Sunday, 9 July 2017

आकाशवाणी से ’रमन के गोठ’ की 23वीं कड़ी : छत्तीसगढ़ में बीस जुलाई को प्रदेश व्यापी वृक्षारोपण समारोह​ : मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से की शामिल होने की अपील

इस बार खरीफ में 48 लाख हेक्टेयर में बोनी का लक्ष्य

रायपुर, 09 जुलाई 2017


 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेशवासियों से इस महीने की 20 तारीख को हरियर छत्तीसगढ़ अभियान के तहत राज्य में आयोजित होने वाले वृक्षारोपण समारोहों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। मुख्यमंत्री आज सवेरे आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ’रमन के गोठ’ की 23वीं कड़ी में जनता को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस त्यौहार को हम सब मिल-जुलकर मनाएंगे। इस वर्ष राज्य में आठ करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है, जिसे पूरा करने के लिए 20 जुलाई से विशेष अभियान की शुरूआत होगी। लक्ष्य पूर्ति का संकल्प हम सब लेंगे। 
मुख्यमंत्री ने कहा-20 जुलाई को छत्तीसगढ़ के सभी जिलों, तहसीलों, विकासखण्डों और पंचायतों में त्यौहार के रूप में वृक्षारोपण समारोह मनाया जाएगा। जिला कलेक्टरों और वन विभाग के अधिकारियों को इसकी तैयारी के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।  अगर आप स्वयं की जमीन में या खेत में पेड़ लगाना चाहेंगे तो उसके लिए भी पौधे उपलब्ध हैं। फलदार वृक्षों के पौधे भी उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए अपनी आज की रेडियो वार्ता को खेती-किसानी से जुड़ी योजनाओं पर केन्द्रित रखा। 
उन्होंने कहा-इस बार खरीफ मौसम में प्रदेश में 48 लाख हेक्टेयर के रकबे में विभिन्न फसलों की बोनी का लक्ष्य है। इसमें से 36 लाख 50 हजार हेक्टेयर में धान, चार लाख हेक्टेयर में दलहन, तीन लाख हेक्टेयर में तिलहन और लगभग डेढ़ लाख हेक्टेयर में साग-सब्जी तथा गन्ना आदि की फसल लगाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने श्रोताओं को बताया कि राज्य में इस वर्ष अनाज, दलहन-तिलहन और साग-सब्जी आदि को मिलाकर 91 लाख 76 हजार मीटरिक टन फसल उत्पादन का अनुमान है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि यह लक्ष्य पूर्ण हो और अच्छी फसल से किसानों के घर खुशियों की बरसात हो। 
 खरीफ में 7.45 लाख क्विंटल बीज और
10.65 लाख टन खाद का इंतजाम
डॉ. रमन सिंह ने कहा-किसानों की सुविधा के लिए योजनाओं का ऐसा ताना-बाना हमने बुना है कि उन्हें हर चीज सही समय पर, बिना किसी दिक्कत के मिल सके। इस वर्ष खरीफ के लिए सात लाख 45 हजार क्विंटल बीजों के साथ-साथ दस लाख 65 हजार मीटरिक टन खाद का भी इन्तजाम किया गया है। 

प्रदेश के ग्यारह लाख किसानों को 
ब्याज मुक्त ऋण सुविधा
किसानों को पहले खेती के लिए 14 प्रतिशत ब्याज पर ऋण लेना पड़ता था। ऊंची दर होने के कारण वे ब्याज पटाने के चक्कर में परेशान रहते थे और डिफाल्टर होने से उनकी प्रगति रूक जाती थी। मंहगे कर्ज के दुष्चक्र को हमने तोड़ दिया है। हमने लगातार ब्याज दर कम की है और अब किसानों को बिना ब्याज के अल्पकालीन कृषि ऋण दे रहे हैं, जिसका लाभ हर साल ग्यारह लाख किसानों को मिलता है। राज्य में किसान पहले सिर्फ 150 करोड़ रूपए का ही ऋण लेते थे, लेकिन ब्याज मुक्त ऋण मिलने के बाद धीरे-धीरे परिवर्तन आया और आज हमारे किसान तीन हजार करोड़ रूपए से अधिक कृषि ऋण उठा रहे हैं। इससे पता चलता है कि छत्तीसगढ़ में किसानों की अर्थव्यवस्था ने कितनी ऊंची छलांग लगाई है। डॉ. सिंह ने कहा-किसानों द्वारा बीस गुना अधिक ऋण लेने से उनके उत्पादन का मूल्य भी कई गुना बढ़ा है। उन्होंने कहा-धान छत्तीसगढ़ की जान है। इसलिए हमने धान खरीदी की शानदार और पारदर्शी व्यवस्था की है, हमारी ’’किसान हितकारी व्यवस्था’’ की तारीफ पूरे देश में हो रही है। 
किसानों से तेरह साल में 6.22 करोड़ मीटरिक टन धान खरीदी
मुख्यमंत्री ने बताया - छत्तीसगढ़ में एक हजार 989 उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की व्यवस्था है। विगत 13 वर्षों में 6 करोड़ 22 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और किसानों को करीब 64 हजार 730 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया। कृषि लागत कम करने के उपाय, अच्छी फसल, खरीदी की शानदार व्यवस्था आदि के कारण किसानों में समृद्धि बढ़ी है। इसलिए मैं कहता हूं कि किसानों की जिंदगी में सुखद बदलाव आया है।
पहला किसान बाजार धमतरी में शुरू
धमतरी में प्रदेश का पहला ‘किसान-बाजार’ शुरू किया गया है। जिला प्रशासन की पहल पर ऐसी व्यवस्था की गई है, जिसमें उत्पादक और ग्राहक को नजदीक लाया गया है और मध्यस्थ को हटा दिया गया है। इस तरह सब्जी उत्पादक किसानों को अपनी उपज का अच्छा दाम मिल रहा है और नागरिकों को सस्ती और ताजी सब्जी मिल रही है।‘किसान-बाजार’ में सब्जी उत्पादकों के सत्यापन, पंजीयन, काउंटर आवंटन, तौल-मशीन आदि की व्यवस्था की गई है। सब्जी की दर एक समिति तय करती है। यहां रोज लगभग डेढ़ टन सब्जी सुबह दो घण्टे में बिक जाती है। मैं चाहता हूं कि ऐसी व्यवस्था अन्य जिलों में भी हो।
छत्तीसगढ़ पहला राज्य, जहां पांच हार्सपावर तक
पम्पों को निःशुल्क बिजली
मुख्यमंत्री ने कहा-छत्तीसगढ़ पहला राज्य है, जिसने 5 हार्सपावर के पम्पों तक निःशुल्क विद्युत प्रदाय की सुविधा दी है। प्रति पम्प 7500 यूनिट तक निःशुल्क बिजली हर साल दी जा रही है। इससे प्रति किसान औसतन 31 हजार रुपये का वार्षिक लाभ मिल रहा है। अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों को प्रति किसान औसतन 50 हजार रुपये का लाभ इस योजना से मिल रहा है। इतना ही नहीं, जहां परंपरागत बिजली देना संभव नहीं, वहां ‘‘सौर सुजला योजना’’ के माध्यम से दो वर्षों में 51 हजार सोलर पम्प देने की योजना शुरू की गई है। इस योजना में 3 लाख से 5 लाख रूपये मूल्य का पम्प किसानों को केवल 7 हजार से 20 हजार रूपये तक में दिया जा रहा है। 12 हजार किसानों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। डॉ. रमन सिंह ने श्रोताओं को यह भी बताया कि राज्य के किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए हर दो गांव के बीच एक किसान संगवारी नामांकित किया गया है और प्रत्येक जिला मुख्यालय में किसान मितान केन्द्र खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा-किसान मितान केन्द्रों में किसानों को एक ही छत के नीचे खेती-किसानी से जरूरी जानकारी मिलेगी और सभी संबंधित विभागों का मार्गदर्शन और सहयोग मिलेगा। 
