियान के तहत जिलों में अवलोकन के दौरान यह बात भी उभरकर सामने आयी कि प्रदेश में संस्थागत प्रसव की संख्या में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लोक सुराज अभियान के दौरान 187 घोषणाएं की गई और 243 निर्देश जारी किए गए। इनमें से 145 प्रकरणों पर अमल पूर्ण कर लिया गया है और 285 प्रकरणों के निराकरण की कार्रवाई जारी है। डॉ. सिंह ने रेडियो श्रोताओं को बताया - हमने अच्छा काम नहीं करने वालों को दण्डित किया है और अच्छा काम करने वालों की सराहना की है। राज्य के 300 से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। दूसरी ओर नगरी जनपद पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सेवानिवृत्ति के बाद एक साल की संविदा नियुक्ति दी गई है।
यूपीएससी चयनित युवाओं को बधाई
मुख्यमंत्री ने ‘रमन के गोठ’ में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रतिष्ठापूर्ण परीक्षा में छत्तीसगढ़ से चयनित लगभग एक दर्जन उन प्रतिभाशाली युवाओं को बधाई और शुभकामनाएं दी, जिन्होंने मेरिट में अपनी जगह बनाई है। डॉ. सिंह ने कहा-मेरी शुभकामना है कि इन सभी युवाओं को उनके कैरियर में भी शानदार सफलता मिले। वे जहां भी काम करें, छत्तीसगढ़ का नाम रौशन करें। डॉ. सिंह ने कहा - मैं आज विशेष तौर पर दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा जिले के गीदम में पली-बढ़ी बिटिया नम्रता जैन का अभिनंदन करना चाहता हूं, जिसने छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक अंक पाए हैं और चयन सूची में प्रथम 100 में शामिल हैं। नम्रता बिटिया ने अपनी लगन, मेहनत और प्रतिभा से यह मुकाम हासिल किया है और यह साबित किया है कि जहां चाह है, वहां राह निकलती है। उन्होंने हमारा बहुत बड़ा सपना पूरा किया है। मुख्यमंत्री ने उनके माता-पिता, परिवार और दंतेवाड़ा के स्कूल, निर्मल निकेतन को भी बधाई दी। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने दंतेवाड़ा जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘लक्ष्य’ संस्था का भी उल्लेख किया, जहां नम्रता ने यूपीएससी के साक्षात्कार की तैयारी की थी। डॉ. रमन सिंह ने इस संस्था को और जिले के अधिकारियों को भी बधाई दी।
छत्तीसगढ़ के नये सितारे
मुख्यमंत्री ने रेडियो प्रसारण में कहा- यह बहुत ही गर्व की बात है कि इस बार हमारे युवाओं ने यूपीएससी में अच्छी संख्या में सफलता पायी है। डॉ. सिंह ने इस परीक्षा में चयनित छत्तीसगढ़ के डॉ. दीपक शुक्ला, अभिषेक अग्रवाल, शशांक शेखर, चंद्रकांत वर्मा, अजय अग्रवाल, नवीन सोनी, डॉ. गगन गिरी गोस्वामी, लालदास, अदिती पटेल और डॉ. पीयूष लहरे का जिक्र करते हुए कहा - ये सभी छत्तीसगढ़ के नये सितारे हैं, जिन्होंने अपनी परिस्थितियों से संघर्ष कर एक मुकाम हासिल किया है। मुख्यमंत्री ने रेडियोवार्ता के जरिए इन युवाओं का अभिनंदन किया। उन्होंने राजनांदगांव जिले के ग्राम परसाही (खैरागढ़) निवासी श्री लालदास का उल्लेख करते हुए कहा-यूपीएससी में सफल होने वाले युवाओं में शामिल श्री लालदास ने नईदिल्ली में राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘छत्तीसगढ़ ट्रायबल यूथ हॉस्टल’ में रहकर तैयारी की। उनके पिता श्री गणपत दास भिलाई इस्पात संयंत्र में ठेका श्रमिक थे। लालदास ने नायब तहसीलदार रहते परीक्षा की तैयारी की थी। डॉ. पीयूष लहरे डोंगरगढ़ के निवासी हैं। उनके पिता श्री पुरूषोत्तम दास भी भिलाई इस्पात संयंत्र में ऑपरेटर थे। पीयूष ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छुईखदान में नौकरी करते हुए परीक्षा की तैयारी की और साक्षात्कार की तैयारी के लिए नईदिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ ट्रायबल यूथ हॉस्टल में रहे। गगनगिरी गोस्वामी भी ग्रामीण पृष्ठभूमि के और कृषक परिवार से हैं। उनके पिता श्री नरेन्द्र गिरी गोस्वामी मुुंगेली जिले के लोरमी निवासी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा - दिल्ली के हमारे ट्रायबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी करने वाले 30 युवा राज्य प्रशासनिक सेवा में सफल हुए हैं। वैसे तो प्रतिभा किसी सहारे की मोहताज नहीं होती, लेकिन हमारे प्रदेश के जिन बच्चों के आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है, वे अच्छे प्रशिक्षण और सुविधाओं की कमी के कारण पिछड़ न जाए इसलिए हम दिल्ली में ‘उत्कर्ष’ के नाम से इस ट्रायबल यूथ हॉस्टल के नाम से इसका संचालन कर रहे हैं, जहां प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की कोचिंग, भोजन और आवास की सुविधाएं निःशुल्क दी जाती हैं। मुझे यह कहते हुए बहुत खुशी है कि इन युवाओं ने हमारी सोच को सही साबित कर दिखाया है। 

क्रमांक-1081/स्वराज्य

22nd Episode of 'Raman Ke Goth' : Extensive Action Plan to double income of farmers : Dr Raman Singh

Interest-free loan of Rs 3200 crore for farmers this time
District-wise and region-wise plan prepared to promote special crops
Farmers may do their work without stress : All the facilities are available for them
Raipur, 11 June 2017


 Chief Minister Dr Raman Singh said that State Government has chalked an extensive action plan to double the income of farmers of state. Key points of this action plan include various measures to reduce input cost of farming and increasing the yield of crop.  Dr Singh gave this information in the 22nd episode of his monthly radio programme 'Raman Ke Goth' aired from Raipur centre of Akashwani today morning. Considering the beginning of monsoon, Dr Singh chose farming and calamity management as the topics of the talk. This programme was broadcasted from all the akashwani centres in the state and also many television news channels. Farmers, labourers and common people listened to the programme in gatherings at various places and gave enthusiastic response to 'Raman Ke Goth'.
Chief Minister said to farmers in 'Raman Ke Goth'-  I would like to tell farmers that they should work without any stress or tension. We have made all the arrangements for you. He said- Prime Minister Mr. Narendra Modi has for the first time called for doubling the income of farmers within given time-limit, at national-level. As per his vision, Chhattisgarh Government has made the action plan.
Chief Minister informed- Farmers of state are being provided interest-free short-term agricultural loan. State Government has set the target of distributing interest-free loans worth nearly Rs 3200 crore to farmers of state in this kharif season. Cash and agricultural inputs have been made available for the convenience of farmers. Chief Minister congratulated the youngsters for their selection in prestigious UPSC exam. In his talk, Dr Singh also appealed people to actively participate in the third international yoga day programmes being organized across the nation.