ड्रिप-स्प्रिंकलर के लिए भी किसानों को अनुदान
डॉ. रमन सिंह ने अपनी रेडियो वार्ता में बताया-लघु एवं सीमांत किसानों को स्प्रिंकलर के लिये 11 हजार 800 रूपए तथा अन्य किसानों को 7 हजार 800 रूपए का अनुदान दिया जा रहा है। इसी तरह ’’ड्रिप’’ के लिये भी 40 हजार से 60 हजार रूपए प्रति हेक्टेयर तक अनुदान दिया जा रहा है। वर्ष 2016-17 में लक्षित 29 हजार हितग्राहियों की संख्या वित्तीय वर्ष 2017-18 में बढ़ाकर 1 लाख से अधिक की गई है। माइक्रो-एरीगेशन के लिए नाबार्ड से 193 करोड़ रूपये  का ऋण लेकर बड़े पैमाने पर सिंचाई सुविधा देने का निर्णय लिया गया है। 
राज्य के बारह हजार से अधिक गन्ना किसानों को 
बोनस का भुगतान
उन्होंने रेडियो श्रोताओं को बताया- प्रदेश में सहकारी क्षेत्र में 4 शक्कर कारखाने स्थापित किए गए हैं। प्रदेश के 12 हजार से अधिक किसानों को लगभग 33 हजार रूपये औसत की दर से गन्ना बोनस का भुगतान किया गया है। परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत छह जिलों सरगुजा, सूरजपुर, जशपुर नगर, कोण्डागांव, दंतेवाड़ा और कोरबा के गांवों में जैविक प्रमाणीकरण का अभियान चलाया जा रहा है। इस जिले में 9 हजार एकड़ क्षेत्र के 8 हजार से अधिक कृषकों को इसमें शामिल किया गया है। जैविक खेती मिशन में 5 जिले गरियाबंद, नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा एवं दंतेवाड़ा तथा 22 जिलों के एक-एक विकासखंड को पूर्ण जैविक बनाने की कार्ययोजना तैयार की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया -पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना में 59 करोड़ रूपए की लागत से 4 हजार 860 हेक्टेयर में ’’ड्रिप’’ तथा 23 हजार से अधिक हेक्टेयर में स्पिं्रकलर सिस्टम स्थापित किये गये हैं।
नदी-नालों के किनारे 29 हजार से अधिक सेलो ट्यूबवेल
डॉ. रमन सिंह ने कहा-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना’’ के तहत नदी, नालों के किनारे 29 हजार से अधिक सेलो ट्यूबवेल का खनन किया गया है, साथ ही 15 करोड़ रूपए की लागत से 185 चेक डेम का निर्माण किया गया है। ’किसान समृद्धि योजना’’ के तहत वर्ष 2016-17 में 5 हजार किसानों के खेतों में 14 करोड़ रूपए की लागत से नलकूप का खनन किया गया है। ’’शाकम्भरी योजना’’ में लघु सीमांत कृषकों को 8 हजार 300 कूप खोद कर दिए गए तथा 1 लाख 86 हजार से अधिक पंप दिए गए। मुख्यमंत्री ने ’रमन के गोठ’ में बताया-खरीफ क्रांति विस्तार योजना’’ में 4 लाख 76 हजार कृषकों को 108 करोड़ रूपये की लागत से बीज, फसल प्रदर्शन, एकीकृत कीटनाशक, बोरवेल, कृषि यंत्र आदि का लाभ दिया गया है। किसानों को 58 लाख रूपये से अधिक निःशुल्क खसरा एवं नक्शा की प्रतिलिपि दी गई है। प्रदेश का सिंचित रकबा 22 प्रतिशत से बढ़कर 34 प्रतिशत हो गया है। ’’अभियान लक्ष्य भागीरथी’’ के तहत 106 पुरानी तथा अपूर्ण योजनाओं को पूर्ण करने से 51 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नवीन सिंचाई क्षमता बनी है। 
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में 
खारंग, मनियारी और केलो का चयन
डॉ. रमन सिंह ने श्रोताओं को बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में जल की मांग और उपलब्धता के अंतर को कम करने के लिए जिला तथा राज्य स्तरों पर अलग-अलग सिंचाई योजना तैयार की गई है। ‘फास्ट ट्रेक’ प्रगति के लिए राज्य की 3 सिंचाई परियोजनाओं- खारंग, मनियारी और केलो का चयन किया गया है। वर्ष 2019 तक इन योजनाओं में 42 हजार 625 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता सृजित होगी। डॉ. सिंह ने कहा- देश में पहली बार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम बनाया गया है। जिसमें जलवायु, मिट्टी, स्थानीय विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए, रोड मैप तैयार किया गया है कि किस परिस्थिति में कौन सी फसल लेनी चाहिए।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
मुख्यमंत्री ने कहा-प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ शुरू करके जो क्रान्तिकारी पहल की थी, उसका भरपूर लाभ छत्तीसगढ़ के किसानों को मिल रहा है। सूखा पड़ने के अलावा खेतों पर खड़ी या खलिहान में रखी फसल को आग, पानी व अन्य तरह से सुरक्षा देने के लिए भी यह योजना एक वरदान है। ऋण लेने वाले किसानों के अलावा अऋणी किसान अर्थात् जो किसान कर्ज नहीं लेते और जिसमें भू-धारक तथा बटाईदार भी शामिल हैं, सभी को ’प्रधानमंत्री फसल बीमा’ का लाभ दिया जा रहा है। प्रदेश में धान सिंचित, धान असिंचित, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, अरहर, मूंग, उड़द, उद्यानिकी फसलों जैसे केला, पपीता, अमरूद, टमाटर, भाटा, मिर्ची, अदरक, पत्तागोभी, फूलगोभी, प्याज आदि को भी बीमा के दायरे में लाया जा चुका है। 
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: सोलह लाख से ज्यादा
 किसानों को फायदा
विगत वर्ष खरीफ तथा रबी फसल को मिलाकर राज्य में 16 लाख से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ मिला, जिसके लिए कुल 340 करोड़ रूपये की राशि प्रीमियम के रूप में सरकार द्वारा दी गई, जिसमें केन्द्र और राज्य सरकार की 50-50 प्रतिशत की भागीदारी होती है। वर्ष 2015 के सूखे में किसानों को हुए नुकसान के एवज में 650 करोड़ रूपये के बीमा दावे का भुगतान प्रभावित किसानों को किया गया।

क्रमांक-1503/स्वराज्य

23rd Episode of 'Raman Ke Goth' aired from Akashwani : State-wide plationtation programme in Chhattisgarh on July 20 : Chief Minister appeals people to participate in the programme

Target of sowing in 48 lakh hectare in kharif this year

Raipur, 9 July 2017



Chief Minister Dr Raman Singh has appealed people of state to participate in large numbers in the plantation programmes to be organized under Hariyar Chhattisgarh campaign on July 20. Chief Minister made this appeal while addressing to the listeners of the 23rd episode of monthly radio programme 'Raman Ke Goth' from Raipur centre of Akashwani. This year, state government has set the target of planting eight crore saplings in state this year, for which special campaign will be launched from July 20. We all will pledge to meet the target
Chief Minister said- on July 20, plantation programmes will be organized in all the districts, tehsils, blocks and panchayats of Chhattisgarh. District Collectors and Forest Department Officials have issued instructions for preparations of this programme. People will be provided with saplings for plantation on their own land or farm also. Saplings for fruit bearing trees are also available. Keeping in view the ongoing rainy season, Chief Minister's today's radio programme was based on agricultural schemes.
He said- this year, state government has set the target of sowing in 48 lakh hectare area of state in kharif season. This includes, sowing of paddy in 36 lakh 50 thousand hectare, lentils in four lakh hectares, oilseeds in three lakh hectare and vegetables-sugarcane etc in nearly 1.5 lakh hectares. Chief Minister informed the listeners that this year production of nearly 91 lakh 76 thousand metric tones of foog grains, lentils and vegetables etc is expected. I pray that we meet this target and good crops bring prosperity to farmers.
7.45 lakh quintals of seeds and 10.65 lakh tons of fertilizers arranged for kharif season
Dr Raman Singh said- for convenience of farmers, we have formulated suitable schemes to ensure timely availability of all they require for farming. This year, seven lakh 45 thousand quintals of seeds and 10 lakh 65 thousand metric tons of fertilizers has been made available for kharif season.
Interest-free loan facility to 11 lakh farmers of state
Earlier farmers had to take agriculture loans at interest rate of 14 per cent. The high interest rate used to make it difficult for the farmers to repay the loan and becoming defaulter thereby used to hinder their progress. We have broken this trap of loans with high interest rate. We have gradually brought down the interest rates and now we are providing interest-free short term agriculture loans to farmers, benefitting 11 lakh farmers every year. Earlier farmers in state used to avail laons of Rs 150 crore only, but now they avail interest free agriculture loans worth nearly Rs three thousand crore. This shows the great leap in farmers' economic condition in Chhattisgarh. Dr Singh said- now that farmers are availing 20 times more loans than before, their production value has also increased. He said- paddy is lifeline of Chhattisgarh, this is why we have made an excellent transparent system for paddy procurement, which is appreciated across the country.
6.22 crores metric tons of paddy procured from farmers in last 13 years
Chief Minister said- one thousand 989 procurement centres are there in Chhattisgarh, wherein 6 crore 22 lakh metric tons of paddy have been procured in last 13 years and nearly Rs 64 thousand 730 crores have been paid to farmers against the procurement. There has been significant positive change in lives of farmers due to the measures taken for reducing input cost of agriculture, good crop and excellent procurement arrangements.
First Kisaan Bazaar started in Dhamtari
First ever 'Kisaan Bazaar' of state has been established in Dhamtari, on initiative of district administration, wherein producer and customer will come together without any interference of middlemen. In this way, vegetable producers are getting good value for their crops and citizens are getting fresh vegetables at reasonable price. This 'Kisaan Bazaar' is equipped with the facilities of verification of vegetable sellers, registeration, counter allotment, weighing machine etc. Price of the vegetables is decided by a committee. Daily nearly 1.50 tons of vegetables are sold in two hours in the morning. I feel this kind of arrangement should be there in other districts too.
Chhattisgarh is the first state to provide free electricity to pumps of 5 horse power capacity
Chief Minister said- Chhattisgarh is the first state to provide free electricity supply for pumps of 5 horse power capacity. 7500 units of free electricity per pump is provided every year, due to which each beneficiary farmer gets annual benefit of Rs 31 thousand  on an average. Under this scheme, farmers belonging to SC/ST are availing benefits of Rs 50 thousand each on an average. In addition, 'Saur Sujala Yojana'- the scheme of distributing 51 thousand solar pumps in two years, has been launched for places where facilitating electricity supply through traditional ways is not possible. Under this scheme, pumps worth nearly Rs 3 lakh to 5 lakh are provided to farmers at Rs 7 thousand to 20 thousand only. 12 thousand farmers have already availed this scheme. Dr Raman Singh also informed the listeners that one 'kisaan sangwari' has been nominated in every two village and 'kisaan mitaan kendra' have been opened in every district headquarters to facilitate the benefits of the scheme to farmers of the state. He said- in kisaan mitaan kendra, farmers get all the necessary information under one roof along with the support and guidance of departments concerned.
Subsidy for drip-sprinkler
Dr Raman Singh informed in today's episode of 'Raman Ke Goth' that state government is providing subsidy of Rs 11,800 for sprinkler to small and marginal farmers and that of Rs 7800 to other farmers for the same. Likewise, subsidy of Rs 40 thousand to 60 thousand is being provided per hectare for drip. In year 2016-17, number of target beneficiaries was 29 thousand, which has been increased to one lakh in year 2017-18. Decision to avail the loan of Rs 193 crore from NABARD for micro-irrigation and provide irrigation facility on large scale has been taken.
Bonus payment to more than 12 thousand sugarcane farmers of state
Dr Raman Singh told listeners that four sugar factories have been established in the cooperative sector of the state. Sugarcane bonus at the rate of nearly Rs 33 thousand on an average has been paid to more than 12 thousand farmers of state. Organic certification campaign is being conducted in villages of six districts namely Sarguja, Surajpur, Jashpurnagar, Kondagaon, Dantewada and Korba, under traditional agriculture development scheme. In these districts, more than eight thousand farmers of 9 thousand acre area have been included. Under Organic Farming Mission, action plan to make five districts namely Gariband, Narayanpur, Bijapur, Sukma and Dantewada, and one development block in each of the remaining 22 districts completely organic, has been prepared. Chief Minister informed that under 'per drop more crop' scheme, drip has been established in 4860 hectare area and sprinkler system has been installed in more than 23 thosuand hectare area at the cost of Rs 59 crore.
More than 29 thousand cello tubewell near riverbanks
Dr Raman Singh said- under National Agriculture Scheme, more than 29 thousand cello tubewell have been dug near riverbanks, and 185 check dams have been constructed at the cost of Rs 15 crore. Under 'Kisaan Samriddhi Yojana', tubewell have been dug in farmers of five thousand farmers at the cost of Rs 14 crore in year 2016-17. Under Shakambhari Yojana, 8300 wells have been dug for small marginal farmers and more than 1 lakh 86 thousand pumps have been distributed to them. Chief Minister informed that- under kharif kranti vistar yojana, four lakh 76 thousand farmers have been provided with seeds, crops, integrated pesticides, borewell, agriculture equipments etc worth nearly Rs 108 crore. Farmers have also been provided with the free copy of land record and maps worth more than nearly Rs 58 lakh. Irrigated area in state has increased from 22 per cent to 34 per cent. Under Lakshya Bhagirathi Abhiyan, 106 old and incomplete schemes have been completed, which developed new irrigation capacity of 51 thousand hectare area.
Kharang, Maniyari and Kelo selected under Prime Minister Agriculture Irrigation Scheme
Dr Raman Singh informed the listeners that separate irrigation schemes have been chalked out at district and state levels under Prime Minister Agriculture Irrigation Scheme to minimize the gap of demand and availability of water. Three irrigation projects of state- Kharang, Maniyari and Kelo have been sleected for 'fast track' progress, told Dr Singh. Till year 2019, irrigation capacity of 42 thousand 625 hectare will be developed under these schemes. Dr Singh said- for the first time in the country, time-bound programme has been chalked out to double the income of farmers. Under this programme, a road map has been prepared keeping in view the climatic condition, soil, local speciality and which crop should be sown in what condition.
Prime Minister Crop Insurance Scheme: More than 16 lakh farmers benefitted

Chief Minister said- farmers of Chhattisgarh are being hugely benefitted by revolutionary initiative taken by Prime Minister Mr. Narendra Modi by launching Prime Minister Crop Insurance Scheme. This scheme is a boon for farmers, as it provides insurance cover for crops against damage due to fire, water and other reasons. Last year, more than 16 lakh farmers have been benefitted under the scheme, including both kharif and rabi crops, and government paid premium amount of total Rs 340 crore, in which State and Centre have 50-50 per cent share. In year 2015, insurance claim worth nearly Rs 650 crore has been done against the loss incurred by drought-affected farmers.

number-1503/Swarajya/Sana

कोड़ेबोड सिंचाई योजना के लिए 26.37 करोड़ रूपए मंजूर

 रायपुर, 09 जुलाई 2017
राज्य शासन द्वारा धमतरी जिले के कुरूद विकासखण्ड अंतर्गत कोड़ेबोड़ सूक्ष्म सिंचाई योजना के लिए 26 करोड़ 37 लाख रूपए की राशि मंजूर की गई है। इस आशय का आदेश मंत्रालय (महानदी भवन) स्थित जल संसाधन विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चंद्राकर के विशेष पहल पर यह स्वीकृति प्रदान की गई है। कोडे़बोड़ सूक्ष्म सिंचाई योजना स्वीकृत होने पर क्षेत्रवासियों में हर्ष है। ग्रामीणों ने राशि की स्वीकृति पर राज्य सरकार और पंचायत मंत्री केे प्रति आभार जताया है। 
क्रमांक-1511/ओम

रायपुर : चौपाल में सुना गया ‘रमन के गोठ’

रायपुर, 09 जुलाई 2017
 

 
राजधानी रायपुर के सिविल लाईन स्थित ‘‘चौपाल’ में आज रेडियो श्रोता संघ द्वारा आकाशवाणी से प्रसारित ‘‘रमन के गोठ’’ को उत्साह के साथ सुना गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की आय को बढ़ाकर दोगुना करने के लिए सरकार के प्रयास की सराहना की। इसके तहत चलाए जाने वाले कार्यक्रमों से किसानों की स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। उन्होंने इस वर्ष सघन वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ में आठ करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य को भी 
पर्यावरण संरक्षण और राज्य को हरा-भरा बनाने के लिए महत्वपूर्ण बताया।  इस अवसर पर रेडियो श्रोता संघ के सर्वश्री मोहन लाल देवांगन, रतन जैन, विनोद वन्डलकर, परसराम साहू, श्याम वर्मा तथा कुबेर राम सफा आदि उपस्थित थे। 
 
क्रमांक-1507 /प्रेमलाल

रायपुर : रमन के गोठ : खेती किसानी की बात सुनकर खुश हो गए चावड़ी में गांवों से आए मजदूर

रायपुर, 09 जुलाई 2017



राजधानी रायपुर के गांधी मैदान के पास चावड़ी में रोजी-मजदूरी की तलाश में गांव-गांव से आए मजदूर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के मासिक रेडियो वार्ता रमन के गोठ में खेती-किसानी की बातें सुनकर खुश हो गए। इन श्रमिकों ने रमन के गोठ सुनने के बाद चर्चा के कहा कि अषाढ़ महीने के अंतिम दिन गुरू पूर्णिमा के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री से खेती-किसानी किसानी के साथ-साथ खेतिहर मजदूरों और किसानों के लिए राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं के बारे में सुनकर अच्छा लगा। नया रायपुर के पचेड़ा निवासी करण सिंह ध्रुव ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बहुत सुग्घर ढंग से छत्तीसगढ़ की  खेती किसानी के बारे में बताया। गांवों में खेती-किसानी का काम जोर-शोर से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने खाद, बीज, बिना ब्याज के कृषि ऋण, फसल बीमा योजना, किसानों को मिल रही निःशुल्क बिजली, ड्रिप एवं स्पिं्रक्लर सिंचाई के संबंध में बहुत अच्छी जानकारी दी है। ग्राम पचेड़ा के श्री घनश्याम यादव, श्री करनलाल, श्री खेमराज सिन्हा, गुढ़ियारी के श्री योगेश मनहरे, कचना कुरूद के श्री कोमलराम, श्री हरिश कुमार, देवपुरी के श्री सूरज कुमार, श्री टिकेश्वर, बालोद के श्री दानेश्वर तथा तर्रा पाटन के श्री मनोज कुमार सहित अन्य श्रमिकों ने भी रमन के गोठ को बड़ी रूचि के साथ सुना।   
क्रमांक-1506/राजेश