Farmers should get their soil examination done in every two years
Dr Raman Singh said in his radio programme- District-wise and region-wise action plans have been chalked out to promote special crops as per the climatic conditions. Dr Singh gave example that farming of jawaphool, vishnubhog and lakshmibhog rice, tao, ramtil and kodo in Sarguja Division, small paddy crops such as Badshah bhog, red rice, ramtil and kulthi, doobraj, vishnubhog, tulsimanjri, lal jhunga and kulthi in plain areas area being encouraged so that the farmers may get good prices of these crops in market. He told farmers- Soil Health Management Scheme is being conducted in state. In the first phase, more than 40 lakh soil health cards have been issued to farmers after examination of soil samples from their fields. They advised farmers to get examination of soil in their farms done in every two years and use fertilizers and micronutrients as per the recommendations given in soil health card.

16 lakh families of state benefitted under Prime Minister Crop Insurance Scheme
Chief Minister also informed farmers in today's episode of Raman Ke Goth that as per the instructions of Central Government, aadhaar card has been made mandatory for availing soil health management scheme. So the farmers, who have not got their aadhaar card issued, should get it done soon. Chief Minister told farners that last year more than 16 lakh farmers were benefitted under Prime Minister Crop Insurance Scheme for kharif and rabi crops. Total premium amount of Rs 340 crores were paid to the beneficiary farmers by State Government. This includes 50-50 per cent contribution of State and Centre. Dr Singh- this year also arrangements have been made to benefit the farmers under crop insurance scheme.
Dr Singh said- This crop insurance scheme started by Prime Minister Mr. Narendra Modi for farmers is not only related to scanty rainfall. Its scope is way broader than that. This scheme is a boon for farmers providing security cover to their crops against the damage caused due to fire, flood or other factors. Under this scheme, nominal premium of 2 per cent is taken and insurance of entire crop is done. In Chhattisgarh, irrigated and unirrigated paddy, corn, soyabean, peanut, lentils, moong, urad and horticulture crops have also been included under the cover of this insurance scheme. Chief Minister told- farmers who have taken the loan get the benefit of insurance from the concerned bank itself, but the ones who have not taken loan, they have to apply for the scheme carefully that too on time.
Kharif crop farming on 48 lakh hectare this year
Dr Singh told- kharif season marks the maximum cultivation in state. Good monsoon results in maximum yield of paddy. This year state government has set the target of sowing kharif crops in 48 lakh hectare area. Paddy will be sown in 36 lakh 50 hectares of paddy. Pulses will be sown in nearly 4 lakh hectares, oilseeds will be sown in three lakh hectares, sugarcane and vegetables etc will be sown in nearly 1.5 hectare. In this way tital 91 lakh 76 thousand metric tons of crops will be produced, including food grains, oilseeds, lentils and vegetables. Dr Singh informed in his radio programme that stock of seven lakh 45 thousand quintal seeds has been allotted to cooperative societies this year for the convenience of farmers. In this way, 10 lakh 65 thousand metric tons of fertilizers have also been facilitated so that farmers may get fertilizers and seeds on time.