‘रमन के गोठ’ : आकाशवाणी से प्रसारित विशेष कार्यक्रम (दिनांक 09 जुलाई, 2017 , समय प्रातः 10.45 से 11.05 बजे )

महिला उद्घोषक
श्रोताओं नमस्कार!
  • आकाशवाणी के विशेष प्रसारण ‘रमन के गोठ’ में हम, सभी श्रोताओं का हार्दिक स्वागत करते हैं, अभिनंदन करते हैं। कार्यक्रम की तेइसवीं कड़़ी के लिए आकाशवाणी के स्टुडियो में माननीय मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी पधार चुके हैं।
  • डॉक्टर साहब नमस्कार, कार्यक्रम में आपका हार्दिक स्वागत है।
मुख्यमंत्री जी
  • धन्यवाद। आपका और अपने रेडियो व टीवी सेट्स के सामने बैठकर मुझे सुन रहे श्रोताओं का भी।
  • जम्मो संगी-जहुंरिया, सियान-जवान, महतारी-बहिनी मन ला जय जोहार। झड़ी-बादर के दिन शुरू हो गे हे। हरियाली ले, धरती माता के सिंगार होही, अउ किसान-भाई-बहिनी मन के जीवन म उत्साह-उमंग आ जाही।
  • सावन माह में विशेष करके भगवान शंकर के पूजा-पाठ होथे। सावन-सोमवार के उपवास रखे जाथंे। कांवरियां मन, जल यात्रा करथें। जघा-जघा म सावन मेला लगही। जघा-जघा पेड़ म झूला झूले के त्यौहार हे।
  • हरियाली के तिहार, जिनगी के तिहार, बन जथे। ते पाय के जम्मो मन ल बधाई देवत हवं।
  • संगवारी हो, जतका हो सके पेड़-पौधा लगावव, अउ धरती ल हरियर बनावव। हमर सरकार ए बछर 8 करोड़ पौधा लगाए के संकल्प ले हे, जेला जम्मो-मिल जुल के पूरा करबो।
  • 20 जुलाई के तारीख ल सबला सुरता रखना हे पूरा छत्तीसगढ़ के सभी जिला में, तहसील में, ब्लॉक में, पंचायत में एखर लिये निर्देश भी जारी होये हे। कलेक्टर मन ला अउ फॉरेस्ट के अधिकारी मन ल कि 20 जुलाई के पूरा छत्तीसगढ़ म हमन ये तिहार ल एक साथ जुल-मिल के मनाबो। अउ 8 करोड़ पौधा लगाये के जेन बड़े लक्ष्य हे, ओ दिन हमन ल शुरूआत करके संकल्प ल पूरा करना हे।
  • अपन खुद के जमीन में, खेत में यदि पेड़ लगाना हे ओखरो बर पेड़ उपलब्ध हे, फलदार वृक्ष भी उपलब्ध हे। यह अभियान ल हम सब ला मिल के सफल बनाना हे।
पुरूष उद्घोषक
  • डॉक्टर साहब, आपने सावन का जिक्र किया सावन का महीना किसानों की उम्मीद का महीना होता है। किसान भाई-बहन तो बहुत बेसब्री से इस मौसम का इंतजार करते हैं। क्या यह बरसात, किसान भाइयों के लिए खुशियों की बरसात सिद्ध होगी ?
मुख्यमंत्री जी
  •  मैं इस कार्यक्रम के माध्यम से अन्नदाताओं का हार्दिक अभिनंदन करता हूं।
  • राज्य की समृद्धि और खुशहाली में हमारे किसान भाई-बहनों और उनके परिवारजनों का भरपूर योगदान रहा है। धान से लेकर दलहन-तिलहन तक, उद्यानिकी से लेकर पशुपालन-मछली पालन तक हर क्षेत्र में बड़ी-बड़ी सफलताएं मिली हैं। छत्तीसगढ़ को पांच साल में चार बार ‘राष्ट्रीय कृषि कर्मण’ पुरस्कार भी मिला हैं।
  •  इस साल अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे इस वर्ष धान उत्पादन का नया कीर्तिमान बनाने की उम्मीद हम करते हैं।
  • खरीफ 2017 में 48 लाख हेक्टेयर रकबे में बोनी का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 36 लाख 50 हजार हेक्टेयर में धान बोया जाएगा।
  •  4 लाख हेक्टेयर में दलहन, 3 लाख हेक्टेयर में तिलहन और लगभग डेढ़ लाख हेक्टेयर में साग-सब्जी, गन्ना आदि फसलें लगाई जाएंगी।
  • इस वर्ष अनाज, दलहन, तिलहन, साग-सब्जी मिलाकर 91 लाख 76 हजार मीट्रिक टन फसल उत्पादन का अनुमान है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि यह लक्ष्य पूरा हो और अच्छी फसल से किसानों के घर में खुशियों की बरसात हो।