Monsoon : Entire Arrangement of Calamity Management
Chief Minister said in his radio programme today- entire arrangements for combating the natural calamities during monsoon such as floods has been done. State Calamity Management Force has been alerted. 72 boats for relief and rescue works have been allotted to administration in various districts. Calamity Management Force has been appointed in all the Divisional Headquarters, who will coordinate with the district team to deal with such situations. Along with district headquarters of all 27 district headquarters, flood control room at state-level will also remain alert.
Prevention of contagious diseases
Chief Minister also informed that State Government's Health Department has made all the necessary arrangements for prevention of contagious seasonal diseases. He advised people to consume safe drinking water purified by boiling or any other method, to maintain hygienic surroundings and to take care of their health. Dr Singh said- on feeling any kind of health problem, one should immediately consult with doctors. All the government hospitals of state have been especially instructed to ensure prevention of contagious diseases. Chief Minister called on people to adopt rainwater harvesting system to save the rainwater.
New Liqour Policy led to decline of 27 per cent in road accidents
In today's episode of 'Raman Ke Goth', Chief Minister told listeners about the achievements of state-wide Lok Suraaj Abhiyan. Dr Singh said- this campaign will be remembered as the biggest social audit. He told- through Lok Suraaj Abhiyan we came to know about people's expectations from state government's various departments and also their demands-grievances. Maximum applications were pertaining to Prime Minister Housing Scheme and Prime Minister Ujjwala Scheme. Both the schemes are receiving tremendous response from people. There is positive environment in rural areas regarding the ban on bootlegging. 98 per cent of the villages in state do not have any liquor shop. Our new liquor policy has resulted in decrease in number of road accidents by 27 per cent.
Lok Suraaj Abhiyan proved to be the school of good governance
Dr Singh said- once again it was proved that Lok Suraaj Abhiyan is a school of good governance. The data bank that has been developed in this campaign will serve as the base of new schemes in future. Chief Minister told listeners that Lok Suraaj Abhiyan commenced from 26 February and went on for 84 days and 2016 hours till May 20. Meanwhile total 28 lakh 54 thousand 594 applications were received, including 25 lakh 86 thousand 596 from rural areas and 2 lakh 59 thousand 594 applications from urban areas, whereas 8197 applications were received online. Chief Minister said- redressal of this huge number of applications was also record in itself. 93 per cent of the total applications received i.e. 26 lakh 55 thousand 833 applications have been redressed. During this campaign, I travelled nearly 10 thousand 757 kms for sudden inspections, visits, and redressal camps. I personally attended 21 redressal camps and did sudden inspection of 16 places, whereas in 18 places I took review meetings and did night stay in 17 cities. In this campaign, I met 5400 public representatives of 185 organizations. Dr Singh told in the radio programme that during Lok Suraaj Abhiyan a large number of ration cards were issues and all the school children were distributed caste certificate.
He told - During the visits to various districts under the campaign, it was found that there has been tremendous increase in number of institutional deliveries in the state. During this campaign, 187 announcements were made, 243 instructions were issued, out of which action has been taken in 145 cases and redressal of 285 is in progress. Dr Singh informed the listeners of the programme- we have punished the ones, who were negligent towards their duties, and we have rewarded the ones, who are dutiful and dedicated. More than 300 officials and employees have been issued notice. On the other hand, In-charge CEO of Nagri Janpad Panchayat has been provided contractual appointment after retirement.
Dr Singh congratulated Youth of Chhattisgarh selected in UPSC
Chief Minister extended hearty congratulations to a dozen of talented youth of state, who have secured meritorious positions in prestigious UPSC exam. Dr Singh said- I pray that all these youngsters get huge success in their careers and may they glorify the name of Chhattisgarh wherever they go and serve.
Dr Singh said- Today I would especially mention about Namrata Jain, born and brought up in Geedam area of Dantewada district in South Bastar, who has secured highest marks in Chhattisgarh and has secured 100th rank in merit list. Namrata has achieved this success with her hard work, dedication and talent. She has proved that where there is a will there is a way. Chief Minister also congratulated her parents, her family and her school in Dantewada- Nirmal Niketan. In the same sequence, Dr Singh also mentioned about 'Lakshya' institution run by Dantewada District Administration, where Namrata had done her preparation for UPSC's interview round. Dr Raman SIngh congratulated this institution and the officials of this district.
New Stars of Chhattisgarh
In his address to 'Raman Ke Goth' radio programme today, Dr Singh said- It is a matter of prode that our youth has succeeded in UPSC exam in good numbers. Dr Singh mentioned about Dr Deepak Shukla, Abhishek Agrawal, Shashank Shekhar, Chandrakant Verma, Ajay Agrawal, Naveen Soni, Dr Gagan Giri Goswami, Laldas, Aditi Patel and Dr Piyush Lehre, who have been selected in UPSC exam, saying that all these youngsters are new starts of Chhattisgarh, who defied all odds to achieve success. Mentioning about Laldas, resident of village Parsahi (Khairagarh) of Rajnandgaon district, Dr Singh said that Mr. Lal Das had prepared for UPSC exa, while staying State Government's Chhattisgarh Tribal Youth Hostel in New Delhi. His father Mr. Ganpat Das was a contractual labourer in Bhilai Steel Plant. Lal Das had prepared for the exam of Nayab Tehsildar. Dr Piyush Lehre is a resident of Dongargarh and his father Purushottam Das was an operator in Bhilai Steel Plant. Piyush prepared for the exam while working in community health centre in Chhuikhadan, and did preparations for interview round while staying in Chhattisgarh Tribal Youth Hostel in Delhi. Gagangiri Goswami comes from rural background and a farmers' family. His father Mr. Narendra Giri Goswami is a resident of Lormi in Mungeli district.
Chief Minister said- 30 youngsters who were preparing for exams in Tribal Youth Hostel in Delhi have been selected in State Administrative Service. Although talent doesn’t need any support, but to save the talented youth with weak financial background from lagging behind in lack of proper training and facilities, we are running Utkarsh Tribal Youth Hostel in Delhi, where they are provided free coaching for entrance exam, mains and interview round along with free food and accommodation. I am proud to say that these youngsters have lived up to our expectations and vision.

number-1081/Swarajya/Sana

‘रमन के गोठ’ : आकाशवाणी से प्रसारित विशेष कार्यक्रम (दिनांक 11 जून, 2017, समय प्रातः 10.45 से 11.05 बजे)

महिला उद्घोषक
श्रोताओं नमस्कार!
  • आकाशवाणी के विशेष प्रसारण ‘रमन के गोठ’ में हम, सभी श्रोताओं का हार्दिक स्वागत करते हैं, अभिनंदन करते हैं। कार्यक्रम की बाइसवीं कड़़ी के लिए आकाशवाणी के स्टुडियो में माननीय मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी पधार चुके हैं।
  •  डॉक्टर साहब नमस्कार, बहुत-बहुत स्वागत है इस कार्यक्रम में।
मुख्यमंत्री जी
  • धन्यवाद। आपका भी और अपने रेडियो व टीवी सेट्स के सामने बैठकर मुझे सुन रहे श्रोताओं का भी।
  • जम्मो संगी-जहुंरिया, सियान-जवान, महतारी-बहिनी मन ला जय जोहार।
पुरूष उद्घोषक
  • डॉक्टर साहब, विगत माह आपने लोक सुराज अभियान के बारे में अपने बहुत से अनुभव सुनाए थे। अभियान समाप्त होने पर किस तरह की तस्वीर बनी, इस संबंध में अपने विचार श्रोताओं से साझा करना चाहेंगे क्या ?