महिला उद्घोषक
  • माननीय मुख्यमंत्री जी, एक समय था, जब किसानों को यह चिंता करनी पड़ती थी, कि बीज कहां से आएगा, खाद कैसे मिलेगी, दवा कैसे मिलेगी, बिजली कैसे मिलेगी ? आपने ऐसी कौन सी व्यवस्थाएं की हैं, जिससे कि किसान भाई-बहन निश्ंिचत होकर अपना पूरा समय और श्रम खेती के काम में लगा सके।
मुख्यमंत्री जी
  •  हमने किसानों की सुविधा के लिए योजनाओं का ऐसा ताना-बाना बुना है, कि किसानों को हर चीज, सही समय पर, बिना किसी दिक्कत के मिल सके।
  • 7 लाख 45 हजार क्विंटल बीजों का तथा 10 लाख 65 हजार मीट्रिक टन खाद का इंतजाम भी किया गया है।
  •  किसानों को पहले 14 प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण लेना पड़ता था, जो ऊंची दर होने के कारण, किसान ब्याज पटाने के चक्कर में परेशान रहते थे और डिफाल्टर होने से उनकी प्रगति रूक जाती थी। महंगे कर्ज के दुष्चक्र को हमने तोड़ दिया है।
  • हमने लगातार ब्याज दर कम की और लगभग पांच साल से बिना ब्याज के अल्पकालिक कृषि ऋण दे रहे हैं, जिसका लाभ हर साल 11 लाख किसानों को मिलता है।
  • आप लोगों को बताना चाहता हूं कि छत्तीसगढ़, देश का पहला राज्य बनाया गया, जिसने किसानों को ब्याज मुक्त ऋण देने की व्यवस्था की थी।
  • राज्य में किसान पहले सिर्फ 150 करोड़ रूपए का ऋण ही लेते थे, लेकिन ब्याज मुक्त ऋण मिलने के बाद धीरे-धीरे परिवर्तन आया आज 3 हजार करोड़ रूपए से अधिक कृषि ऋण किसान उठा रहे हैं।
  •  इससे पता चलता है कि छत्तीसगढ़ में किसानों की अर्थ-व्यवस्था ने कितनी ऊंची छलांग लगाई है। 20 गुना अधिक ऋण लेने से उनके उत्पादन का मूल्य भी कई गुना अधिक बढ़ा है।
  •  धान छत्तीसगढ़ की जान है। इसलिए हमने धान खरीदी की शानदार और पारदर्शी व्यवस्था की है, हमारी ’’किसान हितकारी व्यवस्था’’ की तारीफ पूरे देश में हो रही है।
  • 1 हजार 989 उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की व्यवस्था है।
  • विगत 13 वर्षों में 6 करोड़ 22 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और किसानों को करीब 64 हजार 730 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया।
  •  कृषि लागत कम करने के उपाय, अच्छी फसल, खरीदी की शानदार व्यवस्था आदि के कारण किसानों में समृद्धि बढ़ी है। इसलिए मैं कहता हूं कि किसानों की जिंदगी में सुखद बदलाव आया है।
  •  धमतरी में प्रदेश का पहला ‘किसान-बाजार’ शुरू किया गया है। जिला प्रशासन की पहल पर ऐसी व्यवस्था की गई है, जिसमें उत्पादक और ग्राहक को नजदीक लाया गया है और मध्यस्थ को हटा दिया गया है। इस तरह सब्जी उत्पादक किसानों को अपनी उपज का अच्छा दाम मिल रहा है और नागरिकों को सस्ती और ताजी सब्जी मिल रही है।
  •  ‘किसान-बाजार’ में सब्जी उत्पादकों के सत्यापन, पंजीयन, काउंटर आवंटन, तौल-मशीन आदि की व्यवस्था की गई है। सब्जी की दर एक समिति तय करती है। यहां रोज लगभग डेढ़ टन सब्जी सुबह दो घण्टे में बिक जाती है।
  •  मैं चाहता हूं कि ऐसी व्यवस्था अन्य जिलों में भी हो।
पुरूष उद्घोषक
  •  माननीय मुख्यमंत्री जी, ऐसी कौन सी प्रमुख योजनाएं हैं, जो किसानों की जिंदगी में बड़े बदलाव ला रही हैं ?
मुख्यमंत्री जी
  • छत्तीसगढ़ पहला राज्य है, जिसने 5 एच.पी. के पम्पों तक निःशुल्क विद्युत प्रदाय की सुविधा दी है।
  • प्रति पम्प 7 हजार 5 सौ यूनिट तक निःशुल्क बिजली देने से प्रति किसानों को औसतन 31 हजार रुपये का वार्षिक लाभ मिल रहा है।
  • अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों को प्रति किसान औसतन 50 हजार रुपये का लाभ इस योजना से मिल रहा है।
  • इतना ही नहीं, जहां परंपरागत बिजली देना संभव नहीं, वहां ‘‘सौर सुजला योजना’’ के माध्यम से दो वर्षों में 51 हजार सोलर पम्प देने की योजना शुरू की गई है।
  • इस योजना में 3 लाख से 5 लाख रूपये मूल्य का पम्प किसानों को केवल 7 हजार से 20 हजार रूपये तक में दिया जा रहा है। 12 हजार किसानों को इस योजना का लाभ मिल चुका है।
  •  लघु एवं सीमांत किसानों को स्प्रिंकलर के लिये 11 हजार 800 रूपए तथा अन्य किसानों को 7 हजार 800 रूपए का अनुदान दिया जा रहा है। इसी तरह ’’ड्रिप’’ के लिये भी 40 हजार से 60 हजार रूपए प्रति हेक्टेयर तक अनुदान दिया जा रहा है।
  •  वर्ष 2016-17 में लक्षित 29 हजार हितग्राहियों की संख्या वित्तीय वर्ष 2017-18 में बढ़ाकर 1 लाख से अधिक की गई है।
  • माइक्रो-एरीगेशन के लिए नाबार्ड से 193 करोड़ रूपये  का ऋण लेकर बड़े पैमाने पर सिंचाई सुविधा देने का निर्णय लिया गया है।
  • प्रदेश में सहकारी क्षेत्र में 4 शक्कर कारखाने स्थापित किए गए हैं।     12 हजार से अधिक किसानों को लगभग 33 हजार रूपये औसत की दर से गन्ना बोनस का भुगतान किया गया है।
  • परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत छह जिलों सरगुजा, सूरजपुर, जशपुर नगर, कोण्डागांव, दंतेवाड़ा और कोरबा के गांवों में जैविक प्रमाणीकरण का अभियान चलाया जा रहा है। 9 हजार एकड़ क्षेत्र के    8 हजार से अधिक कृषकों को इसमें शामिल किया गया है।
  • जैविक खेती मिशन में 5 जिले गरियाबंद, नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा एवं दंतेवाड़ा तथा 22 जिलों के एक-एक विकासखंड को पूर्ण जैविक बनाने की कार्ययोजना तैयार की गई है।
  • ’पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना में 59 करोड़ रूपए की लागत से 4 हजार 860 हेक्टेयर में ’’ड्रिप’’ तथा 23 हजार से अधिक हेक्टेयर में स्पिं्रकलर सिस्टम स्थापित किये गये हैं।
  • ’’राष्ट्रीय कृषि विकास योजना’’ के तहत नदी, नालों के किनारे 29 हजार से अधिक सेलो ट्यूबवेल का खनन किया गया है, साथ ही 15 करोड़ रूपए की लागत से 185 चेक डेम का निर्माण किया गया है।
  • ’’किसान समृद्धि योजना’’ के तहत वर्ष 2016-17 में 5 हजार किसानों के खेतों में 14 करोड़ रूपए की लागत से नलकूप का खनन किया गया है।
  • ’’शाकम्भरी योजना’’ में लघु सीमांत कृषकों को 8 हजार 300 कूप खोद कर दिए गए तथा 1 लाख 86 हजार से अधिक पंप दिए गए।
  • ’’खरीफ क्रांति विस्तार योजना’’ में 4 लाख 76 हजार कृषकों को 108 करोड़ रूपये की लागत से बीज, फसल प्रदर्शन, एकीकृत कीटनाशक, बोरवेल, कृषि यंत्र आदि का लाभ दिया गया है।
  • किसानों को 58 लाख रूपये से अधिक निःशुल्क खसरा एवं नक्शा की प्रतिलिपि दी गई है।
  •  प्रदेश का सिंचित रकबा 22 प्रतिशत से बढ़कर 34 प्रतिशत हो गया है।
  • ’’अभियान लक्ष्य भागीरथी’’ के तहत 106 पुरानी तथा अपूर्ण योजनाओं को पूर्ण करने से 51 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नवीन सिंचाई क्षमता बनी है।
  • ’’प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’’ में जल की मांग और उपलब्धता के अंतर को कम करने के लिए जिला तथा राज्य स्तरों पर अलग-अलग सिंचाई योजना तैयार की गई है।‘फास्ट ट्रेक’ प्रगति के लिए राज्य की 3 सिंचाई परियोजनाओं- खारंग, मनियारी और केलो का चयन किया गया है। वर्ष 2019 तक इन योजनाओं में 42 हजार 625 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता सृजित होगी।