मुख्यमंत्री जी
  • लोक सुराज अभियान 2017 को सबसे बड़े सोशल ऑडिट के रूप में याद किया जाएगा।
  • कुल मिलाकर 26 फरवरी से 20 मई तक यह अभियान 84 दिन,  2 हजार 16 घण्टे तक अनवरत चलता रहा। इस दौरान कुल 28 लाख 54 हजार 360 आवेदन आए, जिसमें से ग्रामीण क्षेत्र में 25 लाख 86 हजार 569, शहरी क्षेत्र में 2 लाख 59 हजार 594 और ऑनलाइन 8 हजार 197 आवेदन थे।
  •  इन आवेदनों के निराकरण का भी कीर्तिमान बना। 93 प्रतिशत अर्थात 26 लाख 55 हजार 833 आवेदनों का निराकरण किया गया।
  • अभियान में आकस्मिक निरीक्षण/अवलोकन/समाधान शिविरों के अवसर पर मैंने 10 हजार 757 किलोमीटर की यात्रा पूरी की।
  • मैं स्वयं 21 समाधान शिविरों में उपस्थित हुआ, 16 स्थानों पर आकस्मिक निरीक्षण किया, 18 स्थानों पर समीक्षा बैठक की और 17 शहरों में रात्रि विश्राम किया। पूरे अभियान के दौरान मैंने 185 संगठनों तथा 54 सौ जनप्रतिनिधियों से भेंट की।
  •  लोक सुराज अभियान से यह पता चला कि प्रदेश में लोगों को सर्वाधिक अपेक्षा किस विभाग से है तथा किस तरह की समस्याएं व मांगें उभरकर आई हैं।
  • सर्वाधिक आवेदन प्रधानमंत्री आवास योजना तथा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लिए मिले हैं। इन योजनाओं के प्रति जबरदस्त उत्साह है।
  • कोचियाबंदी को लेकर गांवों में बहुत सकारात्मक वातावरण है।
  • 98 प्रतिशत गांवों में शराब की दुकानें नहीं हैं।
  • नई शराब नीति के कारण प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में 27 प्रतिशत तक गिरावट आई है।
  • बड़ी संख्या में राशन कार्ड बनाए गए।
  •  सभी स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण-पत्र वितरित किए जा चुके हैं।
  • जिलों में अवलोकन के दौरान यह बात उभर कर आई कि प्रदेश में संस्थागत प्रसव में शानदार बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है।
  • लोक सुराज अभियान के दौरान 187 घोषणाएं की गईं तथा 243 निर्देश जारी किए गए। इनमें से 145 प्रकरणों पर अमल पूर्ण हो गया तथा 285 प्रकरणों के निराकरण की कार्यवाही जारी है।
  • हमने अच्छा काम नहीं करने वालों को दंडित किया है और अच्छा काम करने वालों की सराहना की है। 300 से अधिक अधिकारियों तथा कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। वहीं दूसरी ओर नगरी जनपद पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सेवानिवृत्ति के पश्चात् एक वर्ष की संविदा नियुक्ति दी गई।
  •  इस अभियान से जो डेटा बैंक बना है, वह भावी योजनाएं बनाने के काम आएगा। एक बार फिर यह साबित हुआ कि लोक सुराज अभियान, सुशासन की पाठशाला है।
महिला उद्घोषक
  • मुख्यमंत्री जी, पिछले महीने आपने 10वीं, 12वीं के अच्छे नतीजों की चर्चा की थी और बच्चों को संबोधित भी किया था। हाल ही में संघ लोक सेवा आयोग के नतीजों में छत्तीसगढ़ के युवाओं का बेहतर प्रदर्शन दिखाई पड़ा है। यह राज्य की योजनाबद्ध कार्य प्रणाली का परिणाम है या युवाओं की अपनी मेहनत और प्रतिभा ?
मुख्यमंत्री जी
  • निश्चित तौर पर संघ लोक सेवा आयोग यानी यू.पी.एस.सी. की परीक्षा बहुत प्रतिष्ठापूर्ण होती है। इस परीक्षा से देश को प्रशासनिक लीडर मिलते हैं। यहां से भारतीय प्रशासनिक सेवा के अनेक बड़े पदों के लिए चयन होता है।
  • सबसे पहले तो मैं उन सभी दर्जनभर प्रतिभाशाली युवाओं को बधाई देता हूं, जिन्होंने मेरिट में अपनी जगह बनाई। मेरी शुभकामनाएं हैं कि यू.पी.एस.सी. मंे चयनित सभी युवाओं को अपने कैरियर में भी शानदार सफलता मिले। वे जहां भी काम करें, छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करें।
  • मैं आज विशेष तौर पर दक्षिण बस्तर के दूरस्थ जिले दंतेवाड़ा के गीदम में पली-बढ़ी बिटिया नम्रता जैन का अभिनन्दन करना चाहता हूं, जिसने छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक अंक पाए हैं और चयन सूची में प्रथम सौ में शामिल हैं।
  • नम्रता बिटिया ने अपनी लगन, मेहनत, प्रतिभा से यह मुकाम हासिल किया है और हमारा बहुत बड़ा सपना पूरा किया है। दक्षिण बस्तर को लेकर अनेक चर्चाओं के बीच नम्रता ने यह साबित किया है कि दक्षिण बस्तर की बेटी आई.ए.एस. हो सकती है, कलेक्टर बन सकती है। और उसने एक अद्भुत चेतना का संचार बस्तर के साथ ही पूरे प्रदेश में किया है।
  • नम्रता के माता-पिता और उनका परिवार बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने उसे अच्छे संस्कार और आत्मविश्वास दिया। दंतेवाड़ा की स्कूल ‘निर्मल निकेतन’ को भी साधुवाद, कि उसने अपनी एक छात्रा को इस तरह से तैयार किया, कि वह अखिल भारतीय प्रतियोगिता में मुकाबला कर सके।
  • नम्रता ने यह साबित किया है कि जहां चाह है, वहां राह निकलती है।
  • हम अक्सर कहते हैं कि अबूझमाड़ हो या सुकमा, बीजापुर हो, दंतेवाड़ा या नारायणपुर, ऐसे दूरस्थ, दुर्गम अंचलों से बच्चे
  • आई.आई.टी., एन.आई.टी. में जा रहे हैं। हमारी बात को नम्रता ने आगे बढ़ाया है।
  • बस्तर में हमारी संस्थाएं किस तरह बेहतर काम कर रही हैं, इसका भी एक उदाहरण इस बीच में निकलकर आया। नम्रता जब साक्षात्कार की तैयारी के लिए दिल्ली की एक संस्था पहुंची तो उसे वहां बताया गया कि दंतेवाड़ा में रहकर भी आप, जिला प्रशासन की पहल से संचालित संस्था ‘लक्ष्य’ की मदद ले सकती हैं। और उनका कहना मानकर नम्रता ने दंतेवाड़ा में रहकर ही साक्षात्कार की तैयारी की।
  • इसलिए मैं ‘लक्ष्य’ संस्था और दंतेवाड़ा जिले के अधिकारियों को भी बधाई देता हूं कि उन्होंने भी अपना योगदान दिया और नम्रता की तैयारी कराई।
  • इस तरह नम्रता आज एक ‘रोल मॉडल’ बन गई है, जिससे प्रदेश की अन्य बेटियों को, दूर गांवों और कठिन परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों को प्रेरणा मिलेगी।
पुरूष उद्घोषक
  • माननीय मुख्यमंत्री जी, यू.पी.एस.सी. में चयनित युवाओं को राज्य की अन्य संस्थाओं से भी कोई मदद मिली है क्या? क्योंकि नम्रता के अलावा भी 11 युवाओं का चयन हुआ है।
मुख्यमंत्री जी
  • यह बहुत ही गौरव का विषय है कि इस बार हमारे युवाओं ने अच्छी संख्या में सफलता पाई है। डॉ. दीपक शुक्ला, अभिषेक अग्रवाल, अरिहन्त सिंगी, शशांक शेखर, चन्द्रकांत वर्मा, अजय अग्रवाल, नवीन सोनी, डॉ. गगन गिरि गोस्वामी, लाल दास, अदिति पटेल, डॉ. पीयूष लहरे, ये सभी छत्तीसगढ़ के नए सितारे हैं। इन सभी ने अपनी परिस्थितियों से संघर्ष किया है और एक मुकाम हासिल किया है। मैं इन सभी युवाओं का अभिनन्दन करता हूं।
  • आपको यह जानकर खुशी होगी कि यूपीएससी में सफल होने वाले युवाओं में ‘छत्तीसगढ़ ट्रायबल यूथ हॉस्टल’ नई दिल्ली में रहकर पढ़ने वाले लाल दास मूलतः ग्राम परसाही, खैरागढ़ के निवासी हैं, लेकिन उनके पिता श्री गणपत दास भिलाई स्टील प्लांट में ठेका श्रमिक थे। लाल दास ने नायब तहसीलदार रहते हुए परीक्षा की तैयारी की। जब उन्होंने नौकरी शुरू की तो अपने पिता को अपने साथ ले आए और अब माता-पिता के साथ ही रहते हैं।