महिला उद्घोषक
  • माननीय मुख्यमंत्री जी, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ’किसानों की आय वर्ष 2022 तक दोगुनी’ करने का लक्ष्य रखा है। इसी तरह ’प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ को भी किसानों की सुरक्षा की दृष्टि से एक क्रांति माना गया था। इन दोनों योजनाओं को लेकर राज्य सरकार द्वारा क्या कदम उठाए गए हैं ?
मुख्यमंत्री जी
  •  देश में पहली बार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम बनाया गया है। जिसमें जलवायु, मिट्टी, स्थानीय विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए, रोड मैप तैयार किया गया है कि किस परिस्थिति में कौन सी फसल लेनी चाहिए।
  • माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ शुरू करके जो क्रान्तिकारी पहल की थी, उसका भरपूर लाभ छत्तीसगढ़ के किसानों को मिल रहा है। सूखा पड़ने के अलावा खेतों पर खड़ी या खलिहान में रखी फसल को आग, पानी व अन्य तरह से सुरक्षा देने के लिए भी यह योजना एक वरदान है।
  •  ऋण लेने वाले किसानों के अलावा अऋणी किसान अर्थात् जो किसान कर्ज नहीं लेते और जिसमें भू-धारक तथा बटाईदार भी शामिल हैं, सभी को ’प्रधानमंत्री फसल बीमा’ का लाभ दिया जा रहा है।
  • रदेश में धान सिंचित, धान असिंचित, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, अरहर, मूंग, उड़द, उद्यानिकी फसलों जैसे केला, पपीता, अमरूद, टमाटर, भाटा, मिर्ची, अदरक, पत्तागोभी, फूलगोभी, प्याज आदि को भी बीमा के दायरे में लाया जा चुका है।
  • विगत वर्ष खरीफ तथा रबी फसल को मिलाकर राज्य में 16 लाख से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ मिला, जिसके लिए कुल 340 करोड़ रूपये की राशि प्रीमियम के रूप में सरकार द्वारा दी गई, जिसमें केन्द्र और राज्य सरकार की 50-50 प्रतिशत की भागीदारी होती है।
  • वर्ष 2015 के सूखे में किसानों को हुए नुकसान के एवज में 650 करोड़ रूपये के बीमा दावे का भुगतान प्रभावित किसानों को किया गया।
  • इसलिए मैं किसान भाइयों से अपील करता हूं कि ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ में भागीदार बनिये और अपनी फसल की सुरक्षा कराइये।
पुरूष उद्घोषक
  • डॉ. साहब, राज्य में किसानों की मदद के लिए अनेक संस्थाएं संचालित की जा रही हैं। हाल ही में आपने ‘किसान-मितान केन्द्र’ खोलने की घोषणा की है। इससे किसानों को क्या लाभ होगा?
मुख्यमंत्री जी
  •  हमने ऐसी अनेक संस्थाएं शुरू की हैं, जो किसानों की हर जरूरत में काम आएं और किसान किसी भी परिस्थिति में अपने आपको अकेला महसूस न करें, उसे भौतिक और मनोवैज्ञानिक दोनों तरीकों से यह लगे कि पूरी सरकार और व्यवस्था उनके साथ खड़ी है।
  • इसलिए हमने एक कृषि विश्वविद्यालय होने के बावजूद, कामधेनु विश्वविद्यालय की स्थापना की, जो पशुपालन में किसानों का मार्गदर्शन करें और उसके अनुरूप शिक्षा का प्रसार करे।
  • अब राज्य में 2 विश्वविद्यालय, 31 कृषि महाविद्यालय, 20 कृषि विज्ञान केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं।
  • राज्य में ’’कृषि प्रशिक्षण अकादमी’’ की स्थापना की गई है।
  • 92 विकासखंडों में शहीद वीरनारायण सिंह बहुउद्देशीय कृषक सेवा केन्द्र और 360 कृषक सूचना केन्द्र स्थापित किए गए हैं।
  • किसानों को मिट्टी की जांच की सुविधा देने के लिए 26 स्थायी तथा 174 ’’मिनी मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला’’ की स्थापना की गई है।
  • ’स्वायल हेल्थ कार्ड वितरण’ का भी एक कीर्तिमान बनाया गया है। लक्ष्य से 112 प्रतिशत अधिक अर्थात 43 लाख 38 हजार कार्ड बांटे जा चुके हैं।
  •  उर्वरक/पौध संरक्षण/औषधि/बायोफर्टिलाइजर/जैविक खाद/कृषि यंत्र आदि के परीक्षण और गुण नियंत्रण से संबंधित प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं।  
  •  बिलासपुर, जगदलपुर एवं अंबिकापुर में ’’नवीन बीज परीक्षण प्रयोगशाला’’  की स्थापना की गई है।
  • प्रत्येक दो गांवों के बीच एक ‘किसान संगवारी’ नामांकित किया गया है। विकासखंड और जिलास्तर पर किसान संगवारियों के सम्मेलन आयोजित करने के निर्देश संभागीय आयुक्त और जिला कलेक्टरों को दिए गए हैं, ताकि हर स्तर पर अपने गांव-घर के निकट किसानों को तत्काल सही सलाह मिल सके।
  • इसी कड़ी में हर जिला मुख्यालय में ‘किसान-मितान केन्द्र’ खोलने का निर्णय लिया गया है ताकि किसानों को एक छत के नीचे उनके लिए जरूरी सारी जानकारी मिल सके। सभी विभागों का मार्गदर्शन और सहयोग मिल सके।
  • इस केन्द्र में राजस्व, कृषि, सहकारिता, ग्रामीण विकास, ऊर्जा, जल संसाधन विभाग, सहकारी बैंक आदि अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। यहां दूरभाष की सुविधा भी दी जाएगी ताकि किसान भाई प्रत्यक्ष रूप से आकर चर्चा कर सकें और यदि वे स्वयं नहीं आ पा रहे हों तो फोन से बात करके समस्या का समाधान कर सकें।
  • राष्ट्रीय स्तर पर ‘ई-नाम’ अर्थात ’’इलेक्ट्रॉनिक राष्ट्रीय कृषि बाजार’’ की व्यवस्था से छत्तीसगढ़ की 14 मंडियों को जोड़ दिया गया है। इससे हमारे गांव गांव में रहने वाले किसान भाइयों को देश की विभिन्न मंडियों में चल रहे, भाव का पता रहता हैं। इससे किसानों को अपनी फसल को सही दाम पर बेचने में मदद मिल रही है।
महिला उद्घोषक
  • डॉ. साहब, एक जुलाई 2017 का दिन, भारत के आर्थिक इतिहास में एक नए अध्याय के रूप में दर्ज हुआ है। ’जी.एस.टी.’ की शुरूआत के साथ देश में अप्रत्यक्ष कर की जो नई प्रणाली का श्रीगणेश हुआ है, उसके सम्बन्ध में छत्तीसगढ़ की क्या तैयारी है और आप इसे किस रूप में देखते हैं?
मुख्यमंत्री जी
  • पहले दुकानदार को अलग-अलग तरह के काम-धंधे में 16 तरह के करों का भुगतान करना पड़ता था, जिसे हटाकर अब सिर्फ एक, जी.एस.टी. का भुगतान करना होगा, जिसके लिए ऑन लाइन व्यवस्था की जा रही है।
  • व्यापारियों को अलग-अलग तरह के कर पटाने और उन सबका हिसाब-किताब रखने के लिए काफी समय देने के कारण, उन्हें बंधन महसूस होती थी, अब इससे राहत मिलेगी।
  •  इसलिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने नई कर प्रणाली को ’’आर्थिक आजादी’’ का नाम दिया है। उन्होंने ’जीएसटी’ को ‘गुड एण्ड सिम्पल टैक्स’ कहा है, जिसका मतलब होता है, ‘अच्छा और सरल कर’।
  • इस तरह से आजादी के बाद लगातार देश में जो करांे का मकड़जाल बिछ गया था, उसे समाप्त कर दिया गया है।
  • यह अर्थ-व्यवस्था को मजबूत बनाने का शंखनाद है। भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने का श्रीगणेश है।
  • ’जीएसटी’ से व्यापारी-व्यवसाइयों को सुविधा होगी साथ ही आम जनता, विशेषकर गरीबों को भी बहुत लाभ होगा।
  • कृषि और घरेलू उपयोग की ज्यादातर वस्तुओं को ’जीएसटी’ से मुक्त रखा गया है।
  •  आम जरूरतों के 80 प्रतिशत सामानों पर मात्र 5 से 18 प्रतिशत के बीच ’जीएसटी’ लगाया गया है। उच्च वर्ग के उपयोग की चीजों पर भी  28 प्रतिशत की दर से ’जीएसटी’ लगाया गया है, जिसकी संख्या भी कम है।
  • छत्तीसगढ़ में तत्काल प्रभाव से हमने ’आरटीओ ’के 16 नाके समाप्त कर दिए हैं, जिससे ’जीएसटी’ की भावना के अनुरूप निर्बाध परिवहन हो सके। ऐसे अनेक लाभ भविष्य में देखने को मिलेंगे।
  • इस तरह ’जीएसटी’ का हम स्वागत सबको मिलकर करना चाहिए।
  • मैं विश्वास दिलाता हूं कि ’जीएसटी’ गांव, गरीब और किसान के हित में है।
पुरूष उद्घोषक
  • श्रोताओं! आपकी प्रतिक्रियाएं हमें आपके पत्र, सोशल मीडिया- फेसबुक, ट्विटर के साथ SMS भी बड़ी संख्या में मिल रही हैं। इसके लिए आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद।
  • आगे भी आप अपने मोबाइल के मेसेज बॉक्स में RKG के बाद स्पेस लेकर अपने विचार लिखकर 7668-500-500 नम्बर पर भेजते रहिए और संदेश के अंत में अपना नाम और पता लिखना ना भूलें।
मुख्यमंत्री जी
  •  मुझे खुशी है कि इस बार बहुत से पत्र और संदेश पौधारोपण को लेकर हैं। मोहन निषाद, विक्रम क्षत्रिय, राधेश्याम साहू आदि ने सलाह दिया है कि वृक्षारोपण की राशि का सदुपयोग होना चाहिए।
  • डिसेन्ट देवांगन ने पीपल का पेड़ लगाने, आरती कांकरिया ने नीम का पेड़ लगाने, निर्मल अवस्थी ने औषधि पौधे लगाने का सुझाव दिया है।
  • लक्ष्मी प्रधान, अरविंद कुमार सिंह, सोनू विश्वकर्मा, नरेश वर्मा, सतीश मिश्रा, माधुरी सिंह, बाबर शेख, विपिन सिंह चंदेल, सुधीर वैश्य आदि ने हरियर छत्तीसगढ़ की सराहना की है और इससे जुड़ने की अपील की है।
  • कमलेश वानखड़े ने तो मुझे ‘पेड़ के जैसे उम्र मिलने की भी शुभकामनाएं’ दी है।
  • आपके सुझाओं से मुझे प्रेरणा मिलती है। आप सभी को धन्यवाद।
  •  इस माह 6 जुलाई को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का जन्म दिवस  मनाया गया। 19 जुलाई को डॉ. खूबचंद बघेल का तथा 23 जुलाई को अमर शहीद, चन्द्रशेखर आजाद का जन्म दिन है। मैं इन महान विभूतियों को नमन करता हूं, उनका व्यक्तित्व और उनका कृतित्व हमारे लिए प्रेरणा का स्त्रोत है।

महिला उद्घोषक
  • और श्रोताओं, अब बारी है ‘क्विज’ की।
  • चौदहवें ‘क्विज’ का प्रश्न था-
  •  पहला ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ कब मनाया गया ?
  • जिसका सही जवाब है- (A) सन् 2015
  • सबसे जल्दी जिन पांच श्रोताओं ने सही जवाब भेजे हैं, उनके नाम हैं-
1.   श्री कुलेश्वर सिंह ठाकुर, भिलौनी, जिला बेमेतरा
2.  श्री जीवन लाल रजक, लक्षणपुर, जिला बलौदाबजार
3.   श्री सत्येन्द्र साहू, तेलीबांधा, रायपुर
4.   श्री ऋषभ चौहान, दोन्दे खुर्द जिला रायपुर
5.   श्री तेजेन्द्र कुमार साहू, रत्नाबांधा, धमतरी