  • डॉ. पीयूष लहरे डोंगरगढ़ के निवासी हैं। उनके पिता श्री पुरूषोत्तम दास भी भिलाई स्टील प्लांट में ऑपरेटर थे। पीयूष ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, छुईखदान में नौकरी करते हुए परीक्षा की तैयारी की। और साक्षात्कार की तैयारी के समय दिल्ली के यूथ हॉस्टल में रहे।
  • गगन गिरि गोस्वामी भी ग्रामीण पृष्ठभूमि और कृषक परिवार से हैं। उनके पिता श्री नरेन्द्र गिरि गोस्वामी मुंगेली जिले के लोरमी निवासी हैं।
  • इसके अलावा दिल्ली में ट्रायबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी करने वाले 30 युवा राज्य प्रशासनिक सेवा में सफल हुए हैं।
  • वैसे तो प्रतिभा किसी सहारे की मोहताज नहीं होती, लेकिन हमारे प्रदेश के जिन बच्चों की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं हैं, वे अच्छे प्रशिक्षण और सुविधाओं की कमी के कारण पिछड़ न जाएं, इसलिए हमने दिल्ली में ‘उत्कर्ष’ के नाम से यह ट्रायबल हॉस्टल संचालित किया है, जहां प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की कोचिंग दी जाती है। जहां कोचिंग, आवास, भोजन जैसी सभी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।
  • मुझे यह कहते हुए बहुत खुशी है कि युवाओं ने हमारी सोच को सही साबित करके दिखाया है।
महिला उद्घोषक
  • माननीय मुख्यमंत्री जी, 21 जून फिर आ रहा है। हमारे प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयासों से हम योग को विश्व मंच पर प्रतिष्ठा दिलाने में सफल हुए हैं। इस वर्ष तीसरा अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस है। इस अवसर पर आप अपने श्रोताओं को क्या कहना चाहेंगे?
मुख्यमंत्री जी
  •  मैं इस कार्यक्रम के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को एक बार फिर साधुवाद देता हूं कि उन्होंने हमारे योग को अन्तरराष्ट्रीय गौरव का विषय बना दिया।
  •  इस वर्ष हम तीसरा अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं, जिसे लेकर माननीय मोदी जी ने यह आव्हान किया है कि इस तृतीय विश्व योग दिवस को यादगार बनाने के लिए एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां एक साथ योग करें।
  •  दादा-दादी या नाना-नानी के साथ माता-पिता और बच्चे मिलकर योग करें तो इससे तीन पीढ़ी एक साथ जुटेगी।
  •  इस तरह हम योग को सेहत के साथ सम्बन्धों का माध्यम भी बना सकते हैं।
  • योग वास्तव में निरोग रहने की कला है। योग अपने आपको तरो-ताजा और प्रसन्नचित्त बनाए रखने का जरिया है। इससे हम अपने तन और मन के साथ विचारों को भी जोड़ते हैं। और इस तरह अन्तरात्मा की शुद्धि भी करते चलते हैं।
  • सोचिए, कि नियमित रूप से योग करने से आपका परिवार, बच्चे तेजस्वी बनेंगे तो इसका कितना फायदा होगा।
  •  ‘प्रिवेंटिव हेल्थ केयर’ से एक ओर जहां हम दवाओं पर होने वाला खर्च बचाते हैं, वहीं बीमारी से होने वाले सैकड़ों तरह के नुकसान भी बचाते हैं।
  • मुझे खुशी है कि छत्तीसगढ़ में हमने स्कूल स्तर से योग शिक्षा देने की व्यवस्था की है। योग को पाठ्यक्रम में शामिल किया है। योग को लेकर हर उम्र, हर वर्ग के लोगों को जागरूक किया जा रहा है। और शासकीय, अर्द्धशासकीय, स्वयंसेवी संगठनों को हमने योग के लिए काम करने हेतु प्रेरित किया है।
  • 21 जून को हमारे राज्य में योग का बड़ा ही उत्साहजनक वातावरण दिखाई पड़ेगा। मैं आप सबसे अपील करता हूं कि आप जहां कहीं भी हों, योग जरूर करें। और 21 जून के योग दिवस को शानदार सफलता दिलाएं।
  •  माननीय मोदी जी ने कहा है कि तीन पीढ़ियां योग करते हुए अपनी तस्वीर 'NarendraModiApp' पर, ‘ MyGov’ पर भेजें।
पुरूष उद्घोषक
  • डॉ. साहब, इस साल अच्छे मानसून की भविष्यवाणी की गई है। वास्तव में अच्छा मानसून किसान भाई-बहनों और उनके परिवारजनों के लिए एक वरदान की तरह ही है। बारिश का मौसम उम्मीदों का मौसम होता है। खुशियों के बीज बोने का मौसम होता है। क्या तैयारी है सरकार की?
मुख्यमंत्री जी
  • माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने राष्ट्रीय स्तर पर पहली बार एक निर्धारित समय-सीमा में किसानों की आय दोगुनी करने का आव्हान किया है, जिसके तहत छत्तीसगढ़ शासन द्वारा एक व्यापक कार्ययोजना बनाई गई है और कृषि लागत कम करने, कृषि उत्पादन बढ़ाने के अनेक प्रयास किए जा रहे हैं।
  • हमारे प्रदेश में खरीफ मौसम में ही सबसे ज्यादा खेती होती है। अच्छे मानसून से धान की पैदावार सबसे ज्यादा होती है। परम्परागत रूप से ज्यादातर किसान भाई धान की फसल लेते हैं।
  • इस वर्ष खरीफ 2017 में 48 लाख हेक्टेयर रकबे में बोनी का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 36 लाख 50 हजार हेक्टेयर में धान बोया जाएगा।
  • लगभग 4 लाख हेक्टेयर में दलहन, 3 लाख हेक्टेयर से अधिक में तिलहन तथा लगभग डेढ़ लाख हेक्टेयर में साग-सब्जी, गन्ना आदि लगाने का कार्यक्रम बनाया गया है।
  • इस तरह इस वर्ष अनाज, दलहन, तिलहन, साग-सब्जी मिलाकर 91 लाख 76 हजार मीट्रिक टन फसल का उत्पादन अनुमानित है।
  • मैं अन्नदाताओं से यह कहना चाहता हूं कि आप अपना काम बिना किसी चिंता के करें। हमने उनके लिए सारी व्यवस्थाएं कर ली हैं।
  • किसानों की मदद के लिए 7 लाख 45 हजार क्विंटल बीजों का भण्डारण किया गया है। इसी तरह 10 लाख 65 हजार मीट्रिक टन खाद का इंतजाम भी किया गया है, ताकि किसानों को खाद-बीज समय पर मिल सके।
  • हम किसानों को बिना ब्याज के अल्पकालीन कृषि ऋण दे रहे हैं। खरीफ मौसम के लिए 3 हजार 200 करोड़ रू. का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस तरह नगद तथा कृषि आदान सामग्री की सुगम व्यवस्था भी की गई है।
  • इसके तहत क्षेत्रवार माटी और जलवायु के अनुरूप विशिष्ट फसल को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
  • उदाहरणस्वरूप सरगुजा संभाग में जवाफूल, विष्णुभोग, लक्ष्मीभोग, टाऊ, रामतिल, कोदो, बस्तर संभाग में बादशाह भोग, रेड राइस, लघु धान्य फसलें रामतिल एवं कुल्थी तथा मैदानी क्षेत्रों में दुबराज, विष्णुभोग, तुलसी मंजरी, लाल झुनगा एवं कुल्थी को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि अच्छी किस्म की उपज हो, जिसे बाजार में ऊंचा दाम मिले।
  • इसी प्रकार मिट्टी और जलवायु के अनुसार जिलावार, क्षेत्रवार कार्ययोजना बनाई गई है।
  • मिट्टी की जांच के लिए हमने ‘मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन योजना’ संचालित की है, जिसके तहत प्रथम चरण में 40 लाख किसानों की खेती की जमीन की जांच करके ‘मिट्टी स्वास्थ्य पत्र’ दिया जा चुका है।
  • मैं किसान भाइयों से अपील करता हूं कि हर दो साल में अपने खेतों की मिट्टी की जांच कराएं और स्वास्थ्य पत्रक में की गई अनुशंसा के आधार पर खाद और सूक्ष्म पोषक तत्व डालें।
  • भारत सरकार द्वारा जारी किए गए निर्देश के अनुसार मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य किया गया है। अतः जिन किसान भाइयों ने अभी तक अपना आधार कार्ड नहीं बनवाया है, वे बनवा लें।

महिला उद्घोषक
  • माननीय मुख्यमंत्री जी, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए भी क्या अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए? बारिश के साथ संक्रमण और बीमारियों का एक दौर भी आता है। ऐसे में लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए? और सरकार ने क्या इंतजाम किया है?
मुख्यमंत्री जी
  • माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने किसानों के लिए जो फसल बीमा योजना लागू की है, वह सिर्फ बारिश न होने से संबंधित नहीं है, उसका बहुत व्यापक दायरा है। खेतों पर खड़ी या खलिहानों पर रखी फसल को आग, पानी व अन्य तरह से सुरक्षा देने के लिए भी यह योजना एक वरदान है।
  • इस योजना में नाममात्र की दर 2 प्रतिशत प्रीमियम देकर ही पूरी फसल का बीमा कराया जाता है।
  • प्रदेश में धान सिंचित, धान असिंचित, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, अरहर, मूंग, उड़द, उद्यानिकी फसल को बीमा के दायरे में लाया जा चुका है।
  • ऋण लेने वाले किसानों के अलावा अऋणी किसान अर्थात् जो किसान कर्ज नहीं लेते और जिसमें भू-धारक तथा बटाईदार भी शामिल हैं, सभी को प्रधानमंत्री फसल बीमा का लाभ दिया जा रहा है।
  • विगत वर्ष खरीफ तथा रबी फसल को मिलाकर राज्य में 16 लाख से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ मिला, जिसके लिए कुल 340 करोड़ रू. की राशि प्रीमियम के रूप में सरकार द्वारा दी गई, जिसमें केन्द्र और राज्य सरकार की 50-50 प्रतिशत की भागीदारी होती है।
  • इस वर्ष भी फसल बीमा योजना का लाभ किसानों को दिलाने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
  • ऋणी किसानों का बीमा तो संबंधित बैंक से हो जाता है, लेकिन गैर-ऋणी किसानों को आवेदन करना पड़ता है। अतः गैर-ऋणी किसान भाई सावधानी बरतते हुए, समय पर आवेदन कर दें।
  • बाढ़ जैसी किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए समुचित व्यवस्था की गई है। राज्य आपदा प्रबंधन बल को सतर्क कर दिया गया है। विभिन्न जिलों में 72 बोट दी गई हैं। सभी संभागीय मुख्यालयों में ‘आपदा प्रबंधन बल’ की तैनाती की गई है, जो किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जिलों में उपलब्ध अमले के साथ समन्वय करेंगे। समस्त जिला मुख्यालयों के साथ ही राज्य स्तर पर नियंत्रण कक्ष भी सतर्क रहेगा।
  • बारिश के मौसम में होने वाले संक्रमण से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयारी की गई है। इस दौरान पीने के लिए उबला हुआ या अन्य तरीकों से स्वच्छ किया गया पानी पीना चाहिए। पास-पड़ोस की जगहों में तो सफाई रखना ही चाहिए साथ ही अपने शरीर पर भी ध्यान देना चाहिए। किसी भी तरह से अस्वस्थ होने पर शीघ्र चिकित्सकों की सलाह लेनी चाहिए।
  • प्रदेश के सभी शासकीय अस्पतालों में विशेष निर्देश दिए गए हैं ताकि कहीं भी संक्रामक बीमारी फैल न पाए।
  • जहां रेनवाटर हार्वेस्टिंग की प्रणाली नहीं लगी है, वहां तत्काल लगाना चाहिए और जहां लगी है, वहां पहली बारिश के पानी से छत धुलने के बाद इसका उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
पुरूष उद्घोषक
  • श्रोताओं! आपकी प्रतिक्रियाएं हमें आपके पत्र, सोशल मीडिया- फेसबुक, ट्विटर के साथ SMS से भी बड़ी संख्या में मिल रही हैं। इसके लिए आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद।
  • आगे भी आप अपने मोबाइल के मेसेज बॉक्स में RKG के बाद स्पेस लेकर अपने विचार लिखकर 7668-500-500 नम्बर पर भेजते रहिए और संदेश के अंत में अपना नाम और पता लिखना ना भूलें।
मुख्यमंत्री जी
  • सोशल मीडिया तथा पत्रों के माध्यम से बहुत से श्रोताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और शादी-ब्याह पर होने वाले खर्च पर अंकुश लगाने का समर्थन किया है।
  •  श्री सुरेश चंद्राकर ने लिखा है कि समृद्ध और समर्थ लोग दिखावा बंद करेंगे तो समाज पर जल्दी असर होगा।
  • श्री खूबचंद पारख, डॉ. आशुतोष तिवारी, श्री महेन्द्र सिंह, डॉ. खेमराज सोनवानी ने युवाओं को आगे बढ़कर शादी-ब्याह तथा अन्य सामाजिक-मांगलिक कार्यक्रमों को सादगी से करने की बात कही है।
  • श्री अवधेश दुबे ने भू-जलस्तर को गिरने से रोकने के लिए रेनवाटर हार्वेस्ंिटग के लिए सरकार सहित समाज के अन्य लोगों से गंभीर प्रयास करने का अनुरोध किया है।
  • मैं सभी से अपील करता हूं कि पानी और हरियाली के लिए हर संभव मदद करें। बारिश के मौसम का भरपूर उपयोग जल संवर्धन और पेड़-पौधे लगाने में करें।
  • मैं आप सबको याद दिलाना चाहूंगा कि जुलाई से पूरे छत्तीसगढ़ में वृक्षारोपण का एक महाअभियान हम चलाने वाले हैं। जहॉ गांव-गांव में, स्कूलों में, आंगनवाड़ी में, खुली जगहांे में, मैदानों में और सभी 27 जिलों में यह अभियान चलेगा।
  •  जिसमें हमारा लक्ष्य है इस बार 8 करोड़ से ज्यादा पौधा लगाने का, आप सब इसके लिये तैयार रहें। हमारी कोशिश है कि छत्तीसगढ़ को हरा-भरा बनाने के लिए आप सबका योगदान हो, समूह में जो वृक्षारोपण के कार्यक्रम में सम्मिलित होता है, उन सबको पहले से ही उनकी जानकारी जिला कलेक्टर को देनी चाहिये।
  • इस अभियान को हम 1 जुलाई से प्रारम्भ करके अगस्त के दूसरे सप्ताह तक चलायेंगे। आप सबके सहयोग से छत्तीसगढ़ का और देश का सबसे बड़ा वृक्षारोपण अभियान सफल होगा। हम 8 करोड़ पौधा लगाने का लक्ष्य पूरा करेंगे और आप सबके सहयोग से छत्तीसगढ़ को हरा-भरा बनाने में हम सफल होंगे।
  • आप सबको धन्यवाद