पुरूष उद्घोषक
  •  और श्रोताओं अब समय है पन्द्रहवें क्विज का, सवाल है-
  •  14 अगस्त 2017 को डॉ. रमन सिंह जी, मुख्यमंत्री के रूप में कितने दिन पूरे कर रहे हैं-
  •  इसका सही जवाब   (A) 4500 दिन
                                          (B)  5000 दिन
  • इनमें से कोई एक है।
  • अपना जवाब देने के लिए, अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में फ। लिखें और स्पेस देकर । या ठ जो भी आपको सही लगे, वह एक अक्षर लिखकर 7668-500-500 नम्बर पर भेज दें। साथ में अपना नाम और पता अवश्य लिखें।
  • आप सब ‘रमन के गोठ’ सुनते रहिए और अपनी प्रतिक्रियाआंे से हमें अवगत कराते रहिए। इसी के साथ आज के अंक का हम यहीं समापन करते हैं। अगले अंक में 13 अगस्त को होगी आपसे फिर मुलाकात। तब-तक के लिए दीजिए हमें इजाजत। नमस्कार।
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Saturday, 8 July 2017

कैप्शन : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से आज यहां उनके निवास कार्यालय में राजधानी रायपुर के वरिष्ठ पत्रकारों ने सौजन्य मुलाकात की

रायपुर, 08 जुलाई 2017

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से आज यहां उनके निवास कार्यालय में राजधानी रायपुर के वरिष्ठ पत्रकारों ने सौजन्य मुलाकात की। इनमें सर्वश्री जयशंकर शर्मा ’नीरव’, एम. जोसेफ, आसिफ इकबाल, भरत अग्रवाल और कौशल शर्मा शामिल थे।

मुख्यमंत्री ने किया तीन पुस्तकों का विमोचन

 रायपुर, 08 जुलाई 2017

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज शाम यहां अपने निवास परिसर में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जे.आर. सोनी की तीन पुस्तकों का विमोचन किया। इनमें उपन्यास ’कांछन’, कविता संग्रह ’पलाश खिला है’ और यात्रा संस्मरण ’पिरामिड के देश मिस्त्र’ शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन पुस्तकों के प्रकाशन पर साहित्यकार डॉ. सोनी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने डॉ. सोनी की पुस्तकों की विषय वस्तु को अत्यंत सहज, सरल और सुरूचिपूर्ण बताया। उनके कविता संग्रह ’पलाश खिला है’ के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और विशेष रूप से आदिवासी बहुल बस्तर अंचल की संस्कृति का जीवंत चित्रण किया गया है। इसी तरह ’पिरामिड के देश मिस्त्र’ नामक पुस्तक में उन्होंने मिस्त्र की यात्रा और वहां की सांस्कृतिक विशेषताओं पर प्रकाश डाला है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पाठक, छत्तीसगढ़ विद्यामंडलम के पूर्व अध्यक्ष डॉ. गणेश कौशिक, प्रदेश के वरिष्ठ इतिहासकार डॉ. रमेन्द्र नाथ मिश्रा, छत्तीसगढ़ राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के अध्यक्ष श्री गिरीश पंकज, वरिष्ठ लेखक और पूर्व राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुशील त्रिवेदी, केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय के तकनीकी शब्दावली आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. केशरीलाल वर्मा सहित कई प्रबुद्धजन उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन डॉ. सुधीर शर्मा ने किया।
क्रमांक-1502/प्रेमलाल

आज मनाई जाएगी गुरू पूर्णिमा : मुख्यमंत्री ने जनता को दी गुरू पूर्णिमा की बधाई

रायपुर, 08 जुलाई 2017
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जनता को आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा के दिन कल 09 जुलाई को गुरू पूर्णिमा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। डॉ. सिंह ने गुरूपूर्णिमा की पूर्व संध्या पर आज यहां जारी शुभकामना संदेश में कहा है कि हमारी भारतीय संस्कृति में गुरू अथवा शिक्षकों का हमेशा से सम्मानजनक स्थान रहा है। मनुष्य को अज्ञानता के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने वाले व्यक्ति को ही हमारी प्राचीन और गौरवशाली संस्कृति में गुरू के रूप में आदर और सम्मान दिया जाता है। डॉ. रमन सिंह ने कहा-प्राचीनकाल में भारत को विश्व गुरू का सम्मानजनक स्थान हमारे देश के तपस्वी शिक्षकों और ऋषि-महर्षियों के योगदान से प्राप्त हुआ था। आज भी देश के शिक्षक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को समझकर भारत को एक बार फिर विश्व गुरू के रूप में नई पहचान दिला सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा-महाभारत, श्रीमद भागवत और 18 पुरानों तथा 108 उपनिषदों के रचनाकार महर्षि वेदब्यास की जयंती पर गुरूपूर्णिमा का यह गौरवशाली पर्व गुरूओं के सम्मान प्रकट करने का एक पवित्र अवसर है। डॉ. रमन सिंह ने इस मौके पर समाज और राष्ट्र के निर्माण में शिक्षकों की गंभीर निर्णायक भूमिका का उल्लेख किया है और उनके प्रति अपनी शुभेच्छा प्रकट की है। 
क्रमांक-1500/स्वराज्य

केन्द्रीय वित्त मंत्री का दौरा कार्यक्रम

रायपुर, 08 जुलाई 2017
 केन्द्रीय वित्त एवं रक्षा मंत्री श्री अरूण जेटली रविवार 09 जुलाई को रायपुर आएंगे। श्री जेटली सवेरे 9 बजे वायुयान द्वारा नई दिल्ली से प्रस्थान कर 10.30 बजे रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पहुंचेंगे और 11 बजे से मुख्यमंत्री निवास पर श्री रामनाथ कोविंद के साथ विधायकों और सांसदों की बैठक लेंगे। श्री जेटली दोपहर 1.50 बजे मुख्यमंत्री निवास से प्रस्थान कर दो बजे होटल बेबीलोन इंटरनेशनल एयरपोर्ट रोड पहुंचेंगे और वहां जीएसटी पर आयोजित कार्यशाला में शामिल होंगे। केन्द्रीय वित्त मंत्री अपरान्ह 3.05 बजे होटल बेबीलोन से प्रस्थान कर 3.20 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पहुंचेंगे और 3.30 बजे रायपुर से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।  
क्रमांक-1499/कुशराम

जीएसटी पर आज रायपुर में एक दिवसीय कार्यशाला : केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री जेटली होंगे मुख्य अतिथि : मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होगा कार्यक्रम

रायपुर, 08 जुलाई 2017
 केन्द्रीय वित्त और रक्षा मंत्री श्री अरूण जेटली कल रविवार 09 जुलाई को यहां जीएसटी पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह करेंगे। प्रदेश के वाणिज्यिक-कर मंत्री श्री अमर अग्रवाल इसमें विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राज्य सरकार के वाणिज्यिक-कर-जीएसटी विभाग द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन माना विमानतल मार्ग स्थित होटल बेबीलोन इंटरनेशनल में किया जा रहा है। कार्यशाला में सवेरे 10.30 से 12.30 बजे तक जीएसटी के महत्वपूर्ण विषयों जैसे पंजीयन, कम्पोजिशन, ट्रांजिशन, इनवाईस तथा सर्विस टैक्स के बारे में प्रस्तुतिकरण, सामूहिक चर्चा और प्रश्नोत्तर का सत्र होगा। दोपहर लंच के बाद 1.45 बजे केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री जेटली और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का स्वागत होगा। प्रदेश के वाणिज्यिक-कर मंत्री श्री अमर अग्रवाल दोपहर 1.50 बजे और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह दोपहर दो बजे अपना उदबोधन देंगे। केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली दोपहर 2.20 बजे से तीन बजे तक कार्यशाला को सम्बोधित करेंगे।
क्रमांक-1498/स्वराज्य

पर्यटन को बढ़ावा देने सभी प्रयास जारी: श्री दयाल दास बघेल : पर्यटन मंत्री ने बाईक चलाकर बढा़या युवाओं का उत्साह