महिला उद्घोषक
  • और श्रोताओं, अब बारी है ‘क्विज’ की।
  • तेरहवें ‘क्विज’ का प्रश्न था-
  • वर्ष 2017 को पं. दीनदयाल उपाध्याय जी का कौन सा वर्ष मनाया जा रहा है ?
  •  जिसका सही जवाब है- (B) शताब्दी वर्ष
  • सबसे जल्दी जिन पांच श्रोताओं ने सही जवाब भेजे हैं, उनके नाम हैं-
1.  श्री अंकित जायसवाल, सहसपुर लोहारा, जिला कबीरधाम
2. श्री प्रीतम दास, पंचशील नगर, रायपुर
3.  श्री अजय प्रधान, सरायपाली, जिला गरियाबंद
4.   यशवंत जायसवाल, सीपत, जिला बिलासपुर
5. कुमारी गरिमा, पुरानी बस्ती, रायपुर


पुरूष उद्घोषक
  • और श्रोताओं अब समय है चौदहवंे क्विज का, सवाल है-
  • पहला ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ कब मनाया गया ?
  • इसका सही जवाब  (A) सन् 2015
  •                           (B) सन् 2016
इनमें से कोई एक है।
  • अपना जवाब देने के लिए, अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में फ। लिखें और स्पेस देकर A या B जो भी आपको सही लगे, वह एक अक्षर लिखकर 7668-500-500 नम्बर पर भेज दें। साथ में अपना नाम और पता अवश्य लिखें।
  • आप सब ‘रमन के गोठ’ सुनते रहिए और अपनी प्रतिक्रियाआंे से हमें अवगत कराते रहिए। इसी के साथ आज के अंक का हम यहीं समापन करते हैं। अगले अंक में 9 जुलाई को होगी आपसे फिर मुलाकात। तब-तक के लिए दीजिए हमें इजाजत। नमस्कार।

रायपुर : प्रदेश के स्टील उद्योग को मिली राहत : बिजली खपत में दी 1.40 रूपए प्रति यूनिट की छूट

रायपुर, 11 जून 2017

राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के स्टील उद्योगों को बिजली की खपत में प्रति यूनिट एक रूपए 40 पैसे की छूट देने का निर्णय लिया है। ऊर्जा विभाग ने यहां मंत्रालय (महानदी भवन) से इस आशय का आदेश जारी कर दिया है। विभागीय अधिकारियों ने आज यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग एक अप्रैल 2017 से नई विद्युत दरें लागू की गई हैं। राज्य के स्टील उद्योग प्रतिस्पर्धा में बने रहें, इसे ध्यान में रखकर जनहित में प्रदेश सरकार ने उन्हें यह छूट देने का निर्णय लिया है। ऊर्जा विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड से 132 के.व्ही., 33 के.व्ही. और 11 के.व्ही. पर बिजली प्राप्त कर रहे राज्य के सभी स्टील उद्योग जो एच.व्ही-4 टैरिफ के अंतर्गत विद्युत सप्लाई कर रहे हैं, उन्हें एक अप्रैल 2017 से 30 सितम्बर 2017 तक की अवधि में बिजली खपत पर देय ऊर्जा प्रभार में प्रति यूनिट एक रूपए 40 पैसे की छूट मिलेगी। ऊर्जा विभाग का यह आदेश 27 मई 2017 को जारी कर दिया गया है। 

क्रमांक-1085/स्वराज्य

Raipur : Rs. 1.40 waiver per unit on electricity to steel industry

 Raipur, 11 June 2017 

 The State Government decided in principle to waive Rs 1.40 per unit consumption on electricity to steel industry.  The Energy Department issued a circular to this effect at Mantralaya (Mahanadi). The new price structure came into effect from 1 April 2017. The main aim is to keep the steel industry in competitive environment.  

1085/Swarajya/Pradeep

Raipur : 'Raman Ke Goth' at Gad Kalewa

Raipur, 11 June 2017

 The visitors to Gad Kalewa located at Mahant Ghasidas Museum premises heard Chief Minister's 'Raman Ke Goth' with rapt attention. Dr. Raman Singh in his monthly Akashwani broadcast gave details of his 'Lok Suraj' mission. He congratulated the students who came out in flying colours in the Union Public Service Commission examinations and wished them a bright future. Chief Minister called upon the listeners and citizens to participate in huge numbers in the International Yoga Day on 21 June. The farmers were updated on soil testing, Crops' Insurance Scheme, Interest free short-term loans,  Kharif season seeds and several other issues related to farming. Chief Minister also spoke on monsoon related diseases, preventions and large-scale afforestation mission in the month of July. Flood and disaster management details were also broadcast. Mr. Pawan Sahu, Mr.  Yuvraj Sahu and Ms. Kushboo Sahu felt inspired on hearing the candidates who have passed out of Union Public Service Commission (U.P.S.C.) examinations.

1084/Chowdhary/ Pradeep

रायपुर : गढ़ कलेवा में ‘रमन के गोठ’

रायपुर, 11 जून 2017
 

 
आकाशवाणी रायपुर से मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता ‘रमन के गोठ’ आज यहां संस्कृति विभाग के महंत घासीदास संग्रहालय परिसर में स्थित गढ़कलेवा में लोगों ने ध्यान से सुना। रेडियो वार्ता में मुख्यमंत्री ने लोक सुराज अभियान के अनुभवों को बताया। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता अर्जित करने वाले प्रदेश के युवाओं को और परीक्षा के लिए तैयारी करवाने वाली संस्थाओं को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने आगामी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सभी लोगों से योग करने का आव्हान किया। किसानों को मिट्टी परीक्षण, फसल बीमा योजना, बिना ब्याज के अल्पकालीन ऋण एवं खरीफ मौसम में बीज, खाद भंडारण की जानकारी रेडियो वार्ता में दी गई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बरसात में संक्रामक बीमारियों से बचाव, रोकथाम के लिए उपाय और जुलाई माह में प्रारंभ होने वाले वृहद् स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम की जानकारी दी। बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन की जानकारी वार्ता के दौरान दी गई। रेडियो वार्ता सुनकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए श्री पवन साहू, युवराज साहू एवं खूशबू साहू ने कहा कि उन्हें प्रदेश के युवाओं द्वारा संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में सफलता की जानकारी से प्रेरणा मिली। इसी तरह से अन्य श्रोताओं ने वृहद् स्तर पर आयोजित होने वाले वृक्षारोपण कार्यक्रम, खेती किसानी की जानकारी एवं वार्ता में अन्य जानकारी को सार्थक बताया। 
 
क्रमांक-1084/चौधरी

रायपुर : गांधी मैदान में मजदूरों ने सुना रमन के गोठ

रायपुर, 11 जून 2017


आकाशवाणी केन्द्र रायपुर से प्रसारित विशेष कार्यक्रम ‘रमन के गोठ’ को आज यहां गांधी मैदान स्थित चावड़ी में मजदूरों ने उत्साह के साथ सुना। श्रीमती जानकी ने त्वरित प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह  ने आज अपने वार्ता में धीरे-धीेरे गांवों में शराबबंदी की ओर आगे बढ़ने की बात कही है। श्रीमती जानकी ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे जहां घरेलू हिंसा में कमी आएगी, वहीं शराब के दुष्परिणामों से निजात मिलेगी। ग्राम दोंदेखुर्द से मजदूरी करने आए श्री तुलसीदास ने कहा कि वे सीमांत किसान है। वह मजदूरी के साथ कृषि मजदूरी का कार्य भी करते हैं। मुख्यमंत्री ने रमन के गोठ में प्रदेश में संभावित अच्छे मानसून की जानकारी दी। किसानों के लिए बारिश के पहले ही बीज और खाद की पर्याप्त भण्डारण होने की बात बताई। यह किसानों के हित में सराहनीय कदम है। श्रीमती नंदकुंअर वंशकारी सहित सर्वश्री मेश्राम विश्वकर्मा, महेश साहू, गंगा, सोनू खान, शिवकुमार साहू, संपत शिन्दे और विरेन्द्र ने रमन के गोठ सुना।      

क्रमांक-1083/ओम

रायपुर : रेडियो श्रोता संघ के सदस्यों ने सुना ‘रमन के गोठ’

रायपुर, 11 जून  2017


आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से आज प्रसारित मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता ‘रमन के गोठ’ 22वीं कड़ी को आज यहां ‘चौपाल‘ में छत्तीसगढ़ रेडियो श्रोता संघ के सदस्यों ने सामूहिक रूप से सुना। श्रोता संघ के सरंक्षक और छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज के निवास परिसर में बड़ी संख्या में रेडियो श्रोता एकत्रित हुए थे। श्री बजाज ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते मुख्यमंत्री के आज के प्रसारण को उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी का मौसम है। मुख्यमंत्री के रेडियों प्रसारण में सरकार द्वारा किसानों की बेहतरी के लिए किए जारहे काम के बारे में जानकारी मिली। प्रदेश के युवाओं ने यूपीएससी में चयनित होकर राज्य का गौरव बढ़ाया है यह हम सबके लिए खुशी की बात है। राज्य में 21 जून को तीसरे अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस बनाने के बारे में भी जानकारी मिली। मुख्यमंत्री ने अपनी रेडियो वार्ता में प्रधानमंत्री की योजनाओं की जानकारी भी दी है। रेडियो श्रोता संघ के सदस्य श्री मोहन लाल देवांगन ने कहा कि वे पिछले 20 वर्ष रेडियो सुन रहे हैं और श्रोता संघ से भी जुड़े हैं। श्री बजाज ने रेडियो श्रोताओं से भी शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार में प्रेरक की भूमिका निभाने का आव्हान किया है। कार्यक्रम में सर्वश्री दुर्गा प्रसाद जोगी, रतन जैन, प्रकाश शर्मा, परसराम साहू, रेडियो श्रोता उपस्थित थे।
क्रमांक-1082/पाराशर

प्रदेश को ग्यारह नवोदय विद्यालयों की नई सौगात : मुख्यमंत्री आज करेंगे आधा दर्जन नवोदय विद्यालयों का शुभारंभ

रायपुर, 13 जुलाई 2017 प्रदेश को ग्यारह नवोदय विद्यालयों की नई सौगात मिली है।  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह कल 14 जुलाई को बालोद जिले के प्...