रायपुर, 08 जुलाई 2017

पर्यटन मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने कहा है कि राज्य में पर्यटन की असीम संभावनाएं है। शासन द्वारा सभी के सहयोग से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। श्री बघेल ने आज यहां मंहत घासीदास संग्रहालय परिसर में छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के सूचना केन्द्र से बाईक रैली शुरू होने से पहले कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि राज्य के चार जलाशयों- गंगरेल बांध, कोडार बांध, समोदा बैराज और हसदेव बांगो बांध में वाटर स्पोट्स और साहसिक खेल गतिविधियां बढ़ाई जा रही है। श्री बघेल ने इस अवसर पर कहा कि राज्य में युवाओं को एडवेंचर पर्यटन के क्षेत्र में युवाओं को आकर्षित करने के लिए रायपुर से सरोदा दादर (चिल्फी घाटी) व्हाया रानीधारा तक बुलेट बाईक रैली का आयोजन किया गया है। इसका आयोजन छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल द्वारा सिक्सथ गियर राइडर क्लब रायपुर के सहयोग से किया गया है। इस बाईक रैली में 45 युवा भाग ले रहे है।
    छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के उपाध्यक्ष श्री केदार नाथ गुप्ता ने झण्डी दिखा कर बाईक रैली का शुभारंभ किया। पर्यटन मंत्री श्री बघेल ने युवाओं केे साथ स्वयं बाईक चलाकर उनका उत्साह बढ़ाया। श्री बघेल ने घासीदास संग्रहालय परिसर से शंकर नगर अंवती बाई चौक तक बाईक चालायी और यहां से रैली को सरोदा दादर चिल्फी घाटी के लिए रवाना किया। रैली के शुभारंभ स्थल पर पर्यटन मण्डल के सदस्य श्री मोहन उपारकर, श्री प्रताप पारख, मण्डल के प्रबंध संचालक श्री एम.टी. नंदी सहित मण्डल के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
क्रमांक-1497/चौधरी

नवगांव जलाशय योजना के लिए 24.28 करोड़ रूपए मंजूर

रायपुर, 08 जुलाई 2017
राज्य शासन द्वारा राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ विकासखण्ड में नवगांव जलाशय योजना के शीर्ष कार्य, मुख्य नहर, शाखा नहरों की मरम्मत और लाईनिंग कार्य के लिए 24 करोड़ 28 लाख रूपए मंजूर किए गए हैं। मरम्मत और लाईनिंग के बाद इस योजना से 268 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा मिलेगी और इसका पूर्ण रूपांकित क्षेत्र 1582 हेक्टेयर क्षेत्र हो जाएगा। जल संसाधन विभाग ने इसकी प्रशासकीय स्वीकृति का आदेश यहां मंत्रालय (महानदी भवन) से जारी कर दिया है। 
क्रमांक-1495/काशी

राजाढार जलाशय और भोरमदेव सकरी फीडर नहर विस्तार के लिए 7.65 करोड़ रूपए स्वीकृत

रायपुर, 08 जुलाई 2017
राज्य शासन द्वारा कबीरधाम जिले के बोड़ला  विकासखण्ड में राजाढार जलाशय और भोरमदेव सकरी फीडर नहर विस्तार के लिए सात करोड़ 65 लाख रूपए से अधिक राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें जलाशय निर्माण के लिए चार करोड़ 38 लाख 60 हजार रूपए और नहर विस्तार के लिए तीन करोड़ 26 लाख 81 हजार रूपए शामिल है। जल संसाधन विभाग ने इस आशय के आदेश यहां मंत्रालय से जारी कर दिया है। जलाशय निर्माण से 150 हेक्टेयर क्षेत्र में और नहर विस्तार से 770 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ मौसम में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। 
क्रमांक-1496/काशी

कृषि वैज्ञानिकों ने दी किसानों को सलाह

रायपुर, 08 जुलाई 2017
कृषि वैज्ञानिकों ने धान की थरहा नर्सरी में खरपतवार नियंत्रण के लिए जरूरी सुझाव दिए हैं। उन्होंने आज यहां जारी विशेष कृषि बुलेटिन में कहा है कि थरहा धान में अक्सर सकरी पत्ते और चौड़ी पत्ते वाले खरपतवार उगते हैं। इन खरपतवारों के नियंत्रण के लिए थरहा डालने के तीन से सात दिन के भीतर ब्यूटाक्लोर तीन लीटर दवा और 500 लीटर पानी मिलाकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करना चाहिए।
    कृषि वैज्ञानिकों ने कहा है कि हल्की जमीनों में 100 से 115 दिनों में पकने वाली किस्में-दंतेश्वरी, पूर्णिमा, इंदिरा, बारानी धान-1, अनंदा, समलेश्वरी, एमटीयू-1010 और आईआर-36 की बोआई करनी चाहिए। यदि किसानों के पास इन किस्मों के प्रमाणित बीज उपलब्ध नहीं है, तो वे अपने पास उपलब्ध इन किस्मों के बीजों को 17 प्रतिशत नमक के घोल एवं बाविस्टीन से उपचार कर बोनी कर सकते हैं। कतार बोनी धान में बोआई के तीन दिन के अंदर अंकुरण के पूर्व निंदा नाशक पेंडीमेथेलिन 1.25 लीटर तथा 500 लीटर पानी का घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर खेत में छिड़काव करने की सलाह दी गई। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को शीघ्र एवं मध्यम अवधि की धान किस्मों की कतार बोनी करने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा है कि इन किस्मों की कतार बोनी करने से बियासी की जरूरत नहीं पड़ती और धान 10 से 15 दिन पहले पक जाता है।
    कृषि वैज्ञानिकों ने बताया है कि सोयाबीन में खरपतवार नियंत्रण के लिए बीजों के अंकुरण के पहले क्यूजोलाफाप-पी-एथिल, इमेजाथाइपर या पेन्डीमेथिलिन या मैट्रीबुजिन का छिड़काव अनुशंसित मात्रा में किया जाना चाहिए। उकठा बीमारी से ग्रसित क्षेत्रों में अरहर के साथ ज्वार की मिलवा खेती करने से अरहर में उकठा का रोग कम लगता है। 
क्रमांक-1494/राजेश

हमर छत्तीसगढ़ योजना : जनता की सेवा ही जनप्रतिनिधि का धर्म – श्री तोखन साहू : संसदीय सचिव श्री साहू मिले पंचायत प्रतिनिधियों से

रायपुर. 08 जुलाई 2017

 कृषि एवं जल संसाधन विभाग के संसदीय सचिव तथा लोरमी के विधायक श्री तोखन साहू ने यहां हमर छत्तीसगढ़ योजना में अध्ययन भ्रमण पर आए मुंगेली जिले के पंचायत प्रतिनिधियों से मुलाकात की। मुंगेली जिले की विभिन्न पंचायतों से लगभग 150 पंच-सरपंच दो दिनों के अध्ययन भ्रमण पर रायपुर आए हुए हैं। संसदीय सचिव श्री साहू ने योजना के आवासीय परिसर नया रायपुर के उपरवारा स्थित होटल प्रबंधन संस्थान में उनसे मुलाकात की और संबोधित किया।

अपने संबोधन में श्री साहू ने कहा कि आगामी दो दिनों में आप लोगों को छत्तीसगढ़ का विकास एवं उपलब्धियां देखने का मौका मिलेगा। जनप्रतिनिधि जनता के विश्वास से ही आगे बढ़ता है। जनता की सेवा ही उनका धर्म होता है। संसदीय सचिव श्री साहू ने अपने स्वयं के जीवन के प्रसंग का जिक्र करते हुए कहा कि 1994 में जब तत्कालीन मध्यप्रदेश में पहली बार त्रिस्तरीय पंचायतीराज व्यवस्था लागू हुई थी तो उन्होंने भी पहली बार चुनाव लड़ा था और पंच बने थे। आप सब के सहयोग से आज मैं यहां तक पहुंचा हूं।
संसदीय सचिव श्री तोखन साहू ने पंच-सरपंचों से कहा कि अध्ययन भ्रमण के दौरान आप जो कुछ देखेंगे, सीखेंगे, उसका उपयोग भविष्य में गांव के विकास के लिए करें, जिससे बेहतर व्यवस्थाएं हो सकें। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि वे आम जनता के सुख-सुविधाओं का ख्याल रखें। यदि कोई ग्रामीण शासन की किसी योजना का लाभ लेने का पात्र है, तो उसे जरूर लाभ दिलाएं। अपर विकास आयुक्त एवं हमर छत्तीसगढ़ योजना के नोडल अधिकारी श्री सुभाष मिश्रा ने श्री साहू को योजना के तहत वर्तमान में जनप्रतिनिधियों के लिए संचालित कार्यक्रमों और प्रशिक्षण की जानकारी दी।  
क्रमांक-.1501/कमलेश

प्रदेश को ग्यारह नवोदय विद्यालयों की नई सौगात : मुख्यमंत्री आज करेंगे आधा दर्जन नवोदय विद्यालयों का शुभारंभ

रायपुर, 13 जुलाई 2017 प्रदेश को ग्यारह नवोदय विद्यालयों की नई सौगात मिली है।  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह कल 14 जुलाई को बालोद जिले के प्